दिल से

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adminMarch 29, 20192min00

कहा जाता है कि जीवनसाथी सूरत नहीं बल्कि सीरत देखकर चुनना चाहिए। कई लोग इस बात को मानते हुए लाइफ पार्टनर का चुनाव सीरत के आधार पर भी कर लेते हैं। लेकिन यह बात भी पूरी तरह से सही है कि व्यक्ति दिखने में कैसा भी हो, उसकी इच्छा हमेशा सुंदर साथी पाने की होती है।

मगर ज़िंदगी में हर किसी को सुंदर जीवनसाथी मिल सके यह भी मुमकिन नहीं है। कई बार परिस्थितियों और परिवार के दबाव में व्यक्ति को अपना मन मारकर जीवनसाथी चुनना पड़ता है। बस यही बात हमेशा उसके मन में खटकती रहती है।

इससे बचने के लिए आचार्य चाणक्य ने ‘चाणक्य नीति’ में पुरुषों को ऐसे पांच उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर वे इस समस्या से बाहर आ सकते हैं। साथ ही यदि पत्नी उनके मुताबिक सुंदर नहीं है तो भी पुरुष अपना मन शांत कर सकते हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला।

 

चाणक्य नीति में बताए गए हैं उपाय

आचार्य चाणक्य ने ‘चाणक्य नीति’ में पुरूषों के लिए पांच उपाय बताए हैं। इन्हें जानकर निश्चित रूप से पुरुष इस तरह की अप्रिय स्थिति को संभाल सकते हैं। फिलहाल बात पहले उपाय की।

1. प्रतिदिन उठकर देखें अपना चेहरा 

चाणक्य के अनुसार, अगर आपको अपनी बीवी सुन्दर नहीं लगती है तो आपको प्रतिदिन सुबह उठते ही अपना चेहरा आईने में देखना चाहिए।

होगा यह लाभ : प्रतिदिन अपना चेहरा देखने से आपको खुद की कमियों का एहसास होगा। इस दुनिया में ऐसा कोई नहीं है जो सर्वगुण संपन्न हो। चेहरा देखने से धीरे-धीरे आप इस बात को समझ जाएंगे। आगे देखिये दूसरा उपाय।

 

2. बीवी की अच्छी बातों के बारे में सोचें

हर इंसान में कुछ अच्छा जरूर होता है। आपको भी अपनी बीवी के अच्छे व्यवहार और मीठी बोली के बारे में सोचना चाहिए।

होगा यह फायदा : जब आप अपनी बीवी के बारे में अच्छी बातें सोचेंगे तो इससे आपके मन में उसके लिए प्यार बढ़ेगा।

 

3. चोट देने वाली लड़की को याद रखें 

हर व्यक्ति के जीवन में कभी न कभी ऐसी लड़की जरूर आती है जिसके व्यवहार से उसे ठेस पहुंची हो। व्यक्ति को उस महिला को याद करते रहना चाहिए।

होगा यह फायदा :इन बातों को याद करना आपको आपकी बीवी के करीब लाएगा। इससे आपके वैवाहिक जीवन में खुशियां आएंगी।

 

4. बुरे वक्त को करें याद

बुरे वक्त में बीवी हमारी पहली साथी होती है। व्यक्ति को अपने बुरे वक्त को याद करना चाहिए जिसमें बीवी ने उसका साथ दिया हो।

यह होगा फायदा : बुरे वक्त को याद करने से आपका आने वाला समय सुधरेगा, क्योंकि बीवी के प्रति आपके मन में सकारात्मकता बढ़ेगी।

 

5. खुद की बुरी बातों को याद करें

पुरुष के जीवन में कई ऐसी बुरी बातें होती हैं जिन्हें वो अपनी बीवी से छिपाते हैं। पुरुष को उन बातों को याद करते रहना चाहिए।

तो बढ़ जाएगा प्रेम : अपने बुरे कामों को याद करना आपको यह समझने में मदद करेगा कि आपकी बीवी आपके प्रति कितनी समर्पित है। इससे आप दोनों के बीच प्रेम बढ़ेगा। इन बातों को अपनी ज़िंदगी में उतारते हुए अपने विवाहित दोस्तों के साथ भी शेयर करें।


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adminMarch 29, 20191min00

वक्त के साथ कई बार रिश्तों में नीरसता आने लगती है. छोटी-छोटी बहस कब एक बड़े झगड़े की वजह बन जाती है, लोगों को इसका पता ही नहीं चलता. अगर आपके साथ भी ऐसा ही कुछ हो रहा है तो टेंशन छोड़कर अपनाएं ये 5 मजेदार टिप्स. ये टिप्स न सिर्फ आपके पार्टनर को आपके करीब लाने में आपकी मदद करेंगे बल्कि आपके रिश्ते की डोर को भी मजबूत बनाएंगे. आइए जानते हैं आखिर क्या हैं ये टिप्स.

खुद से प्यार करें

जी हां सबसे पहला उपाय यही है. आप किसी भी व्यक्ति को तभी खुश रख सकते हैं जब आप अंदर से खुद खुश हों. आपकी खुशी आपको एक जिम्मेदार और खुशमिजाज पार्टनर बनने में मदद करेगी और एक खुश मिजाज व्यक्ति का साथ भला किसे पंसद नहीं होता है.

शेयरिंग है जरूरी

पति-पत्नी के रिश्ते में ही नहीं दूसरा उपाय हर रिश्ते पर लागू होता है. रिश्ता कोई भी हो उसमें बात करने की गुंजाइश हमेशा बनी रहनी चाहिए. अपनी हर परेशानी को अपने साथी के साथ जरूर शेयर करें. बातें शेयर करने से रिश्ते में विश्वास के साथ प्यार भी बढ़ता है.    

रिश्ते में ईमानदार बने रहें

ईमानदारी हर मजबूत रिश्ते का मूल मंत्र है. इसकी वजह से रिश्ते में विश्वास बना रहता है. कभी भी अपने पार्टनर से कुछ न छिपाएं. आपकी छोटी सी गलती आपको आपके पार्टनर से दूर कर सकती है.

पार्टनर को स्पेस दें

आपके अपने साथी से भले ही कितने भी मधुर संबंध क्यों न हो लेकिन हर व्यक्ति अपने जीवन में थोड़ा स्पेस चाहता है. ऐसे में आप यह स्पेस उन्हें देना बिल्कुल न भूलें. अगर आप अपने पार्टनर को बात- बात पर टोकेंगे या उनकी हर चीज में दखल देंगे तो वो रिश्ते में घुटन महसूस करने लगेगा.

गलती को माफ करना भी सीखें

आपने अक्सर लोगों को कहते सुना होगा कि माफ करने वाला सबसे बड़ा होता है. यही नियम हर रिश्ते पर भी लागू होता है, माफी मांगना और देना दोनों सीखें. गलती सब करते हैं इसलिए माफी मांगते समय बिल्कुल ना हिचकिचाएं. पार्टनर की गलती को माफ करें और खुद गलती करने पर तुरंत माफी मांग लें.


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adminMarch 28, 20191min00

बॉलीवुड की रंगीला गर्ल उर्मिला मातोंडकर फिल्मी करियर के बाद राजनीत‍िक पारी शुरू करने जा रही हैं. बुधवार को उर्म‍िला कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गईं. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की.  उर्म‍िला की ये पारी भले ही नई हो, लेकिन उनके कर‍ियर पर नजर डालें तो एक्ट्रेस ने बतौर चाइल्ड आर्ट‍िस्ट फिल्म “मासूम” से काम करना शुरू किया था. उर्म‍िला की पर्सनल लाइफ पर नजर डालें तो साल 2016 में उर्म‍िला ने प्राइवेट सेरेमनी में शादी रचाकर सबको हैरान कर दिया था.

उर्मिला को रामगोपाल वर्मा की खोज कहा जाता है. दोनों के अफेयर की भी चर्चा थी. रामगोपाल वर्मा उर्मिला की खूबसूरती के कायल थे. उन्होंने अपनी एक किताब में उर्मिला को “नेशनल सेक्स सिंबल” बताया था.

9 साल छोटे कश्मीरी से उर्म‍िला ने की थी शादी, ऐसी है लवलाइफ
 
उर्मिला मातोंडकर ने 42 साल की उम्र में खुद से 9 साल छोटे मॉडल और बिजनेसमैन बॉयफ्रेंड मोहसिन मीर अख्तर के साथ शादी की थी. शादी एक प्राइवेट सेरेमनी थी. दोनों की शादी 2016 में हुई थी. उर्मिला और मोहसिन की मुलाकात कॉमन फ्रेंड मनीष मल्होत्रा के जरिए हुई थी.
 
9 साल छोटे कश्मीरी से उर्म‍िला ने की थी शादी, ऐसी है लवलाइफ
 
उर्मिला के पति मोहसिन अख्तर मीर, कश्मीर के बिजनेसमैन और मॉडल हैं. उनका कपड़ों का कारोबार है, यही नहीं, वे जोया अख्तर की फिल्म ‘लक बाय चांस’ में अभि‍नय भी कर चुके हैं.
 
9 साल छोटे कश्मीरी से उर्म‍िला ने की थी शादी, ऐसी है लवलाइफ
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मोहसिन और मनीष मल्होत्रा आपस में अच्छी बॉन्डिंग शेयर करते हैं. मोहसिन, 2007 में मिस्टर इंडिया प्रतियोगिता में दूसरे रनर अप रहे हैं. यही नहीं, मोहसिन, मनीष मल्होत्रा के कई शो में मॉडलिंग कर चुके हैं.

9 साल छोटे कश्मीरी से उर्म‍िला ने की थी शादी, ऐसी है लवलाइफ
 
शादी को प्राइवेट रखने पर उर्मिला ने कहा था- ”हमने वेडिंग सेरेमनी सिर्फ परिवार और दोस्तों के बीच ही रखी, क्योंकि हमारा परिवार चाहता था कि हम इसे ज्यादा शोर-शराबे वाला इवेंट ना रखें. यही कारण है कि हमने चंद लोगों को ही बुलाया.
 
9 साल छोटे कश्मीरी से उर्म‍िला ने की थी शादी, ऐसी है लवलाइफ
 
उर्मिला मातोंडकर 90 के दशक की सफल अभिनेत्रियों में शुमार की जाती हैं. उन्होंने बॉलीवुड में एक लंबा सफर तय किया है. वे पिछले कुछ सालों में फिल्मों से पूरी तरह गायब हैं. लेकिन कई इवेंट्स में नजर आती हैं.

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adminMarch 22, 20191min00

हम कितना भी कह लें कि दुनिया बदल रही है और लोगों में नि:स्वार्थ भाव खत्म हो रहा है, लेकिन समाज में उपेक्षितों की मदद करने वाले भले इंसानों की कोई कमी नहीं है। केरल की एक स्कूल प्रिंसिपल ऐसी ही एक भली इंसान हैं जिन्होंने बेसहारों के लिए घर बनवाए। वो भी एक दो नहीं बल्कि पूरे 100 घर। हाल ही में 100वें घर का निर्माण कार्य पूरा हुआ है। घर बनवाने की मुहिम पांच साल पहले शुरू हुई थी जब लेडी कॉन्वेंट गर्ल्स हायर सेकेंड्री स्कूल की प्रिंसिपल लिजी चक्कलकल को पता चला कि उनकी एक स्टूडेंट्स क्लैरा बानू बेघर है।

बानू के पिता का देहांत कुछ समय पहले हुआ था और उसके पास रहने के लिए छत नहीं थी। इस हालात के बारे में जब लिजी को पता चला तो उन्होंने तुरंत बानू के लिए एक घर बनवाने की मुहिम छेड़ दी। स्कूल के अध्यापक, छात्र और बाकी तमाम लोगों से चंदा मिलाकर लिजी ने पैसे इकट्ठे किए और बानू के लिए एक 600 स्क्वॉयर फीट का घर बनवाया गया। इसके बाद तो जैसे सिलसिला शुरू हो गया। लिजी ने एक के बाद एक करके लगभग 100 घर बनवा डाले। उन्होने 2014 में स्कूल के प्लेटिनम जुबली समारोह में इसे एक चैलेंज की तरह शुरू किया गया।

कुछ ऐसे बने हैं नए घर

अब लगभग 5 सालों बाद 100 घर बनवाए जा चुके हैं। लिजी कहती हैं, ‘100 वें घर का निर्माण फरवरी के बीच में पूरा हुआ और 28 फरवरी को चेलानम स्थित बेघर परिवार को चाबी सौंपी गई। उनकी दो लड़कियां हैं और दोनों हमारे छात्र हैं।’ बेघरों के लिए घर बनवाने से लेकर कई तरह के सामाजिक कार्यों में लिजी लगी रहती हैं। पिछले साल अगस्त में केरल में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट होप नामक एक और अभियान शुरू किया था। इस परियोजना के तहत गंभीर रूप से प्रभावित होने वाले सौ और पचास घरों को अपनाया गया था। इसके लिए जुटाए गए धन और अन्य प्रयासों की मदद से, कुछ घरों की मरम्मत की जा रही है और कुछ घरों को फिर से बनाया जा रहा है।

लिजी के लिए यह आसान काम नहीं था क्योंकि एक घर के निर्माण के लिए 15 लाख रुपये की आवश्यकता होती है। गरीबों के लिए घर बनाने के प्रयासों पर बोलते हुए लिजी ने कहा, ‘छात्र स्वेच्छा से अपने जन्मदिन के उपहार और पॉकेट मनी को इस पुण्य कार्य में दान करते थे। शिक्षकों और अभिभावकों ने भी खुले दिल से मदद की।’ हालांकि उस वक्त यह काम थोड़ा मुश्किल था क्योंकि मदद के लिए काफी कम हाथ आगे आते थे। अब जब लोगों को इस कार्य के बारे में पता चल गया है को लोग खुले दिल से मदद करने के लिए आगे आते हैं।

बेघरों के साथ लिजी

अगर हम घर के लागत की बात करें तो लेबर चार्ज को छोड़कर बिल्डिंग मटीरियल समेत एक घर 5 लाख रुपये में तैयार हो जाता है। जितने भी घर तैयार किए गए हैं सारे 2बीएचके हैं और ये भूकंपरोधी होने के साथ साथ इनमें किचन और शौचालय भी बने हैं। कई सारे लाभार्थियों के बीच एक मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला का घर बनवाकर लिजी को काफी प्रसन्नता होती है।

वे कहती हैं, ‘हमने एक मानसिक रूप से विकलांग महिला के लिए घर बनाया, जो कम उम्र में विधवा हो गई थी। उसे अपने ससुराल से अलग कर दिया था और इस वजह से उसकी मानसिक हालत खराब होती गई। आप यकीन नहीं करेंगे लेकिन वह महिला अब ठीक हो रही है और उसने काम करना शुरू कर दिया। वह अपने बच्चों को स्कूल भी भेजने लगी है।’ वे कहती हैं, “यह सिर्फ एक घर बनाने का सपना नहीं है। यह अपने आप में एक संपूर्ण परिवर्तनकारी प्रक्रिया है, जिससे लोगों को एक तरह से नया जीवन मिल रहा है।


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adminMarch 20, 20191min00

26 साल की आलिया भट्ट अपनी एक्टिंग के ज़रिये हम सभी के दिलों में एक ख़ास जगह बना चुकी हैं. बेहद कम उम्र में आलिया ने वो कमाल कर दिखाया, जो लोग सालों की मेहनत के बाद भी नहीं कर पाते. यही नहीं, आलिया रील लाइफ़ के साथ-साथ रियल लाइफ़ में भी काफ़ी अच्छी हैं. 

ऐसा इसलिये, क्योंकि बर्थडे पर आलिया ने अपने ड्राइवर और हेल्पर के लिये जो किया, उसने सबका दिल जीत लिया. एक एंटरटेनमेंट वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्ट्रेस ने दोनों को मुबंई में घर खरीदने के लिये 50-50 लाख रुपये का चेक दिया. कहा जा रहा है कि आलिया से मिले इन पैसों से सुनील और अमोल ने अपना घर भी बुक कर लिया है.  

एक ओर जहां सुनील ने जुहू में घर लिया है, तो वहीं अमोल ने खार दांडा इलाके में. ये दोनों आलिया के साथ तब से जुड़े हुए हैं, जब उनका फ़िल्मी करियर शुरू भी नहीं हुआ था. आलिया सुनील और अमोल पर काफ़ी विश्वास भी करती हैं.  


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adminMarch 5, 20191min00

कोटा के रहने वाले और मुंबई में बतौर साइंटिस्ट कार्य कर रहे मुर्तजा अली ने शहीदों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में 110 करोड़ रुपए की सहायता राशि देने की पेशकश की है। इसके लिए उन्होंने पीएमओ में मेल करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय मांगा है। पीएमओ ने उन्हें दो-तीन दिन में मीटिंग फिक्स करने का जवाब भेजा है। ये राशि वे अपनी टैक्सेबल आय से देंगे। भास्कर से बातचीत में मुर्तजा ने कहा कि पुलवामा अटैक काफी बड़ी घटना है और इसमें देश ने अपने 40 वीर जवान खोए हैं।

सेना और उनके परिवारजनों की किसी तरह से मैं मदद कर सकूं, इसलिए ये राशि राष्ट्रीय राहत कोष में देने का मानस बनाया है। इसके लिए 25 फरवरी को पीएमओ को ई-मेल भेजकर उन्होंने प्रधानमंत्री से मीटिंग के लिए समय मांगा था। इसके जवाब में फंड के डिप्टी सेक्रेटरी अग्नि कुमार दास ने कागजी कार्यवाही के लिए मुर्तजा अली की प्रोफाइल मांगी थी। मुर्तजा ने प्रोफाइल, पैन कार्ड सहित राशि की पूरी डिटेल पीएमओ को भेज दी है। इसके बाद 1 मार्च को वहां से जवाब आया कि दो-तीन दिन में दिन और समय बता दिया जाएगा। मुर्तजा ने बताया कि पीएम से मिलकर उन्हें 110 करोड़ का चेक सौंपेंगे। साथ ही सामाजिक कार्यों के लिए नई योजनाओं व कुछ नई टेक्नोलॉजी के बारे में भी बातचीत करेंगे। मुर्तजा कहते हैं कि हमने फंड में 110 करोड़ रुपए देने के लिए पूरी कागजी कार्रवाई कर रखी है। पीएमओ के निर्देश के अनुसार चेक या डीडी से भुगतान कर देंगे। बस मीटिंग फिक्स होने के ई-मेल का इंतजार कर रहे हैं।

जन्म से ब्लाइंड, कॉमर्स स्टूडेंट और अब कर रहे नए इन्वेंशन
मुर्तजा जन्म से नेत्रहीन हैं और उन्होंने कोटा कॉमर्स कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। उनका पुश्तैनी बिजनेस ऑटोमोबाइल का था। ब्लाइंड होने के कारण उसमें नुकसान हो रहा था। ऐसे में उन्होंने मोबाइल और डिश टीवी के क्षेत्र में कार्य किया। वर्ष 2010 में वे किसी काम से जयपुर गए। वहां एक पेट्रोल पंप पर जब वे पेट्रोल लेने पहुंचे तो उसी दौरान एक युवक ने मोबाइल रिसीव किया और आग लग गई। इसका कारण जानने के लिए उन्होंने स्टडी शुरू की। इस तरह उन्होंने फ्यूल बर्न रेडियेशन टेक्नोलॉजी का इजाद किया। इस टेक्नोलॉजी के जरिए जीपीएस, कैमरा या अन्य किसी उपकरण के बगैर ही किसी भी वाहन को ट्रेस किया जा सकता है। अब एक कंपनी के साथ करार से उनको अच्छी रकम मिली है।


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adminMarch 4, 20191min00

हर रिश्ता शुरुआत में बेहद खूबसूरत लगता है. लेकिन समय के साथ-साथ रिश्तों की चमक फीकी पड़ने लगती है. रिश्ते में दरार पड़ने पर कुछ लोग अपने पार्टनर से दूरी बना लेते हैं तो कई कपल्स ऐसे भी होते हैं, जो एक अन-हैप्पी और तनाव भरे रिश्ते में बंधे रहते हैं. क्या आपने कभी सोचा कि लोग ऐसे रिश्ते में क्यों रहते हैं, जो सिर्फ उन्हें तकलीफ ही देता है?

यूनिवर्सिटी ऑफ उटाह के शोधकर्ताओं का दावा है कि लोग चाहकर भी अपने पार्टनर को छोड़ते नहीं हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनका पार्टनर उनपर जरूरत से ज्यादा ही निर्भर है. पार्टनर को छोड़ने से वह अकेले नहीं रह पाएंगे.

वहीं, पिछली कुछ रिसर्च की रिपोर्ट में सामने आया था कि लोग अपनी निजी जरूरतों के कारण पार्टनर को छोड़ते नहीं हैं और एक खराब रिश्ते में बंधे रहते हैं. दरअसल, कुछ लोगों को अकेलेपन का डर सताता है, तो वहीं कुछ लोगों को लगता है क उन्हें कोई दूसरा पार्टनर नहीं मिलेगा.

हालांकि, नई स्टडी के आधार पर यह कहा जा सकता है कि पार्टनर के प्रति सहानुभूति की भावना के कारण लोग पार्टनर से ब्रेकअप नहीं करते हैं. पर्सनालिटी एंड सोशल साइकोलॉजी जर्नल में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक, जिन लोगों को लगता है कि उनका पार्टनर उनपर बहुत ज्यादा निर्भर है तो वो लोग पार्टनर से ब्रेकअप नहीं करते हैं. स्टडी के आधार पर ये कहा जा सकता है कि लोग अपनी खुशी के बजाए पार्टनर की खुशी के लिए एक अन-हेल्दी रिश्ते में बंधे रहते हैं.

बता दें, इस स्टडी को दो हिस्सों में किया गया है. पहले चरण में 10 हफ्तों तक करीब 1,348 रोमांटिक रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों के बारे में जानने की कोशिश की. जबकि, दूसरे चरण में 500 ऐसे लोगों से जानकारी ली गई, जो ब्रेकअप करने के बारे में सोच विचार कर रहे थे.

स्टडी के मुख्य शोधकर्ता और यूनिवर्सिटी ऑफ उटाह में असिसटेंट साइकोलॉजी के प्रोफेसर समानथा जोएल का कहना है कि पार्टनर का खुद के प्रति समर्पण देखकर लोग चाहकर भी अपने पार्टनर से ब्रेकअप नहीं कर पाते हैं.


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adminFebruary 28, 20191min00

पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक से देशभर में खुशी का माहौल है और लोग इसके पुलवामा हमले के बदले के रूप में देख रहे हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों में भारत की इस कार्रवाई के बाद जश्न मनाया गया और सभी ने अपने अंदाज में भारतीय सेना के शौर्य के सलाम किया. इस बीच दिल्ली के एक ऑटो ड्राइवर ने सेना की सफलता का जश्न अनोखे तरीके से मनाया.

दिल्ली के ऑटो ड्राइवर मनोज ने मंगलवार को वायु सेना की इस कार्रवाई के बाद फ्री में यात्रा कराई. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में मनोज ने कहा, ‘मैं ज्यादा कुछ नहीं कर सकता, लेकिन यात्रा फ्री में करा रहा हूं. आज मैं खुश हूं और किसी से एक भी पैसा नहीं ले रहा.’ मनोज ने बाकायदा अपने ऑटो में फ्री राइड कराने के बारे में एक पोस्टर चिपकाकर इसकी जानकारी भी दी.

 

 

सेना को प्रणाण, शहीदों को नमन

उन्होंने अपने ऑटो पर एक मैसेज लिखा, ‘पुलवामा हमले का बदला लेने की खुशी में आज इस ऑटो में फ्री सेवा, शहीदों को नमन, सेना को प्रणाम, मोदी जी के धन्यवाद’. देशभर में मनोज जैसे लाखों लोगों ने मिठाई बांटकर और ढोल की थाप पर डांस करते हुए भारतीय वायुसेना के इस सफल ऑपरेशन पर अपनी खुशी जाहिर की.

भारत की इस कार्रवाई से न सिर्फ आमजन बल्कि तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी सेना के शौर्य और साहस की खुले दिन से तारीफ की है. सेना की कार्रवाई के बाद बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विभिन्न दलों के नेताओं ने एक सुर में इस कदम के लिए सेना को सलाम किया और सरकार के साथ खड़े होने की बात कही.

 

भारत ने क्या किया?

मंगलवार को विदेश सचिव विजय गोखले की ओर से कहा गया कि 20 साल से जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान से आतंकी साजिश रच रहा था और आतंकी संगठनों पर आजतक कोई कार्रवाई नहीं की गई थी. साथ ही उन्होंने कहा कि 14 फरवरी को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश ने पुलवामा में आतंकी हमला किया था, जिसमें हमारे 40 जवान शहीद हुए थे.

विजय गोखले ने कहा कि जैश भारत के कई हिस्सों में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में था और इसके लिए फिदायीन आतंकियों को ट्रेनिंग दी जा रही थी. इस खतरे से निपटने के लिए भारत के लिए स्ट्राइक करना बेहद जरूरी हो गया था. हमने खुफिया जानकारी के आधार पर आज सुबह बालाकोट में एयर स्ट्राइक की है जिसमें जैश के कमांडर समेत कई आतंकियों को ढेर किया गया है. यह कार्रवाई नागरिकों और सेना पर नहीं थी बल्कि इसमें सिर्फ आतंकी संगठनों को निशाना बनाया गया है.


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adminFebruary 25, 20191min00

राजस्थान और उत्तर प्रदेश के इन दो युवाओं अभिषेक गौतम और गोपाल सारण के जज़्बे को भी सलाम करिए। इस जज़्बे को शहीदों के लिए श्रद्धांजलि समझिए या देशभक्ति के जुनून की अनोखी मिसाल, उनकी पहल नई पीढ़ी के लिए प्रेरक जरूर है। 

पुलवामा की शहादत ने हापुड़ (गाज़ियाबाद) के तीस वर्षीय युवा अभिषेक गौतम को कुछ इस कदर मर्माहत किया है कि उन्होंने अपने पूरे बदन पर शहीदों के नाम से टैटू के साथ ही कुर्बानी देने वाले देशभक्तों के चित्र और पांच सौ अस्सी जवानों के नाम भी गुदवा लिए हैं। अभिषेक बताते हैं कि पुलवामा में हमारे देश के जवान जब शहीद हुए तो उन्होंने सोचा कि वह उन्हे किस तरह की कोई ऐसी सलामी दें, जिसे दुनिया याद करे। उनके मन में विचार आया कि क्यों न वह अपना बदन पुलवामा अथवा स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों के नामों और चित्रों से संवार लें।

उन्होंने अपने शरीर पर शहीद जवानों के साथ-साथ इंडिया गेट, शहीद स्मारक, स्वाधीनता संग्राम में मुख्य भूमिका निभाने वाले शहीदेआजम भगत सिंह, रानी लक्ष्मी बाई, चंद्रशेखर आजाद, महाराणा प्रताप, महात्मा गांधी आदि की छवियां भी अंकित करा ली हैं। अभिषेक की तरह बीकानेर (राजस्थान) की तहसील श्रीडूंगरगढ़ के गांव मोमासर निवासी गोपाल सारण ने भी अपने बदन पर पुलवामा के 42 शहीदों के अलावा 20 और शहीदों के नाम का टेटू गुदवा लिए हैं। उनकी पीठ पर देश के लिए कुर्बान होने वाले बीस उन शहीदों के नाम छपे हैं, जो मूलतः बीकानेर व राजस्थान अन्य इलाकों के रहने वाले थे।

देश में एक ओर पुलवामा हमले के शहीदों के परिजनों और घायलों की मदद के लिए लोगों के हाथ बढ़ते जा रहा हैं, दूसरी तरफ तरह-तरह से उन्हे हमेशा के लिए याद करने के देशभक्तिपूर्ण प्रयोग भी सामने आ रहे हैं। देहरादून के शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट, मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल और शहीद मोहनलाल रतूड़ी के नाम पर चौराहों का नाम रखे जाने के साथ ही इनके नाम पर नगर निगम शहीद द्वार भी बनाएगा।

फरीदाबाद (हरियाणा) के गांव अटाली पहुंचकर राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल शहीद संदीप कालीरमण के परिजनों को 500 गज का प्लॉट देने का ऐलान किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने शहीद के तीनों बच्चों की पढ़ाई का खर्चा प्रदेश सरकार के उठाने का भरोसा भी दिया। अजमेर (राजस्थान) में तो भीख मांग कर गुज़ार-बसर करनेवाली एक महिला भिखारिन देवकी शर्मा ने शहीदों के परिवारों के लिए 6 लाख, 61 हजार, 600 रुपए डोनेट कर दिए। इस महिला ने मंदिर के बाहर सालों भीख मांग कर ये रक़म जुटाई थी, लेकिन शहीद के परिवारों की मदद के लिए एक झटके में ही सारी रकम उसने डोनेट कर दी।

रेवाड़ी (हरियाणा) के गांव राजगढ़ की राधा, जो अपने शहीद पति हरि सिंह चौहान के पार्थिव शरीर पर दहाड़ मारकर गिर पड़ी थीं, बताती हैं- ‘मेरे पति कहते थे, मैं फौजी हूं, मेरे पिता फौजी थे, मैं अपने बेटे को भी फौजी ही बनाऊंगा। उनका यह सपना अब मुझे अकेले पूरा करना है।’ खेतड़ी (राजस्थान) के गांव टीबाबसई के शहीद श्योराम की पत्नी (नौ माह की गर्भवती) सुनीता देवी बताती हैं- ‘उन्होंने अपने पति की अस्थियों को अंतिम बार इसलिए छुआ, सिर-माथे से लगाया ताकि कोख में पल रही उनकी संतान भी उनके साहस को महसूस कर सके। वह अपनी आने वाली संतान को भी सैनिक बनाएंगी।’ उन्नाव (उ.प्र.) के शहीद अजीत कुमार की बेटी ईशा को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आश्वासन दिया है कि वह उसे पढ़ा-लिखाकर डॉक्टर बनाएंगी।


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adminFebruary 13, 20191min00

क्या आपको लगता है कि आप एक सफल शादीशुदा जिंदगी जी सकते हैं? इसका जवाब आपके जीन में छिपा है. हालिया एक शोध में यह बात सामने आई है कि आपके सफल वैवाहिक जीवन में जीन की अहम भूमिका होती है.

इससे पहले हुए कई शोधों में भी इस बात के संकेत दिए गए हैं कि सफल वैवाहिक जीवन आंशिक तौर पर आनुवांशिक कारकों से प्रभावित होता है और ऑक्सीटोसिन सोशल सपोर्ट में भी मददगार होता है.

हालिया शोध के अनुसार, विशेष जीनों में भिन्नता ऑक्सीटोसिन की कार्यपद्धति से जुड़ी होती है और यह समग्र तौर पर सफल वैवाहिक जीवन पर असर डालती है.

जीन पार्टनर्स के बीच समन्वय के लिए भी महत्वपूर्ण होते हैं.

इस शोध में विभिन्न तरह के जीनोटाइप- ऑक्सीटोन रिसेप्टर जीन (ओएक्सटीआर) के संभावित जीन संयोजन-का मूल्यांकन किया गया है, जो बताते हैं कि किस तरह जीवनसाथी एक-दूसरे का सहयोग करते हैं. यह सफल वैवाहिक जीवन का प्रमुख निर्धारक होता है.

 

ऑक्सीटोसीन के नियमन व रिलीज से जुड़े होने की वजह से ओएक्सटीआर को लक्ष्य बनाया गया.

अमेरिका के बिंघमटन विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर रिचर्ड मैटसन ने कहा, “सफल वैवाहिक जीवन के लिए जीन मायने रखते हैं, क्योंकि व्यक्ति के लिए जीन प्रासंगिक होते है और व्यक्तियों की विशेषताएं शादी पर असर डालती हैं.”



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