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adminFebruary 8, 20211min5480

आपने नाख़ून रगड़ने के बारे में ज़रूर सुन रखा होगा. मेट्रो में, बस में, शॉपिंग मॉल में कई लोगों को भी आपने अपने नाख़ून रगड़ते हुए देखा होगा. हो सकता है आप भी उन लोगों में से हों जो ऐसा करते हैं. आपने साथ में ये भी सुना होगा कि ऐसा करने से बाल काले होते हैं मज़बूत होते हैं और बालों का झड़ना कम होता है. हां, ये सच है और इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है. आइये आपको बताते हैं कैसे काम करता है ये.

एक्यूप्रेशर के बारे में आपने ज़रूर सुना है. एक्यूप्रेशर के अनुसार ऐसा माना जाता है कि पूरा शरीर जुड़ा हुआ है. शरीर के एक हिस्से में दबाव डालने से दूसरे हिस्से में प्रभाव पड़ता है. शरीर में कुल ऐसे एक हजार ऐसे बिंदु हैं, इनको एक्यूप्वाइंट कहा जाता है.

चाइनीज़ एक्यूप्रेशर की माने तो हमारी उंगलियों की नसें खोपड़ी से जुड़ी हुई होती है. जब नाख़ून को रगड़ा जाता है तो उंगलियों की नसें खोपड़ी की नसों में दबाव डालती हैं. जिससे रक्त का प्रवाह तेज़ हो जाता है जिससे बाल मज़बूत होते हैं और बालों का झड़ना रुकता है. यह बालों को काला बने रखने में मदद करता है.

हालांकि इसका असर तुरंत दिखना नहीं शुरू होगा. इसके लिए आपको कम से कम 3-6 महीनों का समय देना होगा. इसकी मदद से बालों से सम्बंधित और भी परेशानियां जैसे बालों में डैंड्रफ होने जैसी समस्याओं से भी छुटकारा मिल सकता है.

योग में भी इस बात का ज़िक्र है. इसे बालायाम यानी बालों का व्यायाम कहा जाता है. अगर आपको डायबिटीज़, हृदय रोग है या आप गर्भवती महिला हैं तो इसे करने से आपको बचना चाहिए क्योंकि यह रक्तचाप को बढ़ा सकता है. ये आपको दिन भर नहीं करना है. आप इसे  दिन में 5-10 मिनट ही करेंगे तो भी बहुत होगा.

अब बस रोज़ाना 5-10 मिनट तक करिये बालायाम और बनाइये अपने बालों को मज़बूत.


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adminFebruary 8, 20211min3540

“असफलता सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है,” यह कथन कभी भी गलत नहीं हो सकता। ऐसे उदाहरण हैं जहां लोग कई बार असफल हुए हैं, केवल कड़ी मेहनत करने और सफलता प्राप्त करने के लिए।

आईआरएस अधिकारी रोहित मेहरा का जीवन अलग नहीं रहा है। “द ग्रीन मैन ऑफ इंडिया” जिनकी स्थिरता के मिशन ने भारत में लाखों लोगों को प्रेरित किया है, वास्तव में वे ग्रेड 12 परीक्षा में असफल रहे। हालांकि, उन्होंने दृढ़ता से काम किया और न केवल अपनी बोर्ड परीक्षाओं को पास करने के लिए, बल्कि 2004 में सिविल सेवाओं को भी पास किया। कई वर्षों तक एक सिविल सेवक के रूप में काम करने के बाद, रोहित ने अपने जीवन के एक हिस्से को स्थिरता और पर्यावरण के लिए काम करने का निर्णय लिया।

“मैं समाज में बदलाव लाना चाहता था। मेरा विजन है कि प्रतिक्रिया करने के बजाय, हमें कार्य करने की आवश्यकता है। अगर मुझे कुछ गलत दिखाई देता है, तो मैं एक बदलाव करना चाहता हूं, “आईआरएस अधिकारी कहते हैं, जिन्हे “द ग्रीन मैन ऑफ इंडिया” भी कहा जाता है।

रोहित कहते हैं कि बचपन में, उनके दादाजी ने उन्हें पौधे उगाने के लिए प्रोत्साहित किया, लेकिन उन्होंने बहुत रुचि के साथ गतिविधि नहीं की। 2016 में, रोहित के बेटे ने उन्हें बताया कि “प्रदूषण” की वजह से उनका स्कूल से एक दिन का अवकाश था। वे लुधियाना में रह रहे थे, जिसके पास उस समय बहुत अधिक AQI था। रोहित यह जानकर हैरान रह गये कि माता-पिता के रूप में, वह अपने बच्चे के लिए स्वच्छ हवा सुनिश्चित नहीं कर सकते। “मुझे पता था कि इसे तुरंत ठीक करने की जरूरत है और इस पर काम करना शुरू कर दिया है।”

अपने परिवार के साथ रोहित मेहरा अपनी पत्नी गीतांजलि और अपने बच्चों की मदद से, उन्होंने लुधियाना, अमृतसर, बड़ौदा, दिल्ली, कोलकाता सहित अन्य शहरों को विकसित करने के लिए पांच अलग-अलग परियोजनाओं पर काम करना शुरू कर दिया और उन्हें रहने के लिए हरियाली वाली जगहें बना दीं।

केवल 4.5 वर्षों में, रोहित ने प्लास्टिक की बोतलों के साथ वर्टिकल गार्डन बनाए, डंप यार्ड में हरे-भरे जंगलों का निर्माण किया, और ‘ग्रीन मैन ऑफ इंडिया’ के रूप में सही नाम कमाया। रोहित के प्रयासों को मुख्य रूप से उनकी पत्नी और बच्चों, और अन्य जो समर्थन में विश्वास करते हैं, द्वारा समर्थित हैं। जब भी वह किसी स्थान पर जाते हैं, तो वह लोगों को अपने हरे मिशन के लिए योगदान करने के लिए और उन्हें अपने “हरे दोस्त” बनाकर परिवर्तित करने का प्रबंधन करते हैं, जिससे देने और प्राप्त करने का एक चक्र बनता है।

 

सुंदरता और सुरक्षा के लिए वर्टिकल गार्डन

पहली परियोजनाओं में से एक रोहित ने दो प्रमुख चिंताओं को संबोधित किया – स्वच्छ हवा और प्लास्टिक मुक्त वातावरण की आवश्यकता। और इसके लिए, उन्होंने एक उत्कृष्ट संसाधन के रूप में एकल-उपयोग वाली प्लास्टिक की बोतलों को पाया।

रोहित कहते हैं, “हमने विभिन्न पौधों के लिए प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल कंटेनर के रूप में किया और देश के विभिन्न हिस्सों में लगभग 500 वर्टिकल गार्डन बनाए।” वास्तव में, लुधियाना के ऋषि नगर में आयकर विभाग के परिसर में एक वर्टिकल गार्डन को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड द्वारा देश में सबसे बड़ा माना गया था। वर्टिकल गार्डन में लगभग 17,000 प्लास्टिक की बोतलों का उपयोग किया गया है।

प्लास्टिक की बोतलों को स्कूल के छात्रों, स्क्रैप डीलरों और अन्य स्थानों से इकट्ठा किया जाता है। “हम छात्रों से अपने घरों से कम से कम दो प्लास्टिक की बोतलें लाने के लिए कहते हैं। इसलिए, 300 छात्र हमें 600 बोतलें दे सकते हैं।”

उन्होंने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में, रेलवे स्टेशनों, पुलिस स्टेशनों, न्यायिक परिसरों और यहां तक कि कुछ आईआईटी – इन सभी को पुनर्नवीनीकरण प्लास्टिक की बोतलों से बनाया है। पंजाब के स्थानों के अलावा, रोहित के बगीचे पूरी दिल्ली, गुरुग्राम, सूरत, वडोदरा, जम्मू, मुंबई, कोलकाता और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी हैं। इन सभी परियोजनाओं को निशुल्क किया गया है। रोहित अपने प्रयासों को धरती माता को वापस देने का एक तरीका मानते हैं।

 

हर जगह सीड बॉल

रोहित ने “सीड बॉल” की अवधारणा भी पेश की है – इसके विकास के लिए पोषण से समृद्ध मिट्टी में लिपटे हुए बीज बनाए जाते हैं। जहां कहीं भी खाली स्थान उपलब्ध हो, वहां इन्हें फेंक दिया जाता है ताकि वे पौधों में अंकुरित हो सकें।

रोहित और उनके परिवार ने उन्हें लंगर, रथयात्राओं और कई कार्यक्रमों में वितरित किया है। रोहित कहते हैं, ‘हम टोल प्लाजा पर खड़े होते थे, इन सीड बॉल को मुफ्त में बांटते थे और लोगों को पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित करते थे।’

 

अच्छे के लिए सोशल मीडिया

“कई संपर्कों वाले व्यक्ति के रूप में, मुझे कहना होगा कि मुझे दैनिक आधार पर कुछ ‘सुप्रभात संदेश’ प्राप्त होते हैं। इन संदेशों को साफ करते हुए काफी थकाऊ है, इसने मुझे एक विचार दिया, ” रोहित कहते हैं। “मैंने हर उस व्यक्ति से पूछा, जो सुबह मुझसे पांच पेड़ लगाने की कामना करता है, और मुझे इसके साथ एक तस्वीर भेजता है।

130 अजीब लोगों में से कम से कम 92 ने अनुपालन किया और वास्तव में पेड़ लगाए।“, वह कहते हैं जब भी कोई उन्हें तस्वीर भेजता, वह उसे अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपलोड करते हैं और उन्हें टैग करते हैं। इसे देखकर, अधिक लोगों ने पेड़ लगाने के बाद तस्वीरें साझा करना शुरू कर दिया। रोहित का कहना है कि इस गतिविधि में अब तक लगभग एक हजार लोग लगे हुए हैं, जिनमें एक बुजुर्ग व्यक्ति भी शामिल है, जो 76 वर्ष की आयु में भी एक महान कार्य में भाग लेना चाहते थे।

 

जंगलों का निर्माण

रोहित और उनकी टीम ने डंप यार्ड्स को खाली करने और उन्हें वृक्षयर्वेद, या ‘प्लांट लाइफ के विज्ञान’ का उपयोग करके हरे-भरे जंगलों में बदलने का फैसला किया। प्रक्रिया में पौधों का पोषण शामिल है और किसी भी रसायनों के उपयोग के बिना पौधों के रोगों के नियंत्रण की अनुमति देता है। उन्होंने खाली और अनुपयोगी भूखंडों को भी जंगलों में बदल दिया।

रोहित कहते हैं, “इस पहल को शुरू करने के एक साल के भीतर, हमने देखा कि पेड़ 17 फीट से अधिक की ऊंचाई तक बढ़ते हैं। वास्तव में, आप इससे गुजर भी नहीं सकते। यह नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) जैसे संगठनों के ध्यान में आया, जिन्होंने मुझे एक अन्य परियोजना के लिए सवार किया। हम बुद्ध नाला नदी को एक और हरे जंगल में परिवर्तित कर रहे हैं।” (बुद्ध नाला नदी पंजाब के मालवा क्षेत्र से होकर बहती है और कहा जाता है कि यह देश के सबसे जहरीले पानी में से एक है।

एनजीटी ने सफाई का जिम्मा लिया है और स्थायी समाधान के लिए अनुरोध किया है।) चार वर्षों की अवधि में, रोहित ने 83 से अधिक ऐसे जंगलों का निर्माण किया है, जिनमें से कम से कम अमृतसर, लुधियाना, कोलकाता, बड़ौदा, जगराओं और मुल्लानपुर में 50 हरे रंग की क्यारियाँ हैं।


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adminFebruary 8, 20212min6250

PayPal के जरिए भुगतान और पैसे ट्रांसफ़र करने जैसे काम आप 1 अप्रैल, 2021 से नहीं कर पाएंगे. PayPal अपनी सर्विसेज़ क्यूं बंद करने जा रहा है, PayPal है क्या और क्या PayPal इंडिया से अपना पूरा कारोबार समेट रहा है? आइए इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं.\

अगर आप ऑनलाइन पेमेंट करते हैं, तो PayPal के बारे में जानते ही होंगे. नहीं जानते तो बता देते हैं. PayPal एक अमेरिकी कंपनी है, जो अधिकांश देशों में ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम चलाती है. मतलब कुछ-कुछ पेटीएम या गूगल पे सरीखी. आसान भाषा में कहें तो PayPal दो लोगों या संस्थाओं के बीच के पैसों के लेन-देन को आसान और सुरक्षित बनाने का शुल्क लेती है.

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# PayPal माफिया?

क्या आपने ‘PayPal माफिया’ के बारे में सुना है? तो जान लीजिए, ये ऐसे लोगों का ग्रुप है जो कभी PayPal के कर्मचारी या फ़ाउंडर रह चुके हैं. ‘PayPal माफिया’ ग्रुप फ़ेमस भी है. इसका एक विकिपीडिया पेज भी है. फ़ॉर्चून मैगज़ीन दो बार इसके बारे में लिख चुकी है. क्यूंकि ‘PayPal माफिया’ ग्रुप के सदस्य PayPal के अलावा भी कई बड़ी-बड़ी कंपनियों को चला चुके हैं या चला रहे हैं. जैसे इलॉन मस्क, जो एक्स डॉट कॉम (x.com) के संस्थापक रहे हैं. x.com ने PayPal बनाने वाली कंपनी ‘कॉनफ़िनिटी ’ को ख़रीदा था.

 

लेकिन इलॉन मस्क ने बाद में x.com के बाकी सारे कारोबार को बंद कर दिया, और अपना पूरा फ़ोकस PayPal पर ही लगा दिया. क्यूंकि उनका मानना था कि भविष्य डिजिटल पेमेंट का है.

 

# PayPal की हिस्ट्री

PayPal को बाद में eBay ने ख़रीद लिया. eBay के ज़्यादातर डिजिटल पेमेंट PayPal के माध्यम से होने लगे. 2005 में VeriSign को ख़रीदने और 2007 में मास्टरकार्ड के साथ करार करने के बाद PayPal बड़ी से विशाल होती चली गई.

 

2007 में PayPal की एंट्री भारत में हुई. इसने चेन्नई में अपना एक सॉफ़्टवेयर डिवेलपमेंट सेंटर खोला. फ़रवरी 2010 में PayPal ने भारत में पर्सनल पेमेंट सर्विस बंद कर दी थी. मतलब PayPal के माध्यम से सिर्फ़ बिल वग़ैरह का ही भुगतान किया जा सकता था, किसी दोस्त-रिश्तेदार को पैसे ट्रांसफ़र नहीं हो सकते थे. जिस दिन ये सर्विस बंद हुई, उस दिन खूब कोहराम मचा. लोगों के भेजे गए पैसे वापस आने लगे. उसके बाद PayPal ने अपने सभी यूज़र्स को मेसेज भेजे-

हमने आपके पेमेंट को इसलिए रिवर्स कर दिया है, क्यूंकि अब हमने भारत में या भारत से किए गए पर्सनल पेमेंट स्वीकार करने बंद कर दिए हैं.

8 नवंबर, 2017 को ‘PayPal पेमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से भारत में घरेलू पेमेंट सर्विस शुरू की गई. कंपनी व्यापारियों और ग्राहकों के लिए डिजिटल भुगतान की सुविधाएं देने लगी.

अब कोविड-19 का दौर आया. इस वक्त कुछ ही ऐसे सेक्टर्स थे, जो घटने के बजाय बढ़ रहे थे. डिजिटल पेमेंट वाली कंपनियां उनमें से एक थीं. यूं इस दौरान PayPal दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करता रहा. इस वक्त PayPal को दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट सर्विस कहा जाता है.

 

# विदेश से पैसे लेना, भेजना नहीं रुकेगा

PayPal इसी साल 1 अप्रैल से भारत में डॉमेस्टिक पेमेंट सर्विस और पेमेंट गेटवे को बंद कर रहा है. मतलब अब ये सिर्फ़ ऑनलाइन माध्यम से भारत में बाहर से आने वाले और भारत से बाहर जाने वाले पैसों की ही डीलिंग करेगा. PayPal ने कहा कि अब कंपनी क्रॉस बॉर्डर बिजनेस पर ध्यान केंद्रित करेगी.

मतलब ये हुआ कि भारत से बाहर रहने वाले PayPal के ग्लोबल कस्टमर्स अब भी इसके जरिए भारतीय व्यापारियों को पेमेंट करने और उनसे पैसे लेने का काम करते रहेंगे. PayPal विवाद समाधान, रिटर्न और पेमेंट रिवर्सल को लेकर अपना संचालन और सपोर्ट भी चालू रखेगी. लेकिन अप्रैल से PayPal की पेमेंट गेटवे और एग्रीगेटर सेवाएं खत्म हो जाएंगी.

 

ये ख़बर बड़ी इसलिए है क्यूंकि भारत में ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइडर पोर्टल्स, ऐप्स और वेबसाइट्स पर PayPal के जरिए ढेरों पेमेंट्स होते हैं. इनमें ‘यात्रा’, ‘मेक माइ ट्रिप’, ‘बुक माइ शो’ और ‘स्विगी’ जैसे ऐप्स और ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइडर्स भी शामिल हैं. वैसे PayPal के लिए भी ‘क्रॉस बॉर्डर’ वाली राह आसान नहीं है, क्यूंकि वहां पर पहले से ही ‘वेस्टर्न यूनियन’ जैसे दिग्गज बैठे हैं.


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adminFebruary 3, 20211min5700

विकिपीडिया (Wikipedia), दुनिया का सबसे बड़ा वॉलेंटियर-मेड ऑनलाइन एनसाइक्लोपीडिया है। 55 मिलियन आर्टिक्ल्स के साथ, विकिपीडिया इंटरनेट पर 13 वां सबसे अधिक देखा जाने वाला स्थान है। बहुत से लोगों को यह पता नहीं है, लेकिन विकिपीडिया भी 300 अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध है, जिसमें अंग्रेजी के अलावा हिंदी भी शामिल है।

विडंबना यह है कि भले ही दुनिया में कुल 34.1 करोड़ हिंदी भाषी हैं, लेकिन विकिपीडिया पर हिंदी भाषा में केवल 1.4 लाख पेज ही उपलब्ध हैं। यही वो बात थी जो राजस्थान के जोधपुर के राजू जांगिड़ को अखर गई और उन्होंने विकिपीडिया (हिंदी) एडिटर बनने की ठानी, लेकिन उनका ये सफर इतना आसान नहीं था।

 

गरीबी से रहा नाता

राजू जांगिड़ राजस्थान में जोधपुर जिले के ठाडिया गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता बुजुर्ग किसान हैं और मां गृहणी है। मध्यम-वर्गीय परिवार में राजू की पांच बड़ी बहनें और दो भाई भी हैं। राजू ने कक्षा 10 वीं तक पढ़ाई की और बाद में परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के कारण उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी। उनका सपना क्रिकेटर बनने का था, लेकिन वो भी पैसों की कमी के कारण पूरा नहीं हो सका।

परिवार की आर्थिक मदद करने के लिये राजू पुणे में कारपेंटर की नौकरी करने के लिये चले गए। इसी के साथ उन्होंने विकिपीडिया पर हिंदी पेजों को एडिट करना शुरू किया। इतना ही नहीं, कारपेंटर की नौकरी के साथ विकिपीडिया पर पेज एडिट करते हुए राजू ने अपनी आगे की पढ़ाई भी शुरू की। उन्होंने 12 वीं पास करने के बाद बी. ए. पास किया।

विकिपीडिया से पहली मुलाकात विकिपीडिया पर अपनी शुरूआत के बारे बात करते हुए राजू  बताते हैं, “पहली बार मैंने बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती के बारे में गूगल पर सर्च किया तो मुझे पहला लिंक विकिपीडिया का ही मिला। उसके बाद मैं जब भी किसी व्यक्ति, स्थान या वस्तु के बारे में सर्च करता तो मेरी सर्चिंग इसी पर खत्म होती, बस यहीं से मेरी दिलचस्पी इसमें और बढ़ने लगी। इसके बाद मैंने विकिपीडिया के इतिहास के बारे में, पेज क्रिएटर्स, कंट्रीब्यूटर्स, एडिटर्स आदि के बारे में अहम जानकारियां जुटाई।”

 

क्या थी चुनौतियां

राजू ने जब विकिपीडिया पर कंटेंट एडिटिंग की शुरूआत की तब वह महज दसवीं पास थे और बतौर कारपेंटर पुणे में नौकरी करते थे। हालाँकि, राजू का पेशा विकिपीडिया के प्रति उनकी रुचि को कम नहीं कर सका और उन्होंने इंटरनेट पर अपने गाँव के बारे में जानकारी साझा करने के लिए हिंदी में योगदान देने का निर्णय लिया, लेकिन उनके सामने दो बड़ी समस्याएं थीं।

पहला, राजू के पास कोई कंप्यूटर या लैपटॉप नहीं था। वह अपने की-पैड वाले फोन से रिसर्च करते, पढ़ते और टाइप करते थे, जो कि कठिन और समय लेने वाला काम था।

दूसरा, अपनी जानकारी का समर्थन करने के लिए उनके पास कोई रेफ्रेंस नहीं था, उनके आर्टिकल जो उन्होंने अपने गाँव के बारे में लिखे थे, विकिपीडिया के एडिटर्स द्वारा हटा दिए जाते थे।

कड़ी मशक्कत के बावजूद राजू ने हार नहीं मानी और अपनी कोशिशें लगातार जारी रखी। उन्होंने अपने आर्टिकल्स को अपलोड करने के लिए दो साल तक बार-बार प्रयास किए लेकिन असफल रहे और यहां तक कि इस प्रक्रिया में उन्हें तीन बार एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा ब्लॉक भी कर दिया गया।

इन प्रयासों के बीच, राजू ने यह जान लिया कि आर्टिकल्स को निष्पक्ष रखने के लिए कोट्स और रेफ्रेंसेज की भी आवश्यकता होती है और उसके बाद ही वह उन्हें अपलोड कर सकते हैं।

चीजें सीखने के बाद, राजू ने साल 2015 में एक नया अकाउंट बनाया, और उन्होंने सभी कम्यूनिटी गाइडलाइंस का पालन करते हुए अपने सफर की शुरूआत की, तब से पीछे मुड़कर नहीं देखा।

 

विकिपीडिया पर हासिल की ये उपलब्धियां

22 वर्षीय राजू साल 2015 से विकिपीडिया के लिये एडिटिंग कर रहे हैं और वे अब तक लगभग 1900 पेज क्रिएट कर चुके हैं और करीब 57000 से ज्यादा पेज एडिट कर चुके हैं। क्रिकेट के प्रति अपने जुनून को पूरा करते हुए उन्होंने WikiProject Cricket के तहत अब तक 650+ पेज क्रिएट किए हैं, जिनमें क्रिकेट खिलाडियों और इस खेल से संबंधित तमाम जानकारी उपलब्ध है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को वे अपना फेवरेट क्रिकेटर बताते हैं और ‘माही’ का “हेलीकॉप्टर शॉट” उन्हें बेहद पसन्द हैं।

राजू ने विकिपीडिया पर आयोजित 100WikiWomensDay चैलेन्ज को पूरा करते हुए, प्रति दिन एक महिला का पेज बनाते हुए 100 दिन में 100 महिलाओं के पेज क्रिएट किये हैं। वे जोधपुर से सबसे ज्यादा विकिपीडिया पेज एडिट करने वाले शख्स हैं।

दिलचस्प बात यह है कि 8000 से ज्यादा पेज राजू ने मोबाइल फोन से एडिट किये हैं और इनमें से 3000 से ज्यादा तो उन्होंने पुराने की-पैड वाले फोन से एडिट किये हैं, यह विकिपीडिया और हिंदी के प्रति उनके लगाव और जुनून को दर्शाता है।

 

मेहनत से मिली पहचान

साल 2016 में पुणे, महाराष्ट्र में एक हिंदी विकिपीडिया कॉन्फ्रेंस में भाग लेने का अवसर मिलने के बाद राजू के लिए चीजें वास्तव में बदल गईं।

राजू बताते हैं, “दो कम्यूनिटी मेंबर्स को मेरी कमजोर आर्थिक स्थिति के बारे में पता था और उन्होंने वहां मौजूद दूसरे मेंबर्स के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने मुझे एक लैपटॉप और इंटरनेट कनेक्शन दिलाने के लिए फंड रेज़ कैंपेन चलाने का सुझाव दिया। छह महीने बाद, दिसंबर में, मुझे दोनों चीजें मिल गईं।”

साल 2017 में, राजू ने अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए कारपेंटर की अपनी नौकरी छोड़ दी और कंटेंट राइटिंग को अपना कैरियर चुना

आज, राजू विकिपीडिया पर एडिटर से रिव्यूअर बन गए हैं।

राजू ने साबित किया कि निरंतरता और दृढ़ संकल्प के साथ सभी बाधाओं को दूर किया जा सकता है। यह हिंदी भाषा और उनके जुनून के लिए उनका प्यार था जिसने उन्हें आगे बढ़ाया और उन्होंने सफलता हासिल की। राजू की कहानी हमें यह सीख देती है कि चाहे कितनी भी मुश्किलें क्यों न हो, अगर आप अपने काम के प्रति लगातार मेहनत करेंगे तो एक-न-एक दिन सफलता आपके कदम चुमेगी।


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adminFebruary 3, 20211min24580

‘स्वदेस’ फिल्म देखी है आपने? शाहरुख़ खान का किरदार मोहन भार्गव उसमें नासा में काम करता है. अमेरिका में. नासा यानी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन. मतलब अमेरिका का स्पेस सेंटर. फिल्म देखने वालों को याद ही होगा कि वो जगह कितनी भौकाली थी.

भारतीय मूल की अमेरिकी महिला भव्या लाल को इसी भौकाली जगह का कार्यकारी प्रमुख नियुक्त किया गया है. नासा ने एक प्रेस रिलीज़ में इस बात की जानकारी दी है. भव्या राष्ट्रपति जो बाइडेन प्रशासन के अंतर्गत नासा में परिवर्तन संबंधी कामकाज देख रही हैं. और बाइडन द्वारा नासा में बदलाव संबंधी समीक्षा दल की सदस्य भी हैं. भव्या नासा में बजट और फाइनेंस डिपार्टमेंट में वरिष्ठ सलाहकार का भी कामकाज देखेंगी. कुल  मिलाकर, जिम्मेदारी खूब है.

 

अब उनके बारे में कुछ और बातें जान लीजिए.

– भव्या अमेरिका के इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस एनालिसिस साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (STPI) में रिसर्च स्टाफ रही हैं. इंजीनियरिंग और स्पेस टेक्नोलॉजी में उनका काफ़ी अनुभव है.

– उन्होंने वाइट हाउस की साइंस एंड टेकनॉलजी पॉलिसी एंड नेशनल स्पेस काउंसिल के साथ ही अमेरिकी स्पेस से जुड़े कई कार्यक्रमों की अगुआई की.

– भव्या स्पेस टेक्नोलॉजी एंड पॉलिसी कम्युनिटी की सक्रिय सदस्य हैं. वह कई सरकारी स्पेस और साइंस समितियों में भी रह चुकी हैं.

– भव्या 10 सालों तक ‘एबीटी एसोसिएट्स’ की सेंटर फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी स्टडीज़ की डायरेक्टर रह चुकी हैं.

– 15 सालों तक STPI की रिसर्च स्टाफ मेंबर रही हैं. STPI जॉइन करने से पहले भव्या C-STPS LLC की अध्यक्ष रह चुकी हैं. यह कंपनी साइंस, टेक्नोलॉजी संबंधी नीतियां और रिसर्च को लेकर काम करती है.

– भव्या ने अमेरिकन न्यूक्लियर सोसाइटी के सालाना न्यूक्लियर एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ इन स्पेस सम्मेलन की सह-स्थापना की थी. ये सोसाइटी अंतरिक्ष इतिहास और पॉलिसी पर सेमिनारों का आयोजन करती है.

– अंतरिक्ष के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें कई सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है. भव्या के दुनिया के टॉप जर्नल्स में 50 से अधिक पेपर्स प्रकाशित हैं.

 

इसके लिए कितनी पढ़ाई की?

भव्या ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से न्यूक्लियर इंजीनियरिंग में बैचलर्स किया हुआ है. इसी इंस्टिट्यूट से उन्होंने डबल मास्टर्स किया हुआ है. न्यूक्लियर इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी और पॉलिसी स्ट्रीम से. भव्या ने द जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में पीएचडी की हुई है.


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adminFebruary 3, 20219min4500

रिहाना. अमेरिकी पॉप स्टार हैं. गाने गाती हैं. ‘डायमंड’ और ‘लव द वे यू लाई’ जैसे तमाम हिट गाने गए हैं. शायद आपने भी सुने हों. यूथ में बेहिसाब पॉपुलर हैं. अचानक से भारत में चर्चा में आ गई हैं. क्यों? क्योंकि उन्होंने किसान आंदोलन को लेकर एक ट्ववीट कर दिया है. पहले ट्वीट पर नजर डालते हैं, बाकी बातें बाद में-

रिहाना ने अपने ट्वीट में CNN की एक खबर शेयर की है. इस खबर की हेडलाइन है- किसानों और पुलिस की भिड़ंत के बीच भारत में नई दिल्ली के आसपास इंटरनेट पर रोक लगाई गई. इस पर रिहाना ने ट्वीट में सवाल किया-

“आखिर हम इस बारे में बात क्यों नहीं कर रहे हैं?”

रिहाना ने ये ट्वीट किया ही था कि पूरे ट्विटर पर भसड़ मच गई. यूजर्स तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे. आइए नजर डालते हैं इनमें से कुछ पर-

सुशील नाम के यूजर ने लिखा कि रिहाना को दूसरे देश के मामलों में दखल देने की जरूरत नहीं है.

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किसी ने मजाकिया अंदाज में लिखा, ‘रिहाना जाग गईं और Harihanna को चुन लिया’

 

 

अज़ीम खान नाम के यूजर ने तो कह दिया, बॉलीवुड सितारों को शर्म आनी चाहिए.

 

रिहाना ने पूछा था कि आखिर हम (किसान आंदोलन पर बात क्यों नहीं कर रहे हैं) इसके जवाब में अर्घ्यदीप नाम के यूजर ने लिखा कि बात इसलिए नहीं हो रही क्योंकि हम भी अमेरिका के मामलों में दखल नहीं देते. क्योंकि हम अपनी लोकतांत्रिक सरकार में भरोसा रखते हैं, जो मामलों को हैंडल करने के काबिल है.

 

 

अंतरिक्ष नाम से ट्विटर हैंडल से भी इसके जवाब में लिखा गया- क्योंकि किसानों के भेष में गुंडे मौजूद हैं और असली किसान खेतों में पसीना बहा रहा है. किसान शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर पुलिसवालों पर हमला नहीं करते.

 

 

शिव तिवारी नाम के यूजर ने रिहाना को उत्तरी आयरलैंड में हुई घटना की याद दिलाई. 2011 में रिहाना उत्तरी आयरलैंड के एक खेत में सेमी न्यूड फोटो शूट करा रही थीं और एक किसान ने उन्हें अपने खेत से निकाल दिया था.

 

 

कई लोगों ने किसान आंदोलन के मुद्दे को उठाने के लिए रिहाना के धन्यवाद दिया. मीनाक्षी चौधरी नाम की यूजर ने लिखा- रिहाना, आप एक बहादुर इंसान हैं. आप इंसानियत के लिए जीती हैं. एक अच्छे उद्देश्य के लिए आवाज उठाने के लिए शुक्रिया.

 

 

रमनजीत नाम की यूजर ने लिखा- जो कुछ हो रहा है, उस पर ध्यान दिलाने के लिए शुक्रिया. जागरूकता फैलाने के लिए हम आपके शुक्रगुजार हैं.

 

 

शरण नाम के यूजर ने लिखा- मुझे नहीं पता कि रिहाना के इस ट्वीट के बाद मोदी भक्तों को नींद कैसे आएगी.

 

 

एक यूजर करुण रेड्डी ने लिखा- क्योंकि हम इस मामले के एक्सपर्ट नहीं है. कम से कम आप तो बिल्कुल भी नहीं हैं.

 

 

विवेक नाम के यूजर ने लिखा कि प्रोटेस्ट करने वाले किसान वामपंथी खालिस्तानी और कांग्रेसी हैं. ये दिल्ली में दंगा कराना चाहते हैं.

 

 

एक यूजर ने मजाकिया लहजे में ये मीम शेयर किया-

 

 

देसी छोरा नाम के यूजर ने लिखा- रिहाना मैप पर इंडिया को खोज भी नहीं पाएगी, लेकिन हां, वो ‘बुद्धिजीवी’ है.

 

 

 

एक यूजर ने तो प्रधानमंत्री मोदी और रिहाना के ट्विटर पर फॉलोवर भी गिना दिए.

 

 

 

एक यूजर ने ट्वीट किया- इंटरनेट बंद कर देना, रात में प्रोटेस्टर्स को पीटना, पत्रकारों को जेल में डाल देना, भारत सरकार अपने नागरिकों के मानवाधिकारों का हनन कर रही है.

 

चलते चलते रिहाना के बारे में थोड़ा और जान लीजिए

रिहाना अमेरिका के ब्लैक समुदाय से हैं. व्हाइट लोगों के बीच में उन्होंने अपनी पहचान बनाई है. आज लोग उनसे इंस्पायर होते हैं. लेकिन उनकी सक्सेस स्टोरी इतनी आसान नहीं रही. उनका बचपन बहुत डिस्टर्ब रहा. उनके पिता ड्रग एडिक्ट थे. आर्थिक हालात भी बहुत खराब थे. उनके पिता उन्हें बहुत मारते-पीटते थे. स्कूल में भी उन्हें बुलिंग सहनी पड़ी थी. बड़े होने पर क्रिस ब्राउन के साथ उनकी रिलेशनशिप भी सही नहीं रही. इस दौरान भी वे हिंसा का शिकार हुईं. लेकिन इन सबके बावजूद वे अपने टैलेंट को निखारती रहीं. देखते ही देखते सिंगिंग की दुनिया में बड़ी हस्ती बन गईं.

किसान प्रोटेस्ट को लेकर किए गए रिहाना के ट्वीट पर अब तक साढ़े तीन लाख से अधिक लाइक आ चुके हैं. लगभग डेढ़ लाख लोगों ने उनके ट्वीट को रीट्वीट किया है. यह अपने आप में बताता है कि रिहाना का सिर्फ एक सवाल भारत में किसान आंदोलन को लेकर लोगों पर क्या असर डाल रहा है.


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adminFebruary 3, 20211min4200

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE की 10वीं और 12वीं की परीक्षा की डेटशीट जारी हो गई हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने भी ये डेटशीट जारी की हैं. CBSE द्वारा तय किए गए प्रोग्राम के मुताबिक, ये एग्जाम 4 मई से 10 जून के बीच होंगे. 12वीं की परीक्षाएं दो शिफ्टों में ली जाएंगी. पहली शिफ्ट का समय सुबह 10:30 से दोपहर 1:30 बजे तक का है. दूसरी शिफ्ट का समय दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक का तय किया गया है. छात्र-छात्राएं cbse.nic.in पर जाकर अपने एग्जाम की डेटशीट डाउनलोड कर सकते हैं.

शिक्षा मंत्री ने बताया कि परीक्षाएं ऑफलाइन मोड के तहत कराई जाएंगी. यानी बच्चों को स्कूल जाकर पेपर देना होगा. इस जानकारी के साथ रमेश पोखरियाल ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से छात्रों को गुड लक कहा और उनकी हौसला अफजाई की. साथ ही कोरोना काल में शिक्षकों के कार्य की भी सराहना की.

 

 

मार्च में होंगे प्रैक्टिकल

सीबीएसई के 10वीं और 12वीं कक्षा के प्रैक्टिकल एग्ज़ाम 1 मार्च से होने हैं. ये भी छात्रों को स्कूल जाकर देने होंगे. जानकारी के मुताबिक, अगर कोरोना के कारण स्कूल उस समय तक नहीं खुलते, तो ये प्रैक्टिकल थ्योरी एग्ज़ाम के बाद होंगे. सब तय शेड्यूल के हिसाब चला तो प्रैक्टिकल और थ्योरी एग्ज़ाम दोनों का रिजल्ट 15 जुलाई तक घोषित कर दिया जाएगा. इससे छात्र आगे की पढ़ाई के लिए तैयारी कर सकेंगे.

बता दें कि कोरोना महामारी के दौरान 2020 में 10वीं और 12वीं की परिक्षाओं को बीच में रोक दिया गया था.और उम्मीद की जा रही थी कि जब हालात सामान्य होंगे, तब बाकी के एग्ज़ाम लिए जाएंगे. पर मामला कोर्ट पहुंचा और ये परिक्षाएं रद्द कर दी गईं थीं. और  वैकल्पिक मूल्यांकन कार्यक्रम के आधार पर परिणाम की घोषणा की गयी. इस बार भी परीक्षाएं देर से आयोजित की गई हैं. क्योंकि अमूमन प्रैक्टिकल्स जनवरी में और एग्जाम्स फरवरी-मार्च में खत्म हो जाते थे. पर कोरोना के कारण इस बार एहतियात बरती गई है.


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adminFebruary 3, 20211min6200

अमेज़ॅन के फाउंडर जेफ बेजोस ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का पद छोड़ने का ऐलान किया है. उनकी जगह पर अमेज़ॅन वेब सर्विसेज के चीफ एंडी जेसी को सीईओ की जिम्मेदारी दी जाएगी. 

 

अमेज़ॅन के फाउंडर जेफ बेजोस ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का पद छोड़ने का ऐलान किया है. एक स्टार्टअप को दुनिया की सबसे अधिक मूल्यवान कंपनी के रूप में खड़ा करने वाले जेफ बेजोस इस साल के आखिरी तक सीईओ पद छोड़ देंगे. उनकी जगह पर अमेज़ॅन वेब सर्विसेज के चीफ एंडी जेसी को सीईओ की जिम्मेदारी दी जाएगी.

अमेज़ॅन में हिस्सेदारी के आधार पर दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति जेफ बेजोस ने कहा कि वह तीसरी तिमाही में सीईओ पद छोड़ देंगे. अमेज़ॅन वेब सर्विसेज के चीफ एंडी जेसी को सीईओ बनाया जाएगा. यह खबर तब आई जब अमेज़ॅन के मुनाफे में रिकॉर्ड स्तर की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि कोरोना काल में लोगों ने सबसे अधिक ऑनलाइन खरीदारी की.

अमेज़ॅन के कर्मचारियों को लिखी एक चिट्ठी में जेफ बेजोस ने कहा कि वह महत्वपूर्ण अमेज़ॅन पहलों में लगे रहेंगे, लेकिन अब वह अपने परोपकारी पहलों जैसे अपने वन डे फंड और बेजोस अर्थ फंड के अलावा अंतरिक्ष अन्वेषण और पत्रकारिता समेत अन्य व्यावसायिक उपक्रमों पर ध्यान देंगे.

57 साल के जेफ बेजोस ने 1994 में अपने गैराज में अमेज़ॅन की स्थापना की और इसे एक ऐसे वेंचर में विकसित किया जो ऑनलाइन रिटेल पर हावी है, जिसमें स्ट्रीमिंग म्यूजिक और टेलीविजन, किराने का सामान, क्लाउड कंप्यूटिंग, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बहुत कुछ है. उनके अन्य व्यवसायों में द वाशिंगटन पोस्ट अखबार और निजी स्पेस फर्म ब्लू ओरिजिन शामिल है.

जेफ बेजोस की जगह सीईओ बनने वाले एंडी जेसी ने 1997 में अमेज़ॅन बतौर मार्केटिंग मैनेजर ज्वाइन किया और 2003 में कंपनी के क्लाउड सर्विसेज डिवीजन AWS की स्थापना की. जेफ बेजोस ने कहा कि एंडी को कंपनी में हर कोई जानता है और वह अमेज़ॅन में काफी समय से काम कर रहे हैं, वह बेहतरीन लीडर होंगे, मुझे भरोसा है.


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adminFebruary 1, 20211min4800

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए बजट का ऐलान किया. इसमें किसानों के लिए कुछ नई योजनाओं की घोषणा की गई है. हालांकि बजट पेश करने के दौरान जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जैसे ही खेती और किसानों पर बात शुरू की तो विपक्ष हूटिंग करने लगा. वित्त मंत्री ने अपनी बात शुरू करते हुए कहा कि सरकार किसानों के हित के लिए प्रतिबद्ध है. उनके ऐसा बोलते ही विपक्ष की तरफ से नारेबाजी होने लगी. हंगामे के दौरान निर्मला सीतारमण ने केंद्र सरकार की तरफ से किसानों के लिए घोषणाएं कीं और उनके लिए किए गए कामों का जिक्र किया.

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ये सुनिश्चित कर रही है कि खेती से जुड़ी सभी कमोडिटीज पर लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP दिलाया जा सके. उन्होंने बताया कि सरकार गावों में संपत्ति के दस्तावेज और किसानों को आसानी से ऋण दिलाने पर भी काम कर रही है. आइए जानते हैं कृषि और किसानों पर वित्त मंत्री ने और क्या-क्या कहा:

# ‘स्वामित्व स्कीम’ के तहत गांवों में संपत्ति मालिकों को संपत्ति अधिकार से जुड़े दस्तावेज दिए जा रहे हैं. अब तक 1,241 गांवों के 1.80 लाख संपत्ति मालिकों को ये दस्तावेज दिए गए हैं.

# किसानों को लोन आसानी से उपलब्ध हो सके, इसके लिए कृषि ऋण के लक्ष्य को बढ़ाकर 16.5 लाख करोड़ रुपये किया गया है. पहले ये 12 लाख करोड़ रुपये तक था. पशुपालन, डेयरी और मछली पालन के क्षेत्र में अधिक लोन देने पर जोर.

ग्रामीण विकास कोष के लिए आवंटन को 30 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये किया गया है.

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के अंतर्गत बने सिंचाई फंड को दोगुना कर 5 हजार करोड़ रुपये से 10 हजार करोड़ रुपये किया गया.

कृषि उत्पादों की कीमत का निर्धारण और आयात की व्यवस्था बेहतर रहे, इसके लिए ऑपरेशन ‘ग्रीन स्कीम’ के दायरे को बढ़ाकर इसमें 22 अन्य उत्पादों को शामिल किया जा रहा है. अब तक ये टमाटर, आलू और प्याज पर लागू है.

5 फिशिंग हार्बर (वे इलाके जहां मछलियां पकड़ी जाती हैं) को आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के तौर पर विकसित किया जाएगा. इनमें कोच्चि, चेन्नई, विशाखापट्टनम, पारदीप और पेटुआघाट जैसे इलाके शामिल हैं. इससे मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

# घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि उत्पादों का आयात बढ़ाने के लिए कृषि उड़ान स्कीम. ये काम PPP मॉडल पर होगा.

# किसान क्रेडिट कार्ड योजना को 2021 तक के लिए बढ़ाया जाएगा. इसके लिए सीमा को 12 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 15 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा.

# खेती और सिंचाई के लिए इस वित्तीय वर्ष में 2.83 लाख करोड़ रुपये का आवंटन. ग्रामीण विकास और पंचायती राज के लिए 1.23 लाख करोड़ रुपये.

# देश में मौजूद वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज को नाबार्ड अपने अंडर में लेगा. इन्हें नए तरीके से डेवलेप किया जाएगा. नए वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज भी खोले जाएंगे. इसके लिए PPP मॉडल अपनाया जाएगा.

# 2022-23 तक मछली उत्पादन को बढ़ाकर 200 लाख टन तक पहुंचाने का लक्ष्य. फिश प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा.

# 2025 तक दूध उत्पादन को दोगुना करके 108 मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य.

# प्रधानमंत्री कुसुम योजना के जरिये किसानों के पंप को सोलर पंप से जोड़ा जाएगा. इससे 20 लाख किसान लाभान्वित होंगे. इसके अलावा, 15 लाख किसानों के ग्रिड पंप को भी सोलर से जोड़ा जाएगा.

# महिला किसानों के लिए ‘धन्य लक्ष्मी योजना’ का ऐलान किया गया, जिसके तहत बीज से जुड़ी योजनाओं में महिलाओं को मुख्य रूप से जोड़ा जाएगा.

# उर्वरता बढ़ाने पर फोकस रखा जाएगा. रासायनिक खाद के इस्तेमाल को कम किया जाएगा और इसका संतुलित इस्तेमाल कैसे किया जाए, इस बारे में जानकारी दी जाएगी.

# दूध, मांस, मछली समेत जल्दी खराब होने वाली चीजों को बचाने के लिए वातानुकूलित ‘किसान रेल’ कोच चलाए जाएंगे.

# बागवानी से जुड़े किसानों के लिए जिला स्तर पर योजना लाई जाएगी. उत्पादन बढ़ाने पर जोर. बागवानी के लिए एक जिला-एक उत्पाद की तर्ज पर आगे बढ़ा जाएगा.


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adminFebruary 1, 20211min5930

केंद्रीय वित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि अब देश में डिजिटल जनगणना होगी, जो ऐतिहासिक कदम होगा. इसके लिए वित्तमंत्री ने बाकायदा 3750 करोड़ रुपए के बजट का आवंटन भी किया. देश में पहली बार जनगणना के लिए पांरपरिक कागज और कलम के बजाय इस बार की जनगणना इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (मोबाइल एप) के जरिए की जाएगी.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट पेश किया. इस दौरान उन्होंने देश में होने वाली जनगणना को लेकर बड़ा ऐलान किया. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि अब देश में डिजिटल जनगणना होगी, जो ऐतिहासिक कदम होगा. इसके लिए वित्तमंत्री ने बाकायदा 3750 करोड़ रुपए का आवंटन भी किया. देश में पहली बार जनगणना के लिए पांरपरिक कागज और कलम के बजाय इस बार की जनगणना इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (मोबाइल एप) के जरिए की जाएगी.

बता दें कि भारत में होने वाली जनगणना दुनिया में सबसे ज्यादा डाटा एक्सरसाइज वाली होगी. जनगणना में न सिर्फ लोगों की आबादी गिनी जाएगी, बल्कि लोगों के सामाजिक आर्थिक डाटा भी इकट्ठा किए जाएंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले साल ही राजधानी दिल्ली में जनगणना भवन की आधारशिला रखने के दौरान ही कहा था कि डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए 2021 की जनगणना मोबाइल ऐप के जरिए की जाएगी. इस मोबाइल ऐप में डिजिटल तरीके से आंकड़े उपलब्ध होंगे.

डिजिटल जनगणना के लिए 31 लाख से अधिक प्रशिक्षित कर्मचारी लगाए जाएंगे. इस दौरान देश भर में लोगों के डाटा कलेक्शन एंड्राइड बेस्ड स्मार्टफोन्स के द्वारा एकत्रित किया जाएगा. जनगणना में जनसंख्या, उसमें महिला-पुरुष का अनुपात, जाति, शिक्षा का स्तर, उम्र, जन्म-मृत्यु, लोगों के घरों के स्थिति (कच्चा-पक्का), पलायन, व्यवसाय, आदि का ब्योरा होगा. जनगणना से संबंधित डाटा साल 2024-25 तक देश को उपलब्ध हो सकेगा.

बता दें कि देश की आजादी के बाद पहली बार 1951 में जनगणना हुई थी, जिसके बाद हर दस साल के अंतराल पर देश में जनगणना होती है. 2011 की जनगणना के बाद अब मौका डिजिटल जनगणना का होगा. जनगणना में सिर्फ लोगों की गिनती नहीं होती है बल्कि, सारा ब्योरा होता है.  गुणवत्तापूर्ण आंकड़ों के लिए इस बार बजट में डिजिटल जनगणना का ऐलान किया गया है, जिसके लिए वित्तमंत्री ने 3750 रुपये का ऐलान किया है.



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