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adminFebruary 14, 20191min30

भारत सरकार की टेलीकॉम विंग बीएसएनल बंद होने के कगार पर है? देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक बीएसएनल नुकसान में चल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने कंपनी से सभी ऑप्शन तलाशने को कहा है. इनमें कंपनी को बंद करने का भी ऑप्शन है. कुल मिला कर रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर सभी ऑप्शन्स फेल होते हैं तो मुमकिन है बीएसएनल को बंद करना पड़े या सरकार इसे बेच दे.

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार बीएसएनल को दिया गया ये आदेश, कंपनी के आला अधिकारी और टेलीकॉम सेकरेटरी अरूण सुंदरराजन की मुलाकात के बाद आया है. रिपोर्ट के मुताबिक बीएसएनल के चेयरमैन अनुपम श्रीवास्तव ने इस मीटिंग में कंपनी के मौजूदा आर्थिक हालात के बारे में बातचीत की है. इसमें कंपनी को हुए नुकसान और जियो की एंट्री से पड़े प्रभाव के बारे में बातचीत की गई हैं.

सरकार के अधिकारियों ने बीएसएनल से एक नोट तैयार करने को कहा है कि अगर बिजनेस बंद हो जाएगा तो क्या होगा. दूसरे ऑप्शन के तौर पर सरकार बीएसएनल के रिवाइवल के लिए इसका विनिवेश कर सकती है. बीएसएनल को इन सभी ऑप्शन्स पर कॉम्पैरिटिव अनालिसिस जमा करने को कहा गया है.

 

गौरतलब है कि बीएसएनल भारत में, लैंडलाइन और ब्रॉडबैंड सर्विस सहित बैंडविथ का बिजनेस करती है. इसने 2016-17 में 4,793 करोड़ रुपये का नुकसान दिखाया है. हालांकि अब तक 2017-18 की आर्थिक स्थिति नहीं बताई गई है. पिछले तीन साल से लगातार बीएसएनल नुकसान में है. डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक बीएसएनल को ‘Incipient Sick’ घोषित किया गया है.

बीएसएनल के एक प्रवक्ता ने TOI  को बताया है, ‘बीएसएनल ने सरकार से कहा है कि मार्केट में ‘कट थ्रोट’ कॉम्पटीशन के अलावा कंपनी बढ़ती उम्र वाले ज्यादा कर्मचारियों की वजह से मुश्किल में है. अगर 2019-20 से रिटायरमेंट की आयु कम दी जाती है तो बिल में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की बचत होगी’

पिछले कुछ सालों से बीएसएनल का स्ट्रगल ज्यादा बढ़ गया है. इसकी वजह मार्केट में जियो की आमद है. जियो के साथ ही लगभग सभी प्राइवेट कंपनियों ने अपने प्लान सस्ते कर दिए. कई कंपनियां मर्ज हो गईं, कुछ कंपनियां बाजार से साफ हो गई और ऐसे में मार्केट में बने रहने के लिए बीएसनएल ने भी अपने प्लान को रिलायंस जियो से मैच किया है. हालांकि बीएसएनल पिछले कुछ साल में दूसरे कंपनियों के मुकाबले 4G अपग्रेड में फेल रही है और फाइबर सर्विस देने में भी कंपनी ने दूसरों के मुकाबले कुछ देरी कर दी है.


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adminFebruary 14, 20191min40

अजमेर में सर्जरी का एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी के दौरान मरीज आराम से कुरान पढ़ता रहा. प्राइवेट हॉस्पिटल में की गई इस सर्जरी का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है.  अब्दुल नाम के शख्स को ब्रेन ट्यूमर था. उसे सुनाई भी कम दे रहा था. इसके बाद डॉक्टरों ने उसे सर्जरी कराने की सलाह दी. इस दौरान उसे बेहोश नहीं किया गया. डॉक्टरों ने अब्दुल की सर्जरी को सफल बताया है. हालांकि, सर्जरी के दौरान मरीज के धर्मग्रंथ पढ़ने का ये पहला मामला नहीं है. कई लोगों का मानना है कि लोगों के मन में धार्मिक आस्था होती है. कठिन वक्त में धार्मिक पाठ करने से उन्हें आत्मबल मिलता है. आपको बता दें कि अब्दुल को हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है.

ब्रेन सर्जरी काफी संवेदनशील होती है और डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान मरीज को कुछ गुनगुनाने के लिए कहते हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)


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adminFebruary 13, 20191min100

दूरसंचार नियामक ट्राई ने प्रसारण और केबल सेवाओं के लिए नई गाइडलाइंस के तहत ग्राहकों को अपने मनपसंद चैनल चुनने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया है. ट्राई ने कहा कि उसने सभी वितरण प्लेटफार्म परिचालकों (डीपीओ) से अपने उन ग्राहकों के लिए ‘बेहतर चैनल पैक’ बनाने को कहा जिन्होंने अब तक चैनल का चयन नहीं किया है.

दूरसंचार नियामक ट्राई ने प्रसारण और केबल सेवाओं के लिए नई गाइडलाइंस के तहत ग्राहकों को अपने मनपसंद चैनल चुनने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया है. ट्राई ने कहा कि उसने सभी वितरण प्लेटफार्म परिचालकों (डीपीओ) से अपने उन ग्राहकों के लिए ‘बेहतर चैनल पैक’ बनाने को कहा जिन्होंने अब तक चैनल का चयन नहीं किया है.

TRAI ने अपने बयान में कहा, ‘उन ग्राहकों के लिए चैनलों के चयन की समयसीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2019 कर दिया गया है जिन्होंने अब तक यह विकल्प नहीं चुना है. ग्राहक अपने सहूलियत से योजना को 31 मार्च 2019 को या उससे पहले किसी भी समय बदलने के लिए स्वतंत्र होंगे और ग्राहक द्वारा ‘सबसे बेहतर योजना’ बताए जाने के 72 घंटे के भीतर कंपनी को चैनल पैक में बदलना होगा.’

ट्राई के मुताबिक देश में 10 करोड़ घरों में केबल सेवा वाले टेलीविजन और 6.7 करोड़ डीटीएच टीवी हैं. करीब 65 प्रतिशत केबल ग्राहक और 35 फीसदी डीटीएच सेवा लेने वाले अपने मनपसंद चैनल चयन का विकल्प अपना चुके हैं.

ट्राई ने कहा कि ‘बेहतर माकूल योजना’ ग्राहकों के उपयोग के अनुरूप, बोली जाने वाली भाषा तथा चैनल की लोकप्रियता के आधार पर तैयार की जानी चाहिए. नियामक ने कहा कि व्यापक जनहित को देखते हुए सभी डीपीओ को यह निर्देश दिया गया है जिन ग्राहकों ने अपने विकल्प का चयन नहीं किया है, उनके लिये बेहतर पैक उपलब्ध करायी जाएगी और जिसे वह अपना सकते हैं. ट्राई ने कहा कि ग्राहकों की पुरानी योजना तब तक जारी रहेगी जब तक वे अपना विकल्प नहीं चुनते या बेहतर योजना को नहीं अपना लेते हैं.


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adminFebruary 13, 20191min40

टिक- टॉक से कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याएं पैदा हो रही है. लोग इस ऐप के लिए खुद की जान को खतरे में डाल रहे हैं. अब तक कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें लोगों की मौत हुई है. बहुत से लोग अश्लील गतिविधि चला रहे हैं. इसलिए तमिलनाडु सरकार ऐप को बैन करने के लिए केंद्र सरकार से बात करेगी.

टिक टॉक ऐप के कारण आए दिन हो रहे हादसे और बढ़ते अश्लील वीडियो के खिलाफ अब तमिलनाडु सरकार इसे बैन करवाने केंद्र सरकार से बात करेगी. इस बारे में तमिलनाडु राज्य के सूचना और प्रसारण मंत्री एम. मणिकंदन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार टिक टॉक ऐप को बैन करने पर विचार कर रही है. क्योंकि इस ऐप से तमिल संस्कृति को नीचा दिखाने की कोशिश हो रही है.   

उन्होंने कहा कि राज्य की कई राजनीतिक पार्टियों ने इस बारे में चिंता जताई है. इसलिए ब्लू व्हेल गेम को जिस तरह प्रतिबंधित किया गया है उसी तरह टिक टॉक को भी बैन किया जाए.

बच्चों को सरकार कर रही गुमराह…

मंत्री एम. मणिकंदन ने यह भी कहा कि इस ऐप से बच्चे और युवा इससे गुमराह हो रहे हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से ऐप को बैन करने की मांग उठाने की भी बात कही है.

ये भी पढ़ें: TIK TOK ऐप पर वायरल हुआ ये गाना, लोग बना रहे डांसिंग वीडियो

क्या कहना है विधायकों का…

 

एआईडीएमके नेताओं का कहना है कि टिक- टॉक से कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याएं पैदा हो रही है. लोग इस ऐप के लिए खुद की जान को खतरे में डाल रहे हैं. अब तक कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें लोगों की मौत हुई है.

इस बारे में विधायक थमीमुन अंसारी का कहना है कि टिक टॉक पर बहुत से लोग अश्लील गतिविधि चला रहे हैं. इसलिए तमिलनाडु में इस ऐप को बैन कर देना चाहिए. इसके लिए तमिलनाडु सरकार आगे केंद्र सरकार से बात करे.

आखिर क्या है टिक-टॉक ऐप…

‘टिक-टॉक’ चीनी कंपनी ‘बाइट डान्स’ का एक ऐप है. जिसके जरिये 15 सेकेंड तक के वीडियो बनाकर शेयर किए जा सकते हैं. इसे चीन में सितंबर 2016 में लॉन्च किया गया था. साल 2018 में ‘टिक-टॉक’ की लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ी. यह अमेरिका में सबसे ज़्यादा डाउनलोड किया जाने वाला ऐप भी बन गया. भारत में भी एक ऐप का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है.


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adminFebruary 12, 20191min60

वेलेंटाइन डे का दिन नजदीक है. ऐेसे में अगर आप अपने किसी खास को गिफ्ट के तौर पर स्मार्टफोन देना चाहते हैं तो सैमसंग अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स पर ऑफर्स दे रहा है. कंपनी ने अपने Galaxy Note 9 और Galaxy S9+ स्मार्टफोन पर ‘बेस्ट डेज’ ऑफर की घोषणा की है. यहां आपको डिस्काउंट, कैशबैक और गैलेक्सी वॉच पर बंडल ऑफर डिस्काउंट मिलेगा. ये हैं ऑफर्स:

 

Samsung Galaxy Note 9 डील

Galaxy Note 9 8GB रैम और 512GB स्टोरेज वेरिएंट को 84,900 रुपये में लॉन्च किया गया था, लेकिन 7,000 रुपये के फ्लैट डिस्काउंट के बाद इसे 77,900 रुपये में सेल किया जा रहा है. साथ ही HDFC क्रेडिट और डेबिट कार्ड यूजर्स इस पर 8,000 रुपये का अतिरिक्त डिस्काउंट प्राप्त कर सकते हैं. ऐसे में इसकी कीतम घटकर 69,900 रुपये हो जाएगी.

यदि आपके पास HDFC बैंक क्रेडिट और डेबिट कार्ड नहीं है तो आप अपग्रेड ऑफर के तहत एक्सचेंज बोनस में 9,000 रुपये तक की छूट का भी फायदा उठा सकते हैं. इसी तरह ऑफर के तहत 6GB रैम और 128GB स्टोरेज ग्राहकों के लिए 58,900 रुपये और 8GB रैम और 512GB स्टोरेज वेरिएंट 68,900 रुपये में बिक्री के लिए उपलब्ध है.

केवल इतना ही नहीं Galaxy Note 9 को खरीदने वाले ग्राहक Galaxy Watch (42mm) को महज 9,999 रुपये में खरीद सकते हैं. इस स्मार्टवॉच की वास्तविक कीमत 24,990 रुपये है, यानी आपको यहां 14,991 रुपये का डिस्काउंट मिलेगा.

 

Samsung Galaxy S9+ डील

Galaxy S9+ पर भी 7,000 रुपये का डिस्काउंट दिया जा रहा है. इसके बाद 64GB वेरिएंट 57,900 रुपये, 128GB वेरिएंट 61,900 रुपये और 256GB वेरिएंट को ग्राहक 65,900 रुपये में खरीद सकते हैं. HDFC बैंक कैशबैक के तहत यहां 6,000 रुपये की छूट मिलेगी. ऐसे में इन वेरिएंट्स की कीमत क्रमश: 51,900 रुपये, 55,900 रुपये और 59,900 रुपये हो जाएगी.

Galaxy Note 9 की ही तरह Galaxy S9+ पर भी उन लोगों के लिए जिनके पास HDFC बैंक डेबिट या क्रेडिट कार्ड नहीं है, 9,000 रुपये तक अपग्रेड बोनस ऑफर मिलेगा. आप अपना पुराना स्मार्टफोन देकर Galaxy S9+ के 256GB वेरिएंट को 56,900 रुपये, 128GB वेरिएंट को 52,900 रुपये और 64GB वेरिएंट को 48,900 रुपये में खरीद सकते हैं.  


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adminFebruary 11, 20191min70

ग्राहक जैसे ही रेस्त्रां में आते हैं, उन्हें टैब दिया जाता है. ग्राहक टैब से सीधे खाना ऑर्डर करते हैं और इसके बाद रोबोट उन तक खाना पहुंचा देता है.

हैदराबाद में ऐसा पहला रेस्त्रां खोला गया है जहां ग्राहकों को खाना रोबोट परोसता है. रोबो किचेन नाम के रेस्त्रां में फिलहाल चार रोबोट हैं. रोबोट किचेन से सीधे खाना लेकर ग्राहकों को टेबल पर पहुंचा देते हैं. इस रेस्त्रां को ग्राहकों का अच्छा रेस्पॉन्स मिल रहा है.

रोबो किचेन के पार्टनर मनिकंठ ने कहा कि ग्राहक जैसे ही रेस्त्रां में आते हैं, उन्हें टैबलेट दिया जाता है. ग्राहक टैबलेट से सीधे खाना ऑर्डर करते हैं और इसके बाद रोबोट उन तक खाना पहुंचा देता है.

खाना पहुंचाने वाले रोबोट को ब्यूटी सर्विंग रोबोट नाम दिया गया है. पूरे दिन रोबोट के काम करने के लिए इन्हें करीब 3 घंटे चार्ज करना होता है. आपको बता दें कि ऐसा ही रेस्त्रां चेन्नई में भी खुल चुका है.

 

दुनियाभर में हो रहे हैं ऐसे प्रयोग

हाल ही में बुडापेस्ट में एक कैफे खोला गया जहां रोबोट खाना सर्व करते हैं, कस्टमर से बातें करते हैं और उनके साथ डांस भी करते हैं. आईटी कंपनी E-Szoftverfejlesztő ने एन्जॉय बुडापेस्ट कैफे शुरू किया.

बुडापेस्ट के कैफे में रोबोट तय रास्तों से अपने हाथों में खाना लेकर कस्टमर तक पहुंचते हैं. लोगों को रोबोट के रास्ते से अलग रहने को कहा जाता है. वहीं कुछ रोबोट रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करते हैं. करीब 12 घंटे तक इन रोबोट के काम करने के लिए कई टेक्नेशियन को भी यहां नौकरी पर रखा गया.


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adminFebruary 6, 20191min70

Virat Kohli maintains top position.ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम के 122 अंक हो गए हैं और टीम इंग्लैंड (126) के बाद दूसरे स्थान पर चल रही है.

भारतीय क्रिकेट टीम सोमवार को आईसीसी वनडे रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गई, जबकि कप्तान विराट कोहली और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह क्रमश: बल्लेबाजों और गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर बरकरार हैं. आईसीसी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम के 122 अंक हो गए हैं और टीम इंग्लैंड (126) के बाद दूसरे स्थान पर चल रही है.

पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन की बदौलत महेंद्र सिंह धोनी की रैंकिंग में भी सुधार हुआ है. वह इस सीरीज के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए थे. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन अर्धशतक जड़ने वाले धोनी तीन स्थान के फायदे से 17वें स्थान पर पहुंच गए हैं.

भारत के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में 12 विकेट चटकाने वाले न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं. भारत ने यह सीरीज 4-1 से जीती. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज बोल्ट ने चौथे वनडे में घातक स्विंग गेंदबाजी की बदौलत 21 रन पर पांच विकेट चटकाकर न्यूजीलैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. उन्हें सात स्थान का फायदा हुआ है.

बोल्ट जनवरी 2016 में गेंदबाजों की रैंकिंग में शीर्ष पर थे और अब उनके पास एक बार फिर शीर्ष स्थान हासिल करने का मौका है. अभी उनसे आगे सिर्फ बुमराह और अफगानिस्तान के लेग स्पिनर राशिद खान हैं.

लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (एक स्थान के फायदे से पांचवें स्थान पर) और तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार (छह स्थान के फायदे से 17वें स्थान पर) की रैंकिंग में भी सुधार हुआ है.

इस नवीनतम रैंकिंग के दौरान न्यूजीलैंड सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की वनडे सीरीज, दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान के बीच पांच मैचों की सीरीज और संयुक्त अरब अमीरात और नेपाल के बीच तीन मैचों की सीरीज के प्रदर्शन को भी ध्यान में रखा गया है.

कोहली की अगुआई वाली बल्लेबाजी रैंकिंग में केदार जाधव (आठ स्थान के फायदे से 35वें स्थान पर) को भी फायदा हुआ है. दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों में क्विंटन डिकाक (एक स्थान के फायदे से आठवें), हाशिम अमला (तीन स्थान के फायदे से 13वें) और रीजा हेंड्रिक्स (36 स्थान के फायदे से 94वें) बल्लेबाजी रैंकिंग में आगे बढ़े हैं, जबकि गेंदबाजी रैंकिंग में एंडिले फेहलुकवायो 13 स्थान के फायदे से 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं. ड्वेन प्रिटोरियस 53वें से 44वें स्थान पर पहुंचे हैं.

टीम रैंकिंग में न्यूजीलैंड की टीम दक्षिण अफ्रीका के पीछे चौथे स्थान पर खिसक गई है. आठ मैचों की सीमा पार करने के बाद नेपाल को पूर्ण रैंकिंग में जगह मिली है और यूएई पर 2-1 की जीत के बाद दोनों टीमों के 15 अंक हैं. यूएई हालांकि दशमल अंक तक गणना करने पर बेहतर स्थिति के कारण 14वें जबकि नेपाल 15वें स्थान पर है.


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adminFebruary 6, 20191min30

Porsche 718 Boxster तिरुवनंतपुरम के एक ड्रिस्ट्रीब्यूटर ने अपनी इस कार के लिए 31 लाख रुपये का नंबर प्लेट खरीदा है.

शौक वाकई बड़ी चीज होती है. हम शौक की बात इसलिए कर रहे हैं कि क्योंकि तिरुवनंतपुरम बेस्ड एक ड्रिस्ट्रीब्यूटर ने अपनी Porsche 718 Boxster को एक खास नंबर प्लेट देने के लिए 31 लाख रुपये खर्च कर दिए. ये रजिस्ट्रेशन नंबर KJ-01CK-1 है. ये अब तक इस राज्य और यहां तक कि भारत में भी किसी नंबर प्लेट के लिए दी गई सबसे महंगी कीमत है. इस नंबर को बेचने के लिए बाकायदा नीलामी रखी गई थी, जहां बोली लगाकर तिरुवनंतपुरम के के. एस. बालागोपाल ने इस रजिस्ट्रेशन नंबर को अपना बना लिया.

इससे पहले ये रिकॉर्ड हरियाणा की Mercedes-Benz S-Class के नाम था, इस कार के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर को 26 लाख रुपये में खरीदा गया था. फिलहाल रजिस्ट्रेशन नंबर KJ-01CK-1 के लिए नीलामी को सोमवार को रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (RTO) द्वारा केरल के तिरुवनंतपुरम जिले में रखी गई थी. नीलामी की शुरुआत 500 रुपये से हुई थी. बालगोपाल ने 30 लाख रुपये के साथ बोली जीती और आवेदन के लिए अतिरिक्त 1 लाख रुपये के साथ नंबर मिला. बोली के दौरान अमाउंट में 5 लाख रुपये के मल्टिपल्स में बढ़त होती गई.

साल 2017 में भी बालागोपाल ने ही अपनी Toyota Land Cruiser के लिए 19 लाख रुपये खर्च किए थे. तब बालागोपाल ने रजिस्ट्रेशन नंबर KL-01CB-1 को खरीदा था. बालागोपाल, देवी फार्मा के मालिक हैं, ये प्रमुख दवा वितरण कंपनी में से एक है. बालागोपाल के गैरेज में कई लक्जरी कारें हैं.

 

नीलामी के दौरान बालागोपाल को शाइन युसेफ से कड़ी टक्कर मिल रही थी. हालांकि शाइन ने 25 लाख रुपये के मार्क के बाद बोली छोड़ दी. बालगोपाल को फैंसी रजिस्ट्रेशन नंबर्स का काफी शौक है और कहते हैं कि उन्हें इस तरह के नंबरों पर बड़ा खर्च करते हुए पछतावा नहीं होता. साथ ही उनका ये भी कहना है कि वे बाढ़ राहत कोष में भी दिल खोलकर दान करते हैं. अपने पॉर्श 718 बॉक्सस्टर के बारे में बोलते हुए, के.एस. बालगोपाल का कहना है कि इस स्पोर्ट्स कार की ब्यूटी और उसके यूनिक कलर मियामी ब्लू ने उन्हें कार इंपोर्ट करने के लिए आकर्षित किया.


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adminFebruary 6, 20191min90

बिग बॉस 11 की विनर रहीं टीवी एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे कांग्रेस पार्टी का हिस्सा बन गई हैं. उन्होंने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम व चरण सिंह सपरा की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.

बिग बॉस 11 की विनर रहीं टीवी एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे कांग्रेस पार्टी का हिस्सा बन गई हैं. उन्होंने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम व चरण सिंह सपरा की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. पार्टी ज्वॉइन करने के बाद उन्होंने अपने विचार रखे और कहा कि वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर देखना चाहती हैं.

इसके अलावा शिल्पा ने प्रियंका गांधी के कांग्रेस में शामिल होने का स्वागत किया और यह भी कहा कि वे महाराष्ट्र में जाति पाति की राजनीति नहीं करेंगी. पार्टी को मजबूत बनाएंगी. सोशल मीडिया पर जहां कई फैन्स ने शिल्पा के पार्टी ज्वॉइन करने का स्वागत किया वहीं कई फैन्स ने उन्हें जमकर ट्रोल किया और तरह-तरह के जोक्स बनाए.

 

यूजर्स ने शिल्पा के कांग्रेस ज्वॉइन करने का मजाक बनाते हुए सोशल मीडिया पर लिखा- इस बार गलत पकड़े हैं. एक यूजर ने लिखा, “मैं शिल्पा शिंदे की तारीफ करता हूं लेकिन कांग्रेस वाली शिल्पा शिंदे का सपोर्ट नहीं कर सकता. एक अन्य यूजर ने लिखा, “क्या वह पूरी तरह पागल हो गई हैं. वह कांग्रेस की मेंबर बनने जा रही हैं. गलती हो गई, इससे अच्छा तो विकास या हिना ही जीत जाते.”

इस तरह के तमाम जोक्स फैन्स ने सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं. एक यूजर ने लिखा, “जो एक मात्र चीज परेशान कर रही है वो ये है कि अब शिल्पा शिंदे को उस पप्पू को सपोर्ट करना होगा.” एक यूजर ने दोहरा कटाक्ष करने हुए लिखा, “यदि आप ड्रामा करने के उस्ताद हैं तो आपका कांग्रेस पार्टी में स्वागत है.”


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adminFebruary 5, 20191min120

बीते 1 फरवरी को अंतरिम बजट के दौरान पीयूष गोयल ने किसानों के लिए खास स्‍कीम का ऐलान किया.लेकिन इस स्‍कीम के लिए एक अहम शर्त भी है. 

बीते 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करते हुए देश के कार्यवाहक वित्‍त मंत्री पीयूष गोयल ने किसानों के लिए ”प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि” योजना का ऐलान किया है. इस योजना के तहत दो हेक्टेयर तक की जोत वाले छोटे किसानों को सालाना 6,000 रुपये की नकद मदद दी जाएगी. लेकिन यह मदद हासिल करने के लिए किसानों के पास आधार होना जरूरी होगा. हालांकि पहली किस्त के लिए आधार नंबर देना अनिवार्य नहीं किया गया है.  बता दें कि पहली किस्‍त के तहत किसानों को दो हजार रुपये की रकम दी जाएगी. इस योजना के तहत किसानों को 31 मार्च तक किस्‍त दे दी जाएगी.

केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने राज्य सरकारों को भेजे पत्र में कहा है, पहली किस्त पाने के लिए आधार नंबर होना अनिवार्य नहीं है. इसके वैकल्पिक दस्तावेजों- ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र नरेगा, रोजगार कार्ड या केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी किसी अन्य पहचान पत्र के आधार पर पहली किस्त दी जा सकती है. वहीं दूसरी और उसके बाद की किस्त के लिए आधार नंबर अनिवार्य होगा.  पात्र किसानों को दोहराव न हो, इसके लिए कृषि मंत्रालय ने राज्‍य सरकारों को सुनिश्चित करने को कहा है.  राज्य सरकारों से कहा गया है कि वे गांवों में लाभार्थी छोटे और सीमान्त किसानों का डाटाबेस बनाएं. राज्यों से ऐसे किसानों का ब्यौरा – नाम, स्त्री हैं या पुरुष, एससी-एसटी, आधार, बैंक खाता संख्या और मोबाइल नंबर जुटाने को कहा है.  बता दें कि केंद्र ने छोटे और सीमान्त किसानों को पति, पत्नी, 18 साल तक के नाबालिग बच्चों के हिसाब से परिभाषित किया है.

 

12 करोड़ किसानों को फायदा

मोदी सरकार की इस स्‍कीम का फायदा 12 करोड़ किसानों को होने की उम्‍मीद है. बीते शुक्रवार को बजट पेश करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि इस योजना के तहत 2 हेक्टेयर तक भूमि वाले छोटी जोत वाले किसान परिवारों को 6,000 रुपये प्रति वर्ष की दर से डायरेक्‍ट इनकम की मदद दी जाएगी. यह रकम 2,000 रुपये प्रत्येक की तीन समान किस्तों में लाभान्वित किसानों के बैंक खातों में सीधे ही ट्रांसफर कर दी जाएगी. इस कार्यक्रम से लगभग 12 करोड़ छोटे और सीमांत किसान परिवारों के लाभान्वित होने की उम्मीद है. योजना पर सरकार 75,000 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर रही है.

बजट में ऐलान के मुताबिक यह स्‍कीम बीते 1 दिसंबर, 2018 से लागू है. कहने का मतलब ये है कि 1 दिसंबर 2018 से 31 मार्च, 2019 तक की अवधि के लिए पहली किस्त का इसी वर्ष के दौरान भुगतान कर दिया जाएगा.



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