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adminApril 8, 20191min00

2018 में संयुक्त राष्ट्र की इंटरगवर्नमेंटल पैनल क्लाइमेट चेंज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक तापमान को नियंत्रित करने के लिए हमारे पास केवल 12 साल हैं। यदि हम ऐसा करने में विफल रहते हैं तो परिणाम भयावह होंगे, क्योंकि उच्च तापमान से अत्यधिक गर्मी, समुद्र का जल स्तर बढ़ना, अकाल और बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में धरती पर हम इंसानों का अस्तित्व बचा रह पाएगा, इस पर संदेह है। एक तरह से कहें तो अगर हम समय पर नहीं चेते तो हमारा विनाश तय है।

इस पृथ्वी को बचाने के लिए भारत सहित दुनिया के कई राष्ट्रों ने स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने के साथ-साथ हरित आवरण को बढ़ाकर अपने कार्बन उत्सर्जन में कटौती करने के लक्ष्य निर्धारित किए हैं। वर्तमान में भारत में कुल 24.4 प्रतिशत का हरित आवरण है, और इसे बढ़ाकर 33 प्रतिशत करने की योजना है। सरकार के अलावा, कई एनजीओ और व्यक्ति भी इसमें योगदान देने के लिए आगे आए हैं। इनमें 48 वर्षीय राधाकृष्णन नायर भी शामिल हैं जिन्होंने अब तक छह लाख से अधिक पेड़ लगाए हैं। खास बात यह है कि उन्होंने ये सारा काम अपने बूते किया है।

राधाकृष्णन गुजरात में उमरगाम अपैरल वेलफेयर एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष हैं। उन्होंने 2017 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा वसुंधरा पुरस्कार जैसे कई प्रशंसा और पुरस्कार अर्जित किए। उन्होंने राजस्थान, गुजरात, बंगाल और छत्तीसगढ़ सहित सात राज्यों में 40 के जंगलों को संवारा है। तो यह सब कैसे शुरू हुआ? राधाकृष्णन शुरू से ही पर्यावरण को बचाने के लिए इतने गंभीर नहीं थे। शुरू में वे बस अपना बिजनेस चलाते थे और आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए काम करते थे। राधाकृष्णन श्री पूर्णिका एक्सपोर्ट नाम से कंपनी चलाते हैं।

पेड़ों के साथ राधाकृष्णन की कोशिश छह साल पहले शुरू हुई जब उन्होंने देखा कि गुजरात में एक सड़क परियोजना के लिए लगभग 175 पेड़ काटे जा रहे हैं। उन्होंने द न्यूज मिनट को बताया, ‘मैंने एक पार्टनर के साथ जमीन का एक टुकड़ा खरीदा और हमने वहां 1,500 पेड़ लगाने के लिए अकीरा मियावाकी की जापानी पद्धति का उपयोग करने का फैसला किया। अकीरा एक जापानी वनस्पतिशास्त्री हैं जो बंजर जमीनन पर देशी जंगलों को बहाल करने के अपने तरीकों के लिए जाने जाते हैं।

अकीरा के तरीके को जानने के लिए राधाकृष्ण और उनके साथी ने जापानी टीम संपर्क किया जो उन्हें इस विधि को बताने के लिए भारत आई। राधाकृष्णन ने अपना पहला जंगल उम्बरगाँव, गुजरात में एक एकड़ भूमि पर लगाया। यह जंगल जल्द ही फलने लगा इससे महाराष्ट्र के कुछ अधिकारी प्रभावित हुए और उन्होंने राधाकृष्णन से अपने यहां भी ऐसे ही पौधे लगाने के लिए कहा। उन्होंने 2016 में 38 किस्मों के 32,000 पौधे लगाए। मातृभूमि के अनुसार, महात्मा गांधी ऑक्सीज़ोन के नाम पर, राधाकृष्णन ने पंडरीपानी, और जुरीदा गाँव, छत्तीसगढ़ में सात एकड़ भूमि पर एक लाख से अधिक पेड़ लगाए। इसके अतिरिक्त, जंगल के बीच में ढाई एकड़ जमीन पर एक कृत्रिम झील भी बनाई गई थी।

अब राधाकृष्णन ने पुलवामा हमले के शहीदों के नाम पर जंगल लगाने की योजना बनाई है। जंगल का नाम ‘पुलवामा शाहिद वन’ होगा, और इसमें 40 किस्मों के 40,000 पेड़ होंगे। हरियाली के प्रति अपने प्रेम के अलावा, राधाकृष्णन गुजरात और महाराष्ट्र में तीन प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित करते हैं। यहां, उन्होंने गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 10,000 से अधिक व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया है ताकि वे बेहतर जीवन यापन कर सकें।


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adminApril 8, 20191min00

शाहरुख खान पिछले साल रिलीज हुई फिल्म ‘जीरो’ की असफलता के बाद से अपने अगले प्रोजेक्ट को लेकर काफी सलेक्टिव हो गए हैं. इसी के चलते किंग खान ने राकेश शर्मा की बायोपिक मूवी से हाथ खींच लिए थे. अब खबर है कि शाहरुख खान अपनी हिट फ्रेंचाइजी डॉन-3 से भी बाहर हो गए हैं. निर्माता शाहरुख खान के रिप्लेसमेंट के तौर पर रणवीर सिंह के नाम पर विचार कर रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहरुख खान ने निजी कारणों का हवाला देकर डॉन 3 छोड़ दी है. इसके बाद जोया अख्तर प्रोडक्शन, मेन लीड एक्टर की तलाश में है. ऐसे में कहा जा रहा है कि जोया अख्तर अपने फेवरेट रणवीर सिंह को कास्ट करने की कोशिश में हैं. दोनों के बीच फिल्म को लेकर बातचीत भी चल रही है. बता दें कि रणवीर सिंह, जोया के डायरेक्शन में दो बार काम कर चुके हैं.

 

जोया अख्तर फीमेल लीड के लिए कटरीना कैफ के नाम पर विचार कर रही हैं. जोया के साथ कटरीना ने फिल्म ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ में काम किया था. पहले खबर थी कि इस साल के मिड में डॉन 3 की शूटिंग शुरू हो जाएंगी.

2006 में डॉन रिलीज हुई थी. इसमें शाहरुख खान और प्रियंका चोपड़ा लीड रोल में थे. वहीं, करीना कपूर खान गेस्ट रोल में दिखीं. फिर 2011 में डॉन 2 आई. इसमें शाहरुख खान, प्रियंका चोपड़ा और लारा दत्ता लीड रोल में थे. देखना होगा कि शाहरुख खान के डॉन-3 छोड़ने के बाद मेकर्स की तलाश किस एक्टर पर जाकर रुकती है.

उधर, रणवीर सिंह इन दिनों फिल्म ’83’ की तैयारियों में व्यस्त हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 83 की स्टारकास्ट धर्मशाला में है. जहां वे पूर्व क्रिकेटर कपिल देव से क्रिकेट की बारीकियों को सीख रहे हैं. मूवी की शूटिंग 15 मई से लंदन में शुरू होगी. फिल्म ’83’ को 10 अप्रैल 2019 में रिलीज किया जाएगा. इसका निर्देशन कबीर खान कर रहे हैं.


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adminApril 8, 20191min00

टोक्यो के एक रेस्त्रां में दुनिया के सबसे महंगे बर्गर की बिक्री शुरू हो गई है. इसे Oak Door स्टीकहाउस में काम करने वाले शेफ पैट्रिक शिमादा ने तैयार किया है. इसे बनाने के लिए खास चीजों का इस्तेमाल किया गया है.

दुनिया का सबसे महंगा बर्गर, कीमत 63000, तीन दिन पहले होगी बुकिंग

दुनिया के सबसे महंगे बर्गर की बिक्री करीब 63 हजार रुपये में हो रही है. इसकी बिक्री जून तक ही की जाएगी. इसका नाम गोल्डेन जॉयंट बर्गर रखा गया है.

दुनिया का सबसे महंगा बर्गर, कीमत 63000, तीन दिन पहले होगी बुकिंग

इस बर्गर को बनाने के लिए बीफ स्लाइस, चीज, टोमैटो और अन्य आइटम का इस्तेमाल किया गया है. लेकिन इसमें सबसे खास है डस्टेड गोल्ड से बना हुआ इसका बन.

दुनिया का सबसे महंगा बर्गर, कीमत 63000, तीन दिन पहले होगी बुकिंग

यह बर्गर 6 इंच चौड़ा और 10 इंच लंबा है. इसे जापान के क्राउन प्रिंस नरुहितो के पद संभालने के सेलिब्रेशन के सिलसिले में तैयार किया गया है.

दुनिया का सबसे महंगा बर्गर, कीमत 63000, तीन दिन पहले होगी बुकिंग

जो भी व्यक्ति इस बर्गर का ऑर्डर करना चाहता है, उसे तीन दिन एडवांस में बुकिंग करनी होगी. इसे बनाने वाले शेफ पैट्रिक ने कहा कि जापान नए इम्पीरियल एरा में प्रवेश कर रहा है. ये मौका जिंदगी में एक बार आता है और इसलिए उन्होंने कुछ खास करने का सोचा.


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adminApril 8, 20191min00

सैर करने के फायदे-

-रोजाना 30 मिनट की वॉक करने से शरीर की हड्डियां मजबूत बनती है.

-यदि आप रोजाना सैर करते हैं तो आप अपना अतिरिक्त वजन भी आसानी से कम कर सकते हैं.

-भागदौड़ भरी जिंदगी के चलते  तनाव आपको मुफ्त में मिलता है. ऐसे में सेहत के इस दुश्मन को आप रोजाना सैर पर जाकर दूर भगा सकते हैं.

-सैर करने से शुगर, कैंसर जैसी बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है.

-सैर करने से शरीर की मांसपेशियां मजबूत बनने के साथ आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ जाती है.

-रोजाना वॉक करने से आपका ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है.   

सैर पर जाने से पहले ध्यान रखें ये बातें-

– शायद ही आप जानते होंगे कि भ्रमण पर जाने से पहले व्यक्ति को शौच जरूर जाना चाहिए.

-सैर पर जाने से पहले मौसम के अनुसार कपड़े पहनें, अन्यथा आप बीमार पड़ सकते हैं.

-यदि सैर करते समय आपको चलने में तकलीफ महसूस हो रही हो या फिर सांस फूलना, सीने में दर्द जैसा कुछ महसूस हो रहा हो तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएं.

सैर करने का तरीका कुछ इस तरह बदलें-

अगर आप चाहते हैं कि सुबह सैर पर दिए 30 मिनटों का आपको भरपूर फायदा मिले तो आपको अपनी सैर को पावर वॉकिंग में बदल दें. इसके लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना होगा.

-कभी भी अपनी सैर को 20 से 30 मिनट से जयादा का समय न दें.

-कोशिश करें कि सैर करते समय हाथों और पैरों पर कोई डम्बल या हल्का वेट बांध लें. ऐसा करने से आपको सैर का ज्यादा फायदा मिल पाएगा.

-अच्छे रिजल्ट पाने के लिए हफ्ते में 3 से 4 दिन सैर करना भी काफी होता है.


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adminApril 8, 20191min00

Nokia ब्रांड के तहत स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी HMD ग्लोबल ने भारत में नोकिया के कुछ स्मार्टफोन्स की कीमत में कटौती की है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, HMD ग्लोबल ने 6GB रैम और 64GB स्टोरेज वाले Nokia 6.1 Plus, Nokia 2.1 और Nokia 1 स्मार्टफोन की कीमत में कटौती की है. अलग-अलग मॉडल की कीमतों में 1,000 रुपये से लेकर 1,500 रुपये तक की कटौती की गई है. माना जा सकता है कि कंपनी द्वारा ये कदम ग्राहकों को लुभाने के लिए उठाया गया है.

NokiaPowerUser की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने रिटेल पार्टनर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स को एक नोट भेजा है, जिसमें कंपनी ने कीमतों में कटौती की जानकारी दी है. नई कीमतें 4 अप्रैल से ही प्रभावी हो गई हैं. नोट के मुताबिक, Nokia 1 अब 4,999 रुपये की जगह 3,999 रुपये में उपलब्ध होगा. यहां 1,000 रुपये की कटौती की गई है. कीमत के लिहाज से अब इसका मुकाबला हाल ही में लॉन्च हुए शाओमी रेडमी गो से होगा. साथ ही अब ये भारतीय बाजार में किसी बड़ी कंपनी का सबसे सस्ता एंड्रॉयड गो स्मार्टफोन भी बन गया है.

नोट के अनुसार Nokia 2.1 को अब कीमत में कटौती के बाद 6,499 रुपये की जगह 5,499 रुपये में सेल किया जा रहा है. यानी यहां भी 1,000 रुपये की कटौती की गई है. इसके अलावा Nokia 6.1 Plus 6GB/64GB वेरिएंट की कीमत अब 18,499 रुपये की जगह 16,999 रुपये कर दी गई है. यानी यहां 1,500 रुपये की कटौती की गई है.  

इसके अलावा ग्राहक 5 अप्रैल से लेकर 20 अप्रैल 2019 के बीच HDFC क्रेडिट या डेबिट कार्ड के साथ EMI ऑफर Pinelabs के जरिए सेलेक्ट करते हैं उन्हें 15 प्रतिशत कैशबैक का भी लाभ मिलेगा. गौर करने वाली बात ये भी नई कीमतें ऑनलाइन भी दिखाई पड़ रही हैं. ऐसे में नई कीमतों में Nokia 1, Nokia 2.1 या Nokia 6.1 Plus को खरीदने वाले ग्राहक ऑनलाइन भी इन स्मार्टफोन्स को खरीद सकते हैं.


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adminApril 3, 20191min00

दुनिया भर में सऊदी अरब की इस कंपनी ने साल 2018 में कमाई का सारा रिकॉर्ड तोड़ दिया है. सऊदी अरामको नाम की इस कंपनी ने 2018 में कुल 111.1 अरब डॉलर (7.66 लाख करोड़ रुपये) की कमाई की है. आप सोच रहे होंगे कि इतनी कमाई करने वाली यह कंपनी पहले सुर्खियों में क्यों नहीं थी? इसकी वजह यह है कि कंपनी किसी स्टॉक एक्सजेंच में रजिस्टर नहीं है. हालांकि पिछले साल यह कंपनी आईपीओ जारी करने वाली थी.

1. कंपनी की खासियत: सऊदी अरामको (Saudi Aramco) दुनिया की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी के रूप में जानी जाती है. इस कंपनी का मुनाफा एप्पल, अल्फाबेट और एग्जॉन से काफी ज्यादा है. एग्जॉन मोबिल अमेरिका की सबसे बड़ी तेल तेल कंपनी है. आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 में इस कंपनी का मुनाफा एप्पपल से 46 फीसदी ज्यादा था. 2018 में एप्पल की कमाई 59.5 अरब डॉलर थी.

2. सऊदी सरकार के लिए संजीवनी: सऊदी अरामको के पास दुनिया के कई बड़े तेल क्षेत्र हैं और कंपनी को यह बेहद सस्ते में मिले हैं. 2018 में अरामको ने सऊदी सरकार को 160 अरब डॉलर की रकम दी थी. वहीं क्राउन प्रिंस सलमान चाहते हैं कि अरामको दो ट्रिलियन डॉलर की कंपनी बनकर उभरे. भारत की कुल अर्थव्यवस्था पांच ट्रिलियन डॉलर की है.

3. पहली बार कमाई की घोषणा: सऊदी अरामको कंपनी ने पहली बार अपनी कमाई की घोषणा की है. कंपनी की तरफ से जारी किए गए वित्तीय नतीजों के अनुसार सालभर में अरामको का कुल रेवेन्यू 355.9 अरब डॉलर रहा. दिसंबर 2018 के अंत तक इस कंपनी के पास 48.8 अरब डॉलर की नकदी थी.

4. कंपनी का अगला प्लान: कंपनी का अगला प्लान बॉन्ड बेचकर 10 अरब डॉलर जुटाना का है. सऊदी अरब सरकार के लिए यह कंपनी आय का बड़ा जरिया है. क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज और फिंच की मानें कुल टैक्स का 50 फीसदी सरकार को इसी कंपनी से मिलती है. फिंच के मुताबिक 2015-17 तक देश का 70 फीसदी रेवेन्यू इसी कंपनी से था.

5. कंपनी का इतिहास: दुनिया भर में आज अपनी कमाई को लेकर चर्चित इस कंपनी की स्थापना अमरीकी तेल कंपनी ने की थी. अरामको यानी ‘अरबी अमरीकन ऑइल कंपनी’ का सऊदी अरब ने 1970 के दशक में राष्ट्रीयकरण कर दिया था. हालांकि यह कंपनी पारदर्शिता को लेकर विवादों में भी रही है.


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adminApril 3, 20192min00

अजय देवगन की फिल्म ‘दे दे प्यार दे’ का ट्रेलर मंगलवार को लॉन्च हो गया है. फिल्म में रकुल प्रीत सिंह और तब्बू अजय के अपोजिट हैं. दे दे प्यार दे को इसी साल 17 मई को रिलीज किया जाएगा. फिल्म में जावेद जाफरी और जिम्मी शेरगिल भी अहम भूमिकाओं में हैं. फिल्म के ट्रेलर को खूब सराहा जा रहा है. संवाद भी जबरदस्त है. आइए एक नजर डालते हैं ट्रेलर के संवादों पर…

#1- बड़े बुजुर्ग कहते हैं शौक उम्र देखकर पालने चाहिए.

बुजुर्ग कहते हैं शौक उम्र देखकर पालो, 'दे दे प्यार दे' के 8 संवाद
 
#2- लोगों के बुढ़ापे का सहारा उनके बच्चे होते हैं, उनके बच्चों के उम्र की बीवी नहीं.
 
बुजुर्ग कहते हैं शौक उम्र देखकर पालो, 'दे दे प्यार दे' के 8 संवाद
 
#3- मैं दुनिया का पहला आदमी नहीं हूं जो अपने से छोटी लड़की को डेट कर रहा है.
 
बुजुर्ग कहते हैं शौक उम्र देखकर पालो, 'दे दे प्यार दे' के 8 संवाद

#4- क्या मैं अपने घर नहीं आ सकता, बिल्कुल आ सकता है लेकिन पूछ कर

बुजुर्ग कहते हैं शौक उम्र देखकर पालो, 'दे दे प्यार दे' के 8 संवाद
 
#5- पैर नहीं छुएगा, बोलने के बाद क्या फायदा.
 
बुजुर्ग कहते हैं शौक उम्र देखकर पालो, 'दे दे प्यार दे' के 8 संवाद
 
#6- तुमने मुझे बताया क्यों नहीं कि तुम्हारे बच्चे मेरी उम्र के हैं? हम 18 साल पहले अलग हो गए थे. इशांत 3 और इशिका 7 साल की थी. 7 प्लस 18 बराबर 25 हो गया ना.
 
बुजुर्ग कहते हैं शौक उम्र देखकर पालो, 'दे दे प्यार दे' के 8 संवाद
 
#7- पता नहीं लंदन में क्या होता है पर यहां तो अपने से 20 साल बड़े लोगों को अंकल बोलते हैं.
 
बुजुर्ग कहते हैं शौक उम्र देखकर पालो, 'दे दे प्यार दे' के 8 संवाद

#8- पता है आएशा हम कॉलेज में थे जब ये गाना आया था, आप इतनी पुरानी है?


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adminApril 3, 20191min00

वीरेंद्र सहवाग अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं. उनके वन लाइनर्स बहुत पसंद किए जाते हैं. अपने मजेदार ट्वीट की वजह से सुर्खियों में बने रहते हैं. क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी उनके चाहने वालों में कमी नहीं आई है.  

सहवाग जहां जाते हैं उनके चाहने वाले उनकी एक झलक पाने को पीछे-पीछे पहुंच जाते हैं. उनके फैन्स से जुड़ा एक दिलचस्प वाक्या उनके ससुराल का है. एक टीवी इंटरव्यू में सहवाग ने बताया था कि एक बार उन्हें ससुराल से निकलने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी थी.

सहवाग कहते हैं, ‘मैं पहली बार जब शादी से पहले अपने ससुराल गया. लेकिन वहां पहुंचने के बाद मुझे निकलने का मौका नहीं मिला. घर के नीचे करीब 10 हजार लोग एकत्रित हो गए. इसके बाद पुलिस को बुलाया गया. पुलिस ने पूरा क्राउड हटाया फिर मैं वहां से निकल पाया.’

सहवाग ने कहा, ‘उस दिन के बाद मैंने तय किया कि अब ससुराल नहीं आउंगा. नहीं तो फिर निकलने की मुसीबत हो जाएगी.’ मैदान के अंदर हों या बाहर सहवाग हमेशा अपने बिंदास अंदाज में देखे जाते हैं. यही कारण है कि बड़े-बड़े क्रिकेटर उनकी तारीफ करते नहीं थकते. महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से जब एक कार्यक्रम के दौरान पूछा गया कि आप नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़े होकर किस खिलाड़ी को खेलते देख सबसे ज्यादा एंजॉय करते हैं, उनका जवाब था वीरेंद्र सहवाग.

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रन नहीं बनने पर क्रीज पर भजन गाते थे सहवाग

वीरेंद्र सहवाग मैदान पर गाने गाते थे यह सभी जानते हैं. लेकिन बहुत कम ही लोग यह बात जानते हैं कि वो मैदान पर भजन भी गाते थे. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि जब वो रन नहीं बना पाते थे तो क्रीज पर खड़े होकर भजन गाना शुरू कर देते थे और जैसे ही रन बनने शुरू होते थे वो बॉलीवुड के गानों पर आ जाते थे.

जब गाना भूलने पर 12वें खिलाड़ी को क्रीज पर बुलाया

एक अवॉर्ड शो के दौरान सहवाग एक किस्सा सुनाते हुए बताते हैं कि वो राहुल ड्रविड़ के साथ 200 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे थे. उस दौरान काफी देर से वह गाना गुनगुना रहे थे. मैच अच्छा चल रहा था, चौके-छक्के लग रहे थे. इसी बीच ड्रिंक्स ब्रेक हुआ. इसके बाद वो खिलाड़ियों के साथ बातें करने लगे. लेकिन जब दोबारा मैच शुरू हुआ तो सहवाग गाने के बोल (लिरिक्स) भूल गए.

जिसके बाद दो से तीन ओवर निकल गए और वो रन नहीं बना पा रहे थे क्योंकि उनका दिमाग गाने के बोल याद करने में व्यस्त था. तभी राहुल द्रविड़ ने सहवाग से पूछा कि सब ठीक है? इस पर सहवाग ने पूछा क्यों..? तो ड्रविड़ ने कि कहा कि बहुत देर से चौका-छक्का नहीं लगा. हालांकि, सहवाग ने राहुल को कुछ नहीं बताया और 12वें खिलाड़ी को बुलाया.

सहवाग ने 12वें खिलाड़ी से कहा कि जाकर मेरा आईपॉड निकालना, वीरू टू के नाम की प्ले लिस्ट खोलना और उसके अंदर जो छठा गाना है उसके लिरिक्स आकर बताना. इसके बाद उन्होंने गाना सुना और फिर गुनगुनाते हुए 319 रन की पारी खेली. यह गाना था ‘चला जाता हूं किसी की धुन में धड़कते दिल के, तराने लिए.’ 319 रन की पारी खेलने के बाद सहवाग भारत की तरफ से तिहरा शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने थे. यह मैच 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में खेला गया था.


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adminApril 3, 20191min00

रिलायंस Jio GigaFiber की कमर्शियल लॉन्चिंग होनी बाकी है, लेकिन लॉन्च से पहले ही स्पीड समेत कई और महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक हो गईं हैं. इसे ही ध्यान में रखकर Airtel ब्रॉडबैंड सेगमेंट में कॉम्पिटिशन में आगे रहने के लिए ढेरों ऑफर्स ग्राहकों को उपलब्ध करा रहा है. एयरटेल अपने ग्राहकों को तीन महीने के लिए अमेजन प्राइम सब्सक्रिप्शन और नेटफ्लिक्स सब्सक्रिप्शन, डेटा कैरी फॉर्वर्ड का ऑप्शन और लॉन्ग टर्म प्लान में डिस्काउंट जैसे फायदे दे रहा है. इन सबके अलावा कंपनी 6 महीने की वैलिडिटी के साथ 1000GB या 1TB बोनस डेटा भी दे रही है. इसे मौजूदा ब्रॉडबैंड प्लान के फायदे के साथ यूज किया जा सकता है.

पहले ये बोनस डेटा का ऑफर 31 मार्च, 2019 तक के लिए उपलब्ध कराया गया था. हालांकि अब इस वैलिडिटी को बढ़ाया गया है और फिलहाल इसकी एक्सपायरी डेट नहीं बताई गई है. यानी अगर अब आप Airtel V-Fiber ब्रॉडबैंड प्लान सेलेक्ट करते हैं तो आपको 6 महीने के लिए एडिशनल डेटा का लाभ मिलेगा. एयरटेल वी-फाइबर प्लान की शुरुआत कुछ शहरों में 399 रुपये से होती है और 300 Mbps की स्पीड वाले कुछ प्रीमियम प्लान्स की कीमत 2,199 रुपये है.

आपको बता दें दिल्ली जैसे कुछ शहरों में मंथली प्लान 499 रुपये से शुरू होते हैं, हालांकि ये 6 मंथ या 12 मंथ प्लान के तौर पर ही उपलब्ध है. एयरटेल इन प्लान्स में कोई बोनस डेटा नहीं दे रहा है. एयरटेल जिन प्लान्स में बोनस डेटा दे रहा है वो प्लान्स 799 रुपये मंथली रेंटल वाले हैं. इसमें 40 Mbps स्पीड के साथ 100GB FUP डेटा दिया जाता है. एयरटेल की ओर से 799 रुपये वाले सब्सक्राइबर्स को 500GB बोनस डेटा मिलेगा. इसी तरह 999 रुपये वाले सब्सक्राइबर्स को 1000GB बोनस डेटा मिलेगा. इसमें 1000 Mbps स्पीड के साथ 250GB FUP डेटा मिलता है.

इसी तरह 1,299 रुपये वाले प्लान की बात करें तो इसमें 100 Mbp स्पीड के साथ 500GB FUP डेटा दिया जाता है, अब इस प्लान में भी ग्राहकों को 1000GB या 1TB बोनस डेटा मिलेगा. एयरटेल के पोर्टफोलियो में सबसे महंगा मंथली रेंटल प्लान 1,999 रुपये वाला है. इस प्लान में भी ग्राहकों को 1000GB बोनस डेटा मिलेगा. आपको बता दें 999 रुपये, 1,299 रुपये और 1,999 रुपये वाले प्लान में डेटा रोलओवर फैसिलिटी के साथ-साथ फ्री नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम का भी सब्सक्रिप्शन मिलता है. आप अपने शहर का प्लान एयरटेल की वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं.


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adminApril 1, 20191min00

जब साल 2014 में पीएम मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी। उस समय उनका लक्ष्य भारत को कचरा मुक्त साफ देश बनाने में योगदान देने के लिए हर नागरिक को प्रेरित करना था। उनकी इस मुहिम को कई लोगों ने समझा और कई लोग, संगठन और संस्थाएं कचरे को समाप्त करने के नए-नए आइडिया के साथ आए। इनमें अंगराज स्वामी, उत्सव गोयल, गौरव संघाई और नितिन सागर भी हैं। इन चारों ने साथ मिलकर कचरे के ठीक से निस्तारण और पुर्नपयोग के उद्देश्य से इकोरैप (Ecowrap) की स्थापना की।

इकोरैप का पूरा नाम इको, वेस्ट ऐंड रिसोर्सेज ऐक्शन प्रोग्राम है। जयपुर आधारित यह स्टार्टअप लोगों में कचरा या अवशिष्ट पदार्थों का पृथ्कीकरण (अलग-अलग) करने, उनको रीसाइकल करके नए उत्पाद बनाने के बारे में जागरुकता पैदा करता है। इसके अलावा यह डिजाइनिंग के छात्रों और स्थानीय शिल्पकारों को रोजगार भी प्रदान करता है। यकीन नहीं हो रहा ना? हालांकि यह सच और अच्छा है। यह मई 2017 में लोगों के बीच कचरे के प्रबंधन को लेकर जागरुकता फैलाने शुरू किया गया था। अब इकोरैप उन जगहों पर काम कर रहा है जहां अधिक मात्रा में कचरा उत्पादन है। इस समय यह जयपुर की लगभग 40 Oyo प्रॉपर्टियों के साथ काम करा है। ओयो के अलावा यह बार्बिक्यू, बीकानेर वाला और कबाब ऐंड करीज जैसे बड़े नामों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

बीकानेर वाला के मैनेजर आनंद उपाध्याय ने बताया, ‘हम इकोरैप के साथ 4 महीने से अधिक समय से काम कर रहे हैं। वे हमें कचरे के प्रबंधन, पृथ्कीकरण से लेकर रीसाइकलिंग की मात्रा बढ़ाने के अवसरों को लेकर सलाह देते रहते हैं।’ इकोरैप ने लोगों में डस्टबिन के उपयोग की आदत को बढ़ावा देने के साथ-साथ पृथ्कीकरण के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए शुरुआत में लोगों को डस्टबिन बांटे। लोगों में इस आदत को बढ़ावा देने के लिए इकोरैप ने वेस्ट मोनेटाइजेशन स्कीम (यानी खराब कचरे के बदले पैसे का भुगतान योजना) शुरू की। इकोरौप के को फाउंडर अंगराज के मुताबिक, ‘हम इनऑर्गेनिक कचरे (ग्लास, पेपर, प्लास्टिक और धातु) के लिए लोगों को भुगतान करते हैं और ऑर्गनिक कचरे के लिए लोगों से पैसे लेते हैं।’

यह नया स्टार्टअप 1 किलो ग्लास के कचरे के लिए 4 रुपये, 1 किलो प्लास्टिक कचरे के लिए 10 रुपये और 1 किलो पेपर के कचरे के लिए 11 रुपये का भुगतान करता है। इसके अलावा ऑर्गेनिक कचरा देने पर यह स्टार्टअप लोगों से 3 रुपये/किलो के हिसाब से शुल्क लेता है। साथ ही यह ऐल्युमिनियम फॉइल और मेटल कचरा देने पर 40 रुपये प्रति किलो और बियर व सॉफ्ट ड्रिंक कैन देने पर 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब भुगतान करता है। यह शहर की ऑटोमोबाइल्स दुकानों से खराब टायर भी इकठ्ठे करता है। इकोरैप के पास अपना खुद का लॉजिस्टिक सिस्टम है। इसमें 4 छोटे ट्रक शामिल हैं जिनमें ये शहर से कचरा इकठ्ठा करते हैं।

इकठ्ठा करने के बाद ये कचरे को रीसाइकलिंग के लिए प्लान्ट में लेकर जाते हैं। कचरे को दो भागों में बांटा जाता है। मेटल, पेपर और प्लास्टिक को रीसाइकल करने के लिए जयपुर में इकोरैप ने जयपुर में कुछ कंपनियों से साझेदारी की है। वहीं, टायर और ग्लास के कचरे को भांकरोटा स्थित इकोरैप के खुद के रीसाइकल प्लांट ले जाया जाता है। अंगराज ने बताया कि टायर के लिए वे 6 रुपये प्रति किलो के हिसाब से शुल्क लेते हैं। आमतौर पर टायर्स से सोफा और कुर्सियों के लिए सीट बनाई जाती हैं। ग्लास के कचरे से लैंप बनाए जाते हैं।

फर्नीचर और लैंप के डिजाइन बनाने के लिए इकोरैप स्थानीय शिल्पकार और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्राफ्ट डिजाइनिंग से छात्रों को इंटर्नशिप के लिए भर्ती करते हैं। अंगराज ने बताया कि कई बार अगर ग्राहक की इच्छा होती है तो वे ग्राहकों को कचरे के बदले कैश की बजाय रीसाइकल प्रॉडक्ट देते हैं। इकोरैप के ग्राहकों में मल्टिनेशनल प्रॉफेशनल सर्विस फर्म अर्नेस्ट ऐंड यंग (EY) भी शामिल है। अंगराज ने बताया कि ईवाई ने हाल ही में उनसे 4 पुनर्निमित (दोबारा बनाए गए) सोफे खरीदे हैं। साथ ही इकोरैप ने शहर के कुछ सरकारी स्कूलों में टायर के कचरे से बने स्विंग (झूले) भी लगाए हैं। 27 साल के अंगराज ने दिल्ली विश्वविद्यालय से फिजिक्स की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा दिल्ली में उनका खुद का एक पेपर बनाने का प्लांट है। वह कहते हैं, ‘रोज काम से लौटते वक्त मैं दिल्ली में स्थित मुकरबा चौक (कचरे का मैदान) को देखकर सोचता था कि मैं इसे बदलने के लिए क्या करूं?’

वह अपने होमटाउन (गृहनगर) लौटे। वहां उनकी मुलाकात प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के ग्रैजुएट छात्र नितिन (30) और गौरव (25) से हुई। दोनों ने इकोरैप शुरू करने के लिए कॉलेज छोड़ने का प्लान बना लिया था। वहीं, उत्सव (जो कि मणिपाल यूनिवर्सिटी का एक छात्र था) इकोरैप के साथ में शुरुआती इंटर्न था। अंगराज ने कहा कि हम उसकी (उत्सव की) क्षमताओं को पहचान गए थे और हमने उसे एक को फाउंडर के तौर पर इकोरैप से जुड़ने के लिए कहा।

इस समय रीसाइकलिंग प्लान्ट पर टीम में ड्राइवर, कार्यकर्ताओं सहित कुल 12 सदस्य हैं। अंगराज ने कहा कि हमने जयपुर से बाहर काम करने के बारे में सोचा था क्योंकि मेट्रो शहरों में काम शुरू करना काफी मुश्किल और महंगा होता है। देखा जाए तो जयपुर का जनसंख्या घनत्व कम है और जयपुर में कचरे को नियंत्रित करना बाकी मेट्रो शहरों की तुलना में आसान है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में एक साल में 62 मिलियन टन यानी 6 करोड़ 20 लाख टन कचरा पैदा होता है और यह आंकड़ा हर साल लगभग 4 फीसदी के हिसाब से बढ़ रहा है। कंपनी के फाउंडर ने बताया, साहस, जीरो वेस्ट, नमो ई-वेस्ट और हसीरू डाला जैसे स्टार्टअप्स कचरा प्रबंधन क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इकोरैप का सर्कुलर इकनॉमी मॉडल ही कंपनी को बाकियों से अलग बनाता है। साथ ही अंगराज ने कहा कि औसत के तौर पर देखा जाए तो हर रोज इकोरैप हर ओयो प्रॉपर्टी से 150 किलो कचरा इकठ्ठा करता है। वहीं बार्बिक्यू से हर तीन दिन में अधिकतर मेटल वाला लगभग 60 किलो कचरा इकठ्ठा करते हैं।

रेवेन्यू की बात करें तो हमारा स्टार्टअप मेटल के कचरे को ऑटोमोबाइल और बाकी कंपनियों को बेचकर, कचरे को रीसाइकल करने वालों को बेचकर रीसाइकल प्रॉडक्ट्स को बेचकर आय कमाता है। इस साल फरवरी के महीने में हमारा स्टार्टअप अपने प्राथमिक चरण से बाहर निकलकर अब कमर्शियल स्केल पर आ गया है। अंगराज के मुताबिक, पिछले 11 महीनों में कंपनी ने 45 लाख रुपये की आय अर्जित की है। वहीं अभी तक फाउंडर्स ने स्टार्टअप में 11 लाख रुपये निवेश किए हैं।

इसके अलावा इकोरैप को हाल ही में राजस्थान सरकार की ओर से 10 लाख रुपये के लोन की स्वीकृति भी मिल गई है। स्टार्टअप अभी अपने कामों में तकनीक इस्तेमाल के बढ़ावा देने पर काम कर रहा है। अंगराज ने बताया कि उन्हें स्मार्ट सिटी प्रॉजेक्ट में शामिल होने के लिए भी निवेदन आ रहे हैं। इसके अलावा सूरत स्मार्ट सिटी प्रॉजेक्ट के लिए सूरत म्युनसिपल कॉर्पोरेशन से उनकी बातचीत अंतिम दौर में है। इसके अलावा इकोरैप चंडीगढ़, गुवाहाटी और भुवनेश्वर की नगर निकाय संस्थाओं से भी बातचीत जारी है। अंगराज ने कहा, हम जयपुर को आने वाले 10 सालों में कचरा मुक्त शहर बनाने के मिशन पर काम कर रहे हैं।



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