ज्ञानचंद

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adminApril 1, 20198min00

कुछ लोग बोलने से पहले तोलते हैं, कुछ लोग कुछ भी बोलते हैं और कुछ लोग बड़ा ही अजीब बोलते हैं. अंग्रेज़ी और हिंदी की ऐसी धज्जियां उड़ाते हैं कि अगर हिंदी और अंग्रेज़ी सुन लें, तो इनको बहुत मारे.

आइए, थोड़ा आप भी हंस लीजिए:


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adminMarch 28, 20191min00

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संदेश देते हुए बताया कि भारत ने पृथ्वी की निचली कक्षा में एंटी सैटेलाइट मिसाइल से एक सैटेलाइट को मार गिराया है. यह सैटेलाइट भारत में ही विकसित किया गया है. भारत के वैज्ञानिकों की ओर से जिस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया है, वह पृथ्वी की निचली कक्षा यानी लो अर्थ ऑर्बिट (Low Earth Orbit) में किया गया है. ऐसे में आपको बताते हैं कि आखिर यह लो अर्थ ऑर्बिट क्या है?

भारत ने पृथ्वी की सतह से 300 किलोमीटर दूर एक सजीव सैटेलाइट को गिराया है. भारत अंतरिक्ष में ये उपलब्धि हासिल कर अमेरिका, चीन और रूस के बाद ऐसा करने वाला चौथा बड़ा देश बन गया है. बता दें कि लो अर्थ ऑर्बिट यानी पृथ्वी की निचली कक्षा पृथ्वी के सबसे नजदीक ऑर्बिट (कक्षा) है. यह पृथ्वी की सतह से 160 किलोमीटर (99 मील) और 2,000 किलोमीटर (1,200 मील) के बीच ऊंचाई पर स्थित है.

यह पृथ्वी की सतह से सबसे नजदीक है. लो अर्थ ऑर्बिट के बाद मिडियन अर्थ ऑर्बिट, Geosynchronous ऑर्बिट और उसके बाद हाई अर्थ ऑर्बिट है. हाई अर्थ ऑर्बिट पृथ्वी की सतह से 35,786 किलोमीटर पर स्थित है.

बता दें कि साल 2022 में जो भारत की ओर से जो तीन भारतीय अंतरिक्ष भेजे जाएंगे, वो भी इस लो अर्थ ऑर्बिट में रहेंगे. इस प्रोजेक्ट को लेकर इसरो ने कहा था कि सिर्फ 16 मिनट में तीन भारतीयों को श्रीहरिकोटा से स्पेस में पहुंचा दिया जाएगा और तीनों भारतीय स्पेस के ‘लो अर्थ ऑर्बिट’ में 6 से 7 दिन बिताएंगे.

वहीं हाल ही में कुछ सैटेलाइट इस कक्षा में भेजे गए थे. निचली कक्षा से जमीन की दूरी कम होने की वजह से कनेक्शन काफी बेहतर होता है. कई सैटेलाइट के माध्यम से इंटरनेट की स्पीड में इजाफा करने का प्रयास भी किया गया है.


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adminMarch 27, 20198min00

अटपटे, ऊट-पटांग सवाल बनाने में भी दिमाग़ नहीं, Creative दिमाग़ लगता है.और ऐसे ही दिमाग़ से उत्पन्न कुछ सवालों की लिस्ट हाज़िर हैं   

1. अगर 21 को अंग्रेज़ी में ‘Twenty One’ बोलते हैं, तो 11 को ‘Onety-One’ क्यों नहीं? 

2. बरतन धोने के साबुन में असली नींबू और नींबू जूस में Artificial Flavors, ऐसा क्यों? 

3. ज़िन्दगी का क्या मतलब है? 

4. अगर Orange, Orange है तो Lemon, Yellow क्यों नहीं? 

5. 2 मिनट वाली मैगी 2 मिनट में क्यों नहीं बनती? 

6. औरतें, मुंह बंद करके Mascara क्यों नहीं लगा सकतीं? 

 

7. क्या अंधे लोगों को सपने आते हैं? 

8. Donald Duck नहाकर Towel पहनकर निकलता है, पर पैंट क्यों नहीं पहनता? 

 

9. क्या Shut Up का Opposite Shut Down नहीं होना चाहिए? 

10. जब Fart करने के बाद इतना हल्का महसूस होता है, तो लोग Fart करके शर्म क्यों महसूस करते हैं? 

11. क्या पानी के अंदर रो सकते हैं? 

12. गोल पिज़्ज़ा चौकोर डिब्बे में क्यों आता है? 

13. जब बस ड्राइवर बस से उतरता है तो बस का दरवाज़ा कौन बंद करता है? 

14. आपके टूथब्रश का क्या रंग है? 

15. फ़्रिज में लाइट होती है, फ़्रीज़र में क्यों नहीं? 

16. जब ग्रीनलैंड बर्फ़ से ढका है तो इसका नाम ग्रीनलैंड क्यों है? 

17. कंपनी वाले ‘आपको ये नौकरी क्यों चाहिए’ वाला सवाल क्यों पूछते हैं? 

18. अगर Light की स्पीड हो सकती है, तो Dark की क्यों नहीं? 

19. बर्फ़ पिघलने से पहले सफ़ेद होती है, पिघलने के बाद सफ़ेदी कहां चली जाती है? 

20. Island Float करते-करते दूर तक कैसे नहीं पहुंचते? 

21. आख़िर ये खोने वाले Eraser जाते कहां है? 


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adminMarch 26, 20191min00

Rangpanchami 2019: चैत्रमास की कृष्णपक्ष की पंचमी को खेली जाने वाली रंगपंचमी देवी देवताओं को समर्पित होती है. होली के पांच दिन बाद श्री रंगपंचमी मनाई जाती है. यह सात्विक पूजा आराधना का दिन होता है. श्री रंगपंचमी को धनदायक माना जाता है. ये पर्व महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में खासतौर पर मनाया जाता है. रंगपंचमी में होली की तरह रंग खेले जाते हैं. इसमें राधा कृष्ण जी को भी अबीर गुलाल लगाया जाता है. इस बार चैत्र कृष्ण श्री रंग पंचमी 25 मार्च 2019 सोमवार के दिन है.

मान्यता है कि रंगपंचमी पर पवित्र मन से पूजा पाठ करने से देवी देवता स्वयं अपने भक्तों को आशीर्वाद देने आते हैं. कुंडली के बड़े से बड़े दोष को इस दिन पूजा पाठ से काफी हद तक कम किया जा सकता हैं.  

 

रंगपंचमी के दिन जल में गंगा जल डालकर मुंह-हाथ धोएं-

– मां लक्ष्मी को गुलाब के फूल चढ़ाएं.

– रुई की दो बाती वाले घी का दीपक जलाएं.

– गुलाब की अगरबत्ती जलाएं.  

– सफ़ेद मिठाई और सेब चढ़ाएं.  

 

सरकारी नौकरी पाने के लिए रंगपंचमी पर ये दिव्य उपाय करें-

– रंगपंचमी के दिन सुबह के समय जल्दी उठकर स्नान करके गुलाबी रंग के कपड़े पहनें.

– शंख में जल भरकर उसमें दो चुटकी रोली और हल्दी डालें.

ॐ घृणि सूर्याय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें.

– इसके बाद कुशा के आसन पर खड़े होकर भगवान सूर्य नारायण को अर्घ्य दें.  

– भगवान सूर्य नारायण की तीन प्रदक्षिणा करें और गायत्री मंत्र का 27 बार पाठ करें.

 

पारिवारिक कलह क्लेश को दूर करने के लिए रंगपंचमी पर ये उपाय करें-

– रंगपंचमी के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठें और साफ वस्त्र पहनें.

– एक स्टील के लोटे में जल गुड़ और गंगाजल मिलाएं.

– ॐ श्री पितृदेवताय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें और यह जल पीपल के वृक्ष की जड़ में अर्पण कर दें.

– थोड़ा सा जल बचाकर घर ले आए और अपने घर में छिड़काव करें.

– ऐसा करने से पारिवारिक कलह क्लेश बहुत जल्दी खत्म होगी.

धन के लाभ के लिए रंगपंचमी पर ये उपाय करें-

–  रंगपंचमी के दिन कमल के फूल पर बैठें. लक्ष्मी नारायण के चित्र को घर के उत्तर दिशा में स्थापित करें और लोटे में जल भरकर रखें.  

– गाय के घी का दीपक जलाकर लाल गुलाब के फूल लक्ष्मी नारायण जी को अर्पण करें.

– अब एक आसन पर बैठकर ॐ श्रीं श्रीये नमः मंत्र का तीन माला जाप करें.

– लक्ष्मी नारायण जी को गुड़ और मिश्री का भोग लगाएं.

– जाप के बाद पूजा में रखा हुआ जल सारे घर में छिड़क दें.

– आपके घर में धन की बरकत कुछ समय बाद जरूर दिखाई देगी.


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adminMarch 22, 20193min00

भारत के सबसे समृद्ध कारोबारी साम्राज्य के दो भाइयों के बीच की दुश्मनी की जितनी चर्चा होती थी, अब उनके बीच का प्यार भी उतना ही सुर्खियों में हैं. मंगलवार को एशिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी ने अपने छोटे भाई अनिल अंबानी की 550 करोड़ की देनदारी चुकाकर उन्हें जेल जाने से बचा लिया. अनिल अंबानी ने भी सही वक्त पर मदद के लिए भाई और भाभी को शुक्रिया अदा किया.

एक साथ चले थे अंबानी ब्रदर्स, मुकेश से कैसे पिछड़ गए अनिल
 
कभी अनिल अंबानी भी दुनिया के अमीर शख्सियतों की सूची में 8वें नंबर पर थे लेकिन धीरे-धीरे उनका साम्राज्य पतन की तरफ बढ़ता गया. एक तरफ जहां मुकेश अंबानी के परिवार की शाही और भव्य शादी पर सबकी नजरें थीं, दूसरी तरफ छोटे भाई अनिल अंबानी के दिवालियापन की खबरें आ रही थीं. आखिरकार  मुकेश अंबानी अपने भाई की मदद के लिए आगे आए.
 
एक साथ चले थे अंबानी ब्रदर्स, मुकेश से कैसे पिछड़ गए अनिल
 
पिछले कुछ सालों में दोनों भाइयों की दौलत में फर्क बढ़कर 40 अरब डॉलर हो चुका है. ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक, बड़े भाई मुकेश अंबानी रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड के जरिए टेलिकॉम क्रांति से उनका पेट्रोकेमिकल रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड 100 अरब डॉलर के क्लब में शुमार हो गया है. उनकी कुल संपत्ति करीब 43.1 अरब डॉलर है और वह चीन के जैक मा और माइक्रोसॉफ्ट स्टीव बालमेर से भी आगे हैं.

जहां मुकेश अंबानी सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहे हैं, वहीं 2 साल छोटे अनिल अंबानी की नैया डूबने की कगार पर आ गई है. कई कानूनी और आर्थिक संकट की वजह से अनिल की संपत्ति में तेजी से गिरावट आई है

एक साथ चले थे अंबानी ब्रदर्स, मुकेश से कैसे पिछड़ गए अनिल
 
दोनों भाइयों का सफर 16 साल पहले शुरू हुआ था जब पिता धीरूभाई अंबानी की स्ट्रोक से मौत हो गई. उद्दयोगपति धीरूभाई अंबानी मरने से पहले कोई वसीयत छोड़कर नहीं गए थे.

यमन में एक गैस स्टेशन में अंटेडेंट की नौकरी से शुरुआत करने वाले धीरूभाई अंबानी ने पूरा कारोबार साम्राज्य खड़ा कर दिया था. धीरूभाई अंबानी की मौत के बाद दोनों भाइयों में झगड़ा शुरू हो गया. 2005 में दोनों भाइयों के बीच मां कोकिलाबेन ने समझौता करवाया. कोकिलाबेन ने मुकेश को ऑयल रिफाइनरीज और पेट्रोकेमिकल का कारोबार सौंप दिया और अनिल को बिजली उत्पादन और वित्तीय सेवाओं जैसे नए बिजनेस का नियंत्रण मिला. अनिल को टेलिकॉम ईकाई भी हासिल हुई जिसे मुकेश के नेतृत्व में काफी विस्तार मिल चुका था.

एक साथ चले थे अंबानी ब्रदर्स, मुकेश से कैसे पिछड़ गए अनिल
 
उस वक्त टेलिकॉम सेक्टर में अनिल के पास काफी अच्छे मौके थे जबकि 2005 में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल से रिफाइनरियों के फायदे पर संकट मंडराने लगा.  मोबाइल फोन के बाजार में भारत का भविष्य देखा जा रहा था.
समझौते में प्रतिस्पर्धा को लेकर एक शर्त की वजह से मुकेश अंबानी काफी समय तक टेलिकॉम सेक्टर से दूर रहे लेकिन 2010 में समझौता रद्द कर दिया गया. अगले आने वाले 8 साल मुकेश अंबानी की कामयाबी की इबारत के नाम पर लिखे जाने वाले थे. मुकेश अंबानी अपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के लिए 4G नेटवर्क बनाने के लिए जुट गए और इसमें करीब 2.5 ट्रिलियन से ज्यादा का निवेश किया.
 
एक साथ चले थे अंबानी ब्रदर्स, मुकेश से कैसे पिछड़ गए अनिल
 
ब्लूमबर्ग से बातचीत में सिंगापुर के ली कुआन यू स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी में प्रोफेसर जेम्स क्रैबट्री ने कहा, यह बहुत ही बड़ा दांव था. रिलायंस जियो ने मुकेश को पैतृक कारोबार के साए से अपनी एक अलग पहचान बनाने का मौका दिया.

मुकेश को कामयाबी का सफर तय करने में लंबा वक्त लगा. रिलायंस के शेयर की कीमतें उस दशक में गिरने लगी थीं क्योंकि शुरुआत में निवेशकों को लग रहा था कि मुकेश के टेलिकॉम नेटवर्क में लगे पैसे से अच्छा रिटर्न नहीं आएगा.
जब 2016 में जियो लॉन्च हुआ तो इसका प्रभाव नाटकीय था. सितंबर 2018 में रिलायंस जियो के 252 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हो चुके थे और प्रॉफिट बढ़ने लगा. प्रतिद्वंदी कंपनियां जियो के आगे बुरी तरह पस्त पड़ गईं.

इंडिया इन्फोलाइन लिमिटेड के एग्जेक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट संजीव भासिन ने ब्लूमबर्ग से कहा, रिलायंस का ऊर्जा क्षेत्र से बाहर आकर दूसरे क्षेत्रों में हाथ आजमाना सबसे बड़ा गेमचेंजर साबित हुआ. मुकेश अंबानी के पास 10 साल आगे का विजन था और वह समझ गए थे कि डेटा आने वाले समय का असली सोना होगा और इसीलिए उन्होंने इसमें भारी-भरकम निवेश किया.

धीरूभाई अंबानी के पुराने तेल और पेट्रोकेमिकल बिजनेस से आया पैसा मुकेश अंबानी ने जियो में लगाया. पुराने कारोबार के कैश फ्लो से रिलायंस इंडस्ट्रीज को सस्ती पूंजी हासिल हो गई. मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के संस्थापक सौरभ मखेरजा कहते हैं, मुकेश अंबानी ने प्रतिस्पर्धियों से इस बढ़त का समझदारी से फायदा उठाया.

एक साथ चले थे अंबानी ब्रदर्स, मुकेश से कैसे पिछड़ गए अनिल
 
दूसरी ओर, अनिल अंबानी की कंपनियों के बढ़ते कर्ज की वजह से शेयर की कीमत में गिरावट आ रही थी और निवेशकों की चिंता दूर करने के लिए अनिल पूंजी बेचने को मजबूर थे.

अपने भाई की तरह अनिल अंबानी ने भी अपने कारोबार के विस्तार के लिए अरबों का निवेश किया लेकिन छोटे भाई के पास मुकेश की तरह ऑयल रिफाइनरीज से आने वाला कैश फ्लो नहीं था. भारत के दूसरे कारोबार की तरह उनकी कई कंपनियां का कर्ज बढ़ता गया.

एक साथ चले थे अंबानी ब्रदर्स, मुकेश से कैसे पिछड़ गए अनिल

जब केंद्रीय रिजर्व बैंक ने बैड लोन पर शिकंजा कसना शुरू किया तो कई कंपनियां दबाव में आ गईं. क्रैबट्री कहते हैं, कर्ज में डूबी हुई कंपनियों के पास पूंजी बेचने, वित्तीय मदद लेने या नए निवेशकों ढूंढने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता है. अनिल अंबानी की रिलायंस नैवेल ऐंड इंजीनियरिंग लिमिटेड के शेयरों में पिछले साल सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली. रक्षा क्षेत्र में एंट्री करने के लिए 2015 में अनिल अंबानी ने इसे खरीदा था लेकिन इससे भी मुनाफा कमाना मुश्किल साबित हुआ.

अनिल की दूसरी डिफेंस फर्म रिलायंस डिफेंस लिमिटेड भी 2016 में फ्रांस और भारत के बीच हुई रफाल डील को लेकर घेरे में है. 20 अगस्त को एक बयान में अनिल अंबानी और उनकी कंपनी ने विपक्षी दलों के कंपनी को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने वाले आरोपों को खारिज कर दिया था.

एक साथ चले थे अंबानी ब्रदर्स, मुकेश से कैसे पिछड़ गए अनिल
 
मुंबई की पहली मेट्रो लाइन बनाने वाले अनिल रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड भी अगस्त महीने में भुगतान नहीं कर पाई थी. रिलायंस समूह की इकलौती मुनाफे में रही कंपनी रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के भी शेयर्स में भी गिरावट दर्ज हुई. लेकिन अनिल अंबानी के साम्राज्य को सबसे बड़ी चुनौती अपने ही बड़े भाई मुकेश अंबानी से मिली. रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड रिलायंस के जियो की एंट्री के साथ शुरू हुए प्राइस वार में उलझ गई. कुछ महीने पहले RCom ने 3000 करोड़ रुपए में 178,000 किमी फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क बेच दिया. इस कदम से मोबाइल फोन और वायरलेस सेवाओं से अनिल अंबानी बाहर हो गए.इसका खरीददार कोई और नहीं बल्कि मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो ही थी. पैतृक कारोबार का बंटवारा होने के बाद RCom अनिल अंबानी को दिया गया अनमोल हीरा था लेकिन उसके बाद कर्ज और ब्याज का बोझ बढ़ता गया
 
एक साथ चले थे अंबानी ब्रदर्स, मुकेश से कैसे पिछड़ गए अनिल
 
क्सन ने देनदारी ना चुकाने पर RCom के खिलाफ केस कर दिया जिसके बाद अनिल अंबानी पर जेल जाने का खतरा मंडराने लगा. हालांकि, बड़े भाई मुकेश अंबानी अनिल अंबानी के लिए खड़े हुए और उनकी देनदारियां चुकाकर उन्हें जेल जाने से बचा लिया. इसे अंबानी परिवार के इतिहास का एक नया अध्याय करार दिया जा रहा है.
 
एक साथ चले थे अंबानी ब्रदर्स, मुकेश से कैसे पिछड़ गए अनिल
 
हालांकि कुछ विश्लेषकों का कहना है कि मुकेश अंबानी के इस कदम के पीछे भाई के प्रति प्रेम ही नहीं, बल्कि बिजनेस का एक कदम भी हो सकता है. मुकेश अंबानी अपने भाई की मदद करके उसे जेल जाने से बचा ले गए लेकिन इसके साथ ही रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड को दिवालिया होने से बचाने के लिए 2017 में की गई एक डील भी तोड़ दी.डील खत्म होने के साथ RCom कोर्ट की आगे की कार्रवाई की तरफ आगे बढ़ेगी. मुकेश की जियो कंपनी आने वाले वक्त में RCom के एयरवेव्स, टावर्स और फाइबर खरीद सकती है. एक साल पहले जियो अनिल की RCom की मदद करने के लिए 173 अरब रुपए में डील करने के लिए तैयार थी लेकिन अब शायद मुकेश को इससे भी कम कीमत में ये सारी पूंजी हासिल हो जाए.


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adminMarch 20, 20191min00

ठंडाई, भांग और रंगों की मस्ती लिए होली का त्योहार बस कुछ ही दिनों में आने वाला है. होली को रंगों और पकवानों का त्योहार भी माना जाता है. इस खास दिन लोग अपने घर पर कई तरह के पकवान बनाते हैं, जिसमें गुझिया और ठंडाई सबसे प्रमुख होती है. ठंड से गर्मी के मौसम की दस्तक देते इस त्योहार का लोग ठंडाई पीकर स्वागत करते हैं. ठंडाई शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होती है. ऐसे में आइए जानते हैं आखिर किस तरह ठंडाई हमारी शरीर को फायदा पहुंचाती है.आइए जानते हैं आखिर किस तरह ठंडाई हमारी शरीर को फायदा पहुंचाती है.

सौंफ-

ठंडाई को टेस्टी बनाने के लिए लोग इसमें सौंफ का इस्तेमाल करते हैं. ठंडाई में सौंफ होने से यह शरीर को ठंडक प्रदान करती है. सौंफ में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होने से पाचन क्रिया में भी सुधार होता है. जिसकी वजह से गैस्ट्रिक समस्याएं भी दूर होती हैं.

मेथी और सौंफ-

ठंडाई पेट के लिए बेहद फायदेमंद होती है. शरीर को ठंडक देने के अलावा यह पेट फूलने की समस्या को भी दूर करती है. इसमें इस्तेमाल होने वाली मेथी और सौंफ पाचन क्रिया को दुरुस्त रखती है.

तरबूज के बीज-

ठंडाई में इस्तेमाल किए जाने वाले तरबूज के बीज शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देते हैं. जबकि ठंडई में मिले बादाम और पिस्ता शरीर को मजबूत बनाए रखते हैं. जिसकी वजह से व्यक्ति ऊर्जावान बना रहता है.  

काली मिर्च और लौंग-

ठंडाई में काली मिर्च और लौंग जैसे मसालों का इस्तेमाल होने से व्यक्ति का इम्यून सिस्टम भी बेहतर रहता है. इतना ही नहीं ठंडाई में मिला केसर एंटी-डिप्रेशन और एंटीऑक्सीडेंट का काम भी करता है.


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adminMarch 4, 20191min00

पाकिस्तान ने शुक्रवार रात करीब 9:20 बजे विंग कमांडर अभिनंदन को भारत को सौंप दिया. पाकिस्तानी रेंजर्स और पाकिस्तान फॉरेन मिनिस्ट्री के अधिकारी वाघा-अटारी बॉर्डर तक अभिनंदन को छोड़ने आए थे. इस दौरान एक महिला भी अभिनंदन के साथ बॉर्डर के उस पार दिखीं. इस महिला को देखते ही भारतीयों में ये सवाल पूछा जाने लगा कि आखिर ये महिला कौन हैं. सोशल मीडिया पर लोग यह पूछने लगे कि क्या ये लेडी पाकिस्तान आर्मी की है या फिर किसी और संस्था की? कईयों ने तो ये भी कहा कि ये भारतीय हैं. कुछ लोगों ने तो इस महिला को अभिनंदन की पत्नी भी बता दिया. लेकिन ऐसा कुछ नहीं है.

ये हैं फरिहा बुगती. और ये भारतीय नहीं हैं. फरिहा पाकिस्तान फॉरेन मिनिस्ट्री में भारतीय मामलों की डायरेक्टर हैं. फरिहा भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव मामले को भी देखती हैं. जाधव फिलहाल पाकिस्तानी जेल में हैं जिनका इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में केस चल रहा है. पिछले साल जब जाधव की मां और पत्नी उनसे मिलने पाकिस्तान गईं थी, उस वक्त भी फरिहा को देखा गया था.

 

कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी के साथ फरिहा बुगती. (Reuters)

 

फरिहा के बारे में और जानिए

फरिहा ने 2005 में पाकिस्तानी फॉरेन ऑफिस जॉइन किया था. साल 2007 में वो फॉरेन ऑफिस स्पोक्सपर्सन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट डायरेक्टर रहीं. पाकिस्तानी अखबार दी नेशन के मुताबिक फरिहा बुगती बलूचिस्तान प्रांत की पहली महिला ऑफिसर हैं जिन्होंने फॉरेन ऑफिस जॉइन किया था. ये यूनाइटेड नेशंस के जिनेवा मिशन में पाकिस्तान की ओर से सेक्रेटरी भी रहीं हैं.

 

देर रात दिल्ली पहुंचे अभिनंदन

विंग कमांडर अभिनंदन को भारतीय वायुसेना के ऑफिसर्स ने रात को रिसीव किया था और इसके बाद अमृतसर एयरपोर्ट से होते हुए वो देर रात दिल्ली पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित करोड़ों लोगों ने अपने अपने तरीके से पायलट अभिनंदन का स्वागत किया है.

 

 

अभिनंदन को रिलीज़ करने का ऐलान खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 28 फरवरी को पाकिस्तान के पार्लियामेंट में किया था. जॉइंट पार्लियामेंट को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि अभिनंदन को 1 मार्च को रिलीज़ कर दिया जाएगा.


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adminFebruary 27, 20192min00

वैसे तो भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति नहीं बन सकती है. लेकिन अगर जंग की स्थिति बनती है तो भारत की सैन्य ताकत पाकिस्तान के मुकाबले जमीं से लेकर हवा में कई गुना अधिक मजबूत है. चंद दिन के संघर्ष के बाद पाकिस्तान को घुटने टेकने पड़ जाएंगे. क्योंकि थल सेना, वायु सेना और नौ सेना के बीच जब दोनों देशों की ताकत की तुलना करें तो भारत काफी आगे है. हालांकि दोनों देश परमाणु हथियार से संपन्न हैं. आज हम आपको दोनों देशों की सैन्य ताकत के बारे में बताते हैं. 

अगर युद्ध छिड़ा तो जान लीजिए भारत के आगे कहां टिकेगा पाकिस्तान

 

थल सेना

इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) के आंकड़ों को मानें तो भारत के पास 14 लाख सैनिक हैं. इसके अलावा भारत के पास 3563 युद्ध टैंक, 3100 इन्फैंट्री लड़ाकू वाहन, 336 सशस्त्र पर्सनल कैरियर्स और 9719 तोप हैं.

 

अगर युद्ध छिड़ा तो जान लीजिए भारत के आगे कहां टिकेगा पाकिस्तान
 
पाकिस्तान की आर्मी में केवल 5.6 लाख सैनिक हैं, जिनके पास 2496 टैंक, 1605 सशस्त्र पर्सनल कैरियर्स, 4,472 तोप हैं.
 
अगर युद्ध छिड़ा तो जान लीजिए भारत के आगे कहां टिकेगा पाकिस्तान
 

मिसाइल्स ताकत

भारत के पास 9 तरह के ऑपरेशनल मिसाइल्स हैं, जिसमें अग्नि-3 (3000-5000 किमी रेंज वाली) भी शामिल है. भारत के पास ब्रह्मोस की मजबूत ताकत है, इसे पनडुब्बी, पानी के जहाज, विमान या जमीन से भी कभी छोड़ा जा सकता है.

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Center for Strategic and International Studies (CSIS) के मुताबिक चीन की मदद से पाकिस्तान के मिसाइल प्रोग्राम में छोटी और मध्यम दूरी के जो हथियार हैं. शाहीन-2 पाकिस्तान की सबसे ज्यादा रेंज 2000 किलोमीटर वाली मिसाइल है.

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वायु सेना
 
हवा में पाकिस्तान के मुकाबले भारत बहुत अधिक मजबूत है. भारत के पास 814 कॉम्बैट एयरक्राफ्ट हैं. भारत की वायु सेना का संख्या बल (127,200) काफी मजबूत है. लेकिन फाइटर जेट को लेकर चिंता हो सकती है. अधिकारियों के मुताबिक 2032 तक भारत के पास 22 स्क्वैड्रन्स होंगे.
 
अगर युद्ध छिड़ा तो जान लीजिए भारत के आगे कहां टिकेगा पाकिस्तान
 
IISS के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान के पास 425 कॉम्बैट एयरक्राफ्ट हैं, यानी भारत के मुकाबले आधे एयरक्राफ्ट हैं. जिसमें चीनी F-7PG और अमेरिकी F-16 फाइटिंग फैल्कन जेट्स भी शामिल हैं.
 
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नेवी की ताकत

भारत के पास पानी में भी पाकिस्तान को पछाड़ने की पूरी ताकत है. भारतीय नेवी के पास एक एयरक्राफ्ट कैरियर, 16 सबमरीन्स, 13 फ्रिगेट्स, 106 पैट्रोल और कोस्टल कॉम्बैट जहाज हैं. नेवी के पास 67,700 जवानों का दस्ता है, जिसमें मरीन्स और नेवल एविएशन स्टाफ भी शामिल है.

अगर युद्ध छिड़ा तो जान लीजिए भारत के आगे कहां टिकेगा पाकिस्तान

वहीं पाकिस्तान की समुद्री सीमा छोटी है और इसके पास केवल 9 फ्रिगेट्स, 8 सबमरीन्स, 17 पेट्रोल और कोस्टल जहाज हैं.

अगर युद्ध छिड़ा तो जान लीजिए भारत के आगे कहां टिकेगा पाकिस्तान

परमाणु ताकत

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंसीट्यूट (SIPRI) के मुताबिक पाकिस्तान के पास 140 से 150 परमाणु बम हैं, जबकि भारत के पास 130-140 परमाणु बम हैं.


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adminFebruary 21, 20191min00
अक्सर लोग वजन कम करने के लिए, फिट रहने के लिए ग्रीन टी पीना पसंद करते हैं. पर जैसा कि कहते हैं कि अति हर चीज की बुरी होती है, वैसे ही अंधाधुंध तरीके के ग्रीन टी पीना फायदा नहीं बल्कि नुकसान ही देता है. आइए हम बताते हैं ग्रीन टी से जुड़े कुछ मिथक और सच्चाई.

मिथक:  ज्यादा ग्रीन टी पीने से वजन जल्दी कम होता है.
सच्चाई:  वजन कम करने के लिए दिन में 2-3 कप ग्रीन टी पीना ही सही है. ज्यादा ग्रीन टी पीने से सिरदर्द या डायरिया होने की संभावना रहती है.

मिथक:  सुबह-सुबह खाली पेट ग्रीन टी पीना फायदेमंद होता है.
सच्चाई:  ग्रीन टी में कैफीन की मात्रा ज्यादा होती है और इसे खाली पेट पीने से चक्कर आ सकते हैं, एसिडिटी हो सकती है.

मिथक: ग्रीन टी पीने से नींद पर कोई असर नहीं होता है.
सच्चाई:  सामान्य चाय जैसे ही ग्रीन टी में मौजूद कैफीन से नींद उड़ सकती है.

मिथक:  प्रेग्नेंसी में ज्यादा ग्रीन टी पीने से कोई नुकसान नहीं होता है.
सच्चाई:  डॉक्टर्स के अनुसार कैफीन की वजह से प्रेग्नेंसी में ग्रीन टी पीने की मनाही होती है. इससे बच्चे पर नेगेटिव इफेक्ट हो सकता है.

मिथक:  ज्यादा पुरानी ग्रीन टी अच्छी होती है.
सच्चाई:  ज्यादा दिनों तक रखे रहने से ग्रीन टी की एंटी-ऑक्सीडेंट पावर कम हो जाती है.

मिथक:  हर्बल होने की वजह से ग्रीन टी का कोई साइड इफेक्ट नहीं है.
सच्चाई:  हर चीज की अति से नुकसान होता ही है.

 

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adminFebruary 21, 20191min00

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान मंगलवार को दो दिवसीय दौर पर भारत पहुंचे हैं. इस दौरे में कई आर्थिक समझौते हो सकते हैं. विशाल रेगिस्तान और शुष्क वातावरण सऊदी अरब को भौगोलिक तौर पर अनोखा देश बनाते ही हैं, यहां के कानून भी दुनिया के बाकी हिस्सों से काफी अलग है. आइए जानते हैं सऊदी अरब से जुड़ीं कुछ खास बातें-

एक भी नदी नहीं-
सऊदी अरब क्षेत्रफल के हिसाब से दुनिया का 13वां सबसे बड़ा देश है और अरब जगत का दूसरा सबसे बड़ा देश. यह अरब में केवल अल्जीरिया से पीछे है. सऊदी की 95 फीसदी जमीन या तो रेगिस्तान है या शुष्क. यहां की केवल 1.45 फीसदी जमीन पर ही खेती की जा सकती है. यहां कोई नदी तो नहीं है लेकिन फारस की खाड़ी और लाल सागर की समुद्री सीमा जहाजों के आवागमन के लिए काफी महत्वपूर्ण है.
सऊदी पानी के गंभीर संकट से जूझ रहा है. यहां पानी बहुत महंगा है. सऊदी की सरकार खारे पानी को पीने लायक बनाने पर भारी-भरकम खर्च करती है.

सऊदी अरब की जीडीपी 786 अरब डॉलर (2017) की है. देश की जीडीपी में आधे से ज्यादा योगदान तेल भंडारों का है. दुनिया के करीब 22 फीसदी तेल भंडार सऊदी अरब में हैं. तेल ही नहीं, बल्कि सऊदी गैस रिजर्व के मामले में पूरी दुनिया में 6वें स्थान पर आता है. HSBC के आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब की आर्थिक वृद्धि उत्पादकता या श्रम के बजाय नए संसाधनों से हो रही है.

देश में हर दिन करीब 100 ऊंट बेचे जाते हैं. रियाद में ऊंटों की बिक्री के लिए बड़ी मार्केट है.

पूरी दुनिया में सऊदी अरब में वर्कफोर्स में महिलाओं की सबसे कम भागेदारी है. यहां की केवल 20 फीसदी महिलाएं ही रोजगार में हैं.
सऊदी अरब विदेशी श्रम पर बहुत ज्यादा निर्भर है. तेल या सर्विस सेक्टर में काम करने वाले अधिकतर कामगार विदेशी ही हैं.

99 फीसदी सऊदी इस्लाम को मानने वाले हैं. सऊदी अरब में सलात प्रार्थना के वक्त दुकानें बंद कर दी जाती हैं. इस दौरान खरीदारी-बिक्री रोक दी जाती है. सऊदी अरब में गैर-मुस्लिमों को सार्वजनिक स्थलों पर प्रार्थना करने की अनुमति नहीं है.

सऊदी अरब में महिलाएं बिना पुरुष संरक्षक की अनुमति के खुद से यात्रा नहीं कर सकती हैं.

सऊदी अरब की सरकार के मुताबिक, प्रामाणिक तेल भंडार 266 अरब बैरल्स हैं. सऊदी के ग्वार ऑयल फील्ड में इतने तेल भंडार हैं कि 4,770,897 ओलंपिक स्विमिंग पूल भर जाएं.

सऊदी अरब में स्थित मक्का और मदीना इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में शुमार हैं. गैर-मुस्लिमों को इन पवित्र स्थलों में प्रवेश की इजाजत नहीं है.
इस्लाम के 5 स्तंभों में से एक हज है. हज के लिए मक्का की यात्रा करनी पड़ती है. करीब 2 करोड़ लोग हर साल सऊदी अरब हज करने पहुंचते हैं.

समलैंगिकों को इस देश में मृत्युदंड तक दिया जा सकता है. हत्या, डकैती, ड्रग, एडल्ट्री का दोषी पाए जाने पर भी मृत्युदंड दिया जाता है. सऊदी अरब में किसी जघन्य अपराध के लिए सिर से काट देना, पत्थर फेंक कर जान लेने जैसे तरीके भी अपनाए जाते हैं.

शराब का सेवन अवैध है और नशा करते पकड़ जाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है. यहां लोग मांस, दूध और ऊन के लिए भेड़ पालते हैं. सऊदी अरब के अधिकतर लोगों के खान-पान में बीफ शामिल नहीं है. पारंपरिक सऊदी ऊंट के मांस का सेवन करना पसंद करते हैं.

मीना शहर में करीब 100,000 टेंट हैं जिनमें किचन, बाथरूम और एसी जैसी सुविधाएं भी हैं.

अगर फोटोग्राफी के शौकीन हैं तो जरा सावधान हो जाइए. सऊदी अरब में महिलाओं को तरफ कैमरा ना घुमाएं. यहां बिना इजाजत के पुरुषों की तस्वीरें खींचना भी असभ्य माना जाता है. यहां बाएं हाथ को अपवित्र माना जाता है इसलिए किसी से भी हाथ मिलाना या कोई उपहार स्वीकार करना हो तो दाएं हाथ से ही करना चाहिए. अपने जूते के सोल या अपना पैर दिखाना सऊदी अरब में अपमानजनक माना जाता है.

एक अनुमान के मुताबिक, सऊदी अरब के शाही परिवार की संपत्ति करीब 15 ट्रिलियन डॉलर की है.

सऊदी अरब में साइडवॉक स्कीइंड नाम का खतरनाक स्टंट काफी लोकप्रिय है. इसमें ड्राइव करते समय गाड़ी को एक तरफ झुका लिया जाता है और एक दूसरा शख्स गाड़ी के टॉप पर खड़ा रहता है.

 



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