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adminNovember 10, 20204min3830

मुंडया थकता नहीं कर-कर के, तेरियां तरीफां,
जी करदा दिला दूं तैनूं बुर्ज़ ख़लीफ़ा.
ओ तैनूं बुर्ज़ ख़लीफ़ा…

अक्षय कुमार की लेटेस्ट मूवी, ‘लक्ष्मी’ का ट्रेंडिंग गाना. ‘लक्ष्मी’ 09 नवंबर, 2020 को रिलीज़ हुई. डिज़्नी हॉटस्टार पर. पहले आप गीत ही देख लीजिए, फिर आगे की बात करते हैं. या फिर आप ड्रीम इलेवन में टीम बना लीजिए, गीत भी हम ही देख लेते हैं. (ये था इस स्टोरी का पहला पीजे.)

 

 

देखा गीत? इस गीत में सब कुछ बड़ा अच्छा-अच्छा और हरा-हरा सा है न? 5 ट्रिलियन वाली इकॉनमी के सरकारी आंकड़ों सा. पर एक छोटी सी चीज़ मिसिंग है. वही ‘छोटी सी चीज़’ जिसका ट्रम्प के ट्वीट और बयानों में मिसिंग रहने का लंबा इतिहास है- ‘वास्तविकता’. और वो हम आपको बताते हैं. वास्तविकता ये है कि बुर्ज़ ख़लीफ़ा की दीवारों पर 3 मिनट के विज्ञापन की कॉस्ट पड़ती है 50 लाख से एक करोड़ रुपए के बीच. यानी अपनी प्रेयसी को बुर्ज़ ख़लीफ़ा दिलाने की बात तो छोड़ ही दें, अगर आप उसकी तस्वीर भी 3 मिनट तक बुर्ज़ ख़लीफ़ा की दीवारों पर लगाएंगे, तो आपकी लव-कॉस्टिंग, आउट ऑफ़ बजट चली जाएगी. और जहां तक हमें सूचना है, वित्त मंत्री ने प्रेम के लिए कोई ‘राहत पैकेज’ की बात आज तक नहीं की है. बेशक उनके बजट में 100 दर्द हों, 100 राहतें…

 

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को नहीं, ख़ुद निर्मला सीतारमण को इस गीत पर स्वतः संज्ञान लेना चाहिए. (PTI)

 

रही बात पूरे बुर्ज़ ख़लीफ़ा की, तो उसका कुल मूल्य ठहरा- डेढ़ बिलियन डॉलर. मने 1,50,00,00,000 डॉलर. मने 1,10,75,76,75,000 रूपये. बोले तो, ग्यारह हज़ार पिचहत्तर करोड़ रुपए.

और ये तो इसकी कॉस्ट है. प्राइस की बात तो हमने की ही नहीं. न GST जोड़ा, न एजुकेशन सेस.

कितना हुआ ये अमाउंट वैसे? गणित के बदले हिंदी में बोलें तो, बहुत-बहुत ज़्यादा. इतने रुपयों में भारत के एक-एक जीवित व्यक्ति को एक दिन, सुबह-शाम का भोजन, विद ब्रेकफास्ट एंड टी मिल जाए. या फिर अगर ‘कौन बनेगा करोड़पति’ रोज़ आता रहे और हर दिन एक व्यक्ति करोड़पति बने, तो भी ये धारावाहिक 30 साल तक अबाध्य रूप से चल सकता है. वो भी तब, अगर इंट्रेस्ट ऑन इन्वेस्टमेंट की बात न की जाए. चलिए उससे अमिताभ बच्चन का भुगतान कर दिया जाएगा.

 

बुर्ज़ ख़लीफ़ा पर इंडियन फ़्लैग. अगर कोई भारतीय इसे किसी दूसरे भारतीय को गिफ़्ट में दे दे, तो ये नज़ारे केवल इंडिपेंडेस डे पर ही नहीं, रोज़ दिखेंगे.

 

तुलसीदास के ‘हनुमंत जी की पूंछ में लगन न पाई आग…’ वाले कथन से क्यू लेकर अगर बात करें, तो इतने रुपयों में न केवल गंगा-जमुना स्वच्छ हो जाएंगी, बल्की सरस्वती भी धरती पर अवतरित हो जाएंगी.

लब्बोलुआब ये कि बुर्ज़ ख़लीफ़ा दिलाने की बात कहकर अक्षय कुमार कुछ ज़्यादा ही आगे बढ़ गए. जिस तरह ‘लक्ष्मी’ मूवी का पुराना नाम धार्मिक भावना को चोट करता था, उसी तरह फ़िल्म का ये गीत आर्थिक भावना को करता है. कुछ लोगों को ये आम्रपाली और जेपी की याद दिलाता है. तू छेड़ न मेरे दर्दां नूं…

मतलब अक्षय सा’ब, तब तक तो ठीक था, जब तक आप चंडीगढ़ में फ़्लैट दिलाने की बात कर रहे थे. कनाडा में भी दिला देते, तो मान लेते. चल जाता. पर बुर्ज़ ख़लीफ़ा? सीरियसली?

 

 

कुछ और फ़ैक्ट्स, जो बुर्ज़ ख़लीफ़ा से जुड़े हैं, वो ये कि 4 जनवरी, 2009 को बनकर तैयार हुई 820+ मीटर की इस बिल्डिंग में कुल 168 मंज़िलें हैं. ये इतनी ऊंची है कि 100 किलोमीटर दूर से भी दिखाई दे जाती है.

बाई दी वे, वो कौन मासूम लोग हैं, जो इसे युगल गीत, यानी दो गाना, यानी ड्यूएट बता रहे हैं. अरे मासूमों, ये दरअसल एक विज्ञापन है. प्रोडक्ट प्लेसमेंट. रियल एस्टेट वालों का. जो पहले खुल्ले में प्रॉमिस करते थे. 3-4 BHK. लग्ज़री अपार्टमेंट. अलां लोकेशन. फ़लां बिल्डर्स. ढिमका फ़ैसिलिटी. लेकिन फिर मोदी जी ने एक तरफ़ ढेर सारे शौचालय खोले और दूसरी तरफ़ रेरा लाए. तो शौच और रियल एस्टेट बिल्डर्स की प्रॉमिस, दोनों ही खुले में होना बंद हो गईं. गोया शराब, सिगरेट के विज्ञापन या ऑल्ट बालाजी का सब्सक्रिप्शन या गूगल क्रोम की इंकोगनिटो विंडो.

 

आम्रपाली के ख़रीदार, प्रोटेस्ट करते हुए. (तस्वीर: इंडिया टुडे)

 

प्लान ये था कि जब-जब आपके प्रेमी या प्रेमिका बुर्ज ख़लीफ़ा के सामने अक्षय कुमार को गाते हुए देखेंगे, तो उनके मन में कसक जगेगी. कि कियारा अगर ‘बुर्ज डिजर्विंग ब्यूटीफ़ुल’ हैं, तो हम भी कुछ नहीं भी तो 2-3 BHK इन ग़ाज़ियाबाद, नोएडा एक्सटेंशन वाला हुस्न तो रखते ही हैं. और सदियों पहले गुलाब के फूल से शुरू हुआ गिफ़्ट का ये सिलसिला, ‘इंफ़्लेशन’ की फ़ास्ट लेन से होता हुआ फ़्लैट या पैंट हाउस तक जा पहुंचेगा. ऑफ़ कोर्स, ताजमहल जैसे इक्का-दुक्का एक्सेप्शन्स को छोड़कर.

 

उपमाओं में म्हारा ताजमहल, बुर्ज़ ख़लीफ़ा से कम है के? (तस्वीर: PTI)

 

इसलिए इस गीत के नीचे वैधानिक चेतावनी होनी चाहिए- ‘कमज़ोर दिल वाले, जो उस मकान की किश्त भर रहें हैं, जिसका पोज़ेशन उन्हें सन 2075 में मिलेगा, या जो प्राइम लोकेशन पर फ़्लैट नहीं एफ़ोर्ड कर सकते, इस गीत को न देखें.’

और बाकी लोग अगर देख रहे हैं, तो जान लीजिए कि नायक, नायिका से कोई वादा नहीं कर रहा. बस अपने मन की इच्छा बता रहा है. ‘जी करता दिला दूं…’

जैसे माया सारभाई की इच्छा थी अपनी मिडिल क्लास बहू मोनीशा का क़त्ल करने की. या जैसे कुछ लोगों कि इच्छा है, US में कमल खिलाने की. और अगर आपने इंटर में प्रायिकता पढ़ी है, तो यक़ीन कीजिए US में कमल खिलने की ज़्यादा संभावना है, प्रेमी द्वारा प्रेमिका के लिए बुर्ज़ ख़रीद लाने की तुलना में. बल्कि सुनने में आ गया है ‘कमला’ तो वहां खिल भी गई हैं. और वैसे, POTUS-LOTUS के बीच भी तो एक टाइपो भर का ही अंतर है.

 

उम्मीद है कि डेमोक्रेट्स के जीतने के बाद, ‘कमला हारिस, तो जीतिस कौन’ टाइप के चुटकुले बंद हो जाएंगे. (PTI)

 

पर मुझे ‘बुर्ज़ ख़लीफ़ा’ की इच्छाभर से भी आपत्ति है. क्यों है? एक ट्रेजिक चुटकुला सुनिए:

कुछ भिखारी लाइन से बैठे थे. लॉकडाउन के चलते उनका धंधा, मंदा चल रहा था. फटे कपड़ों और क़रीने से पिचकाए गए कटोरों और उस पर खुद से ही रख दिए गए कुछ सिक्कों पर भी ‘रिटर्न ऑन इंवेसमेंट’ ज़ीरो था. ऐसे में एक भिखारी जिसने दो दिन से कुछ नहीं खाया, वो खाने की एक्टिंग करने लगा. उसे बग़ल के एक भिखारी ने टोका-
पहला भिखारी: अबे! क्या कर रहा है?
दूसरा भिखारी: खाने की एक्टिंग कर रहा हूं.
पहल भिखारी: क्या खा रहा?
दूसरा भिखारी: खिचड़ी. प्याज़ और अचार.
पहला भिखारी: जब एक्टिंग ही करनी है, तो कुछ अच्छा खा. मलाई कोफ्ता. दाल मखनी. दम पुख्त.
दूसरा भिखारी: मैं खा तो लूं ये सब. पर इतना सब पचाएगा कौन? तू?

तो इस चुटकुले से ये शिक्षा मिलता है कि अगर सोते हुए सपना भी सोने का आ रहा है, तो उस सपने में भी ‘तेते पांव पसारिए, जेते लंबी सौर.’ मतलब सपना भी औक़ातानुसार देखना चाहिए. ग़लत कहते हैं वो विज्ञापन वाले. मेक इट लार्ज. वैसे भी वो ‘मेगा म्यूज़िक’ का विज्ञापन है. ये ‘मेगा म्यूज़िक’ क्या होता है, पता नहीं. पर ये पता है कि ये शराब नहीं होती.

और हां. अगर मेक इट लार्ज करना ही है, तो बता देते हैं कि मानवों द्वारा बनाई गई सबसे महंगी बिल्डिंग, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन है. आउट ऑफ़ दी वर्ल्ड. शब्दशः ये ‘है ही नहीं इस दुनिया की.’ पृथ्वी की अंदरूनी कक्षा में स्थित है. और इसका कुल मूल्य? 150 बिलियन अमेरिकन डॉलर. मतलब इस अमाउंट का अनुवाद ‘बुर्ज़ ख़लीफ़ा’ में करो तो, कुल 10 बुर्ज़ ख़लीफ़ा.

 

इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन. 22 साल पहले वो भी नवंबर का महीना था, जब इसका काम शुरू हुआ था.  (तस्वीर: नासा)

 

वैसे गाना क्या होता फिर:

मुंडया थकता नहीं कर-कर के, तेरियां इमेजिनेशन,
जी करदा दिला दूं तैनूं इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन.
ओ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन…

ये स्टोरी हल्के-फुल्के ढंग से लिखी गई है, जिसमें ढेर सारी क्रिएटिव लिबर्टी ले ली गई है. बोले तो इसको एक आंख से पढ़ें और दूसरे से निकाल दें.


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adminOctober 31, 20201min3220

बॉलीवुड में अपना जगह बनाना बहुत मुश्किल है. लेकिन फिर भी कई एक्टर्स इंडस्ट्री में अपनी किस्मत आजमाने के लिए आते हैं. बॉलीवुड ने हमें कई बढ़िया और बेहद क्यूट सील्ड आर्टिस्ट दिए हैं. उन्हीं में से एक है अली हाजी, जो सालों से फैन्स का दिल रहे हैं.

अली हाजी ने साल 2006 में अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार स्टारर फिल्म फैमिली से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था. लेकिन उन्हें पहचान आमिर खान और काजोल स्टारर फिल्म फना से मिली.

फिल्म फना भी 2006 में आई थी. इस फिल्म में अली हाजी ने काजोल और आमिर खान के किरदार जूनी और रेहान के बेटे का किरदार निभाया था. अली के किरदार का नाम भी रेहान था, जो उसकी मां (काजोल) उसे देती है. इस फिल्म के लिए अली हाजी को खूब प्यार मिला और वो फेमस हो गए.

 

 

फना के बाद अली हाजी ने सलमान खान और गोविंदा के साथ काम किया था. अली फिल्म पार्टनर में लारा दत्ता के बेटे रोहन बने थे, जो सलमान खान को तंग करता है. इस फिल्म में भी नन्हें अली का अंदाज दर्शकों को खूब पसंद किया गया.

लेकिन अली ने हमेशा से एक एक्टर ही नहीं बल्कि फिल्ममेकर बनने का सपना भी देखा था. अब उन्होंने इस सपने को पूरा कर लिया है. इस बारे में बताते हुए अली हाजी ने एक पोस्ट भी लिखी थी. उन्होंने बताया था कि कैसे वो चाहते थे कि 21 साल का होने से पहले वह एक फिल्मकार बन जाएं.

अली ने अपनी पहली फीचर फिल्म के सेट्स की फोटो शेयर करते हुए लिखा, ‘मैंने 10 साल की उम्र में फैसला किया था कि मैं 21 साल का होने से पहले अपनी पहली फीचर फिल्म बनाऊंगा. अब कड़ी मेहनत, लोगों के सपोर्ट और टीम की मदद से मैंने अपनी पहली फीचर फिल्म बना ली है.’

इसके अलावा अली हाजी म्यूजिक वीडियोज की शूटिंग भी कर रहे हैं. उन्होंने एक पोस्ट के जरिए इस बारे में भी बताया था. फिल्मों में एक्टिंग की बात करें तो उन्हें पिछली बार ऋतिक रोशन की फिल्म सुपर 30 में देखा गया था. इसके अलावा उन्होंने शाहिद कपूर संग पाठशाला, टा रा रम पम और द्रोणा जैसी फिल्मों में भी काम किया है.


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adminOctober 26, 20201min4950

मिर्जापुर 2 में अपनी एक्टिंग से फैंस को प्रभावित करने वाली एक्ट्रेस ईशा तलवार पिछले कई सालों से साउथ इंडस्ट्री में सक्रिय हैं. इस लोकप्रिय वेबसीरीज में यूपी की सीएम और मुन्ना त्रिपाठी की पत्नी का रोल करने वाली ईशा का बैकग्राउंड भी फिल्मी रहा है और उनके पिता विनोद तलवार भी एक्टर रह चुके हैं.

ईशा तलवार का जन्म मुंबई में ही हुआ है और वे टेरेंस लुईस डांस स्कूल से कई डांस फॉर्म्स सीख चुकी हैं जिनमें जैज, हिपहॉप, साल्सा शामिल है. ईशा इसके अलावा चालीस से अधिक विज्ञापनों में नजर आ चुकी हैं. ईशा तलवार ने साउथ इंडस्ट्री से अपने करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने साल 2012 में मलयालम फिल्म से डेब्यू किया था. इस फिल्म के लिए उन्होंने वॉइस ट्रेनिंग क्लास और लैंग्वैज क्लास ली थी.

 

 

ईशा की ये फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई. ईशा ने इसके बाद कुछ सालों तक साउथ इंडस्ट्री में ही काम किया और उन्होंने इस इंडस्ट्री में काफी लोकप्रियता हासिल की. इसके बाद वे साल 2017 में फिल्म ट्यूबलाइट में भी कुछ देर के लिए नजर आईं लेकिन उन्होंने साल 2018 में सैफ अली खान की फिल्म कालाकांडी से सही मायनों में अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था.

 

 

फरहान के साथ भी फिल्म कर रही हैं ईशा 

इसके बाद से ईशा आयुष्मान खुराना की फिल्म आर्टिकल 15, संजय मिश्रा की फिल्म कामयाब और हाल ही में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई फिल्म गिन्नी वेड्स सनी में विक्रांत मैसी और यामी गौतम के साथ भी दिखी थीं. ईशा ने हालांकि मिर्जापुर 2 में अपनी एक्टिंग से सभी को प्रभावित किया है. उनकी अपकमिंग फिल्मों में राकेश ओमप्रकाश मेहरा की तूफान शामिल है. इस फिल्म में ईशा के साथ फरहान अख्तर और मृणाल ठाकुर भी काम कर रहे हैं.


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adminOctober 17, 20201min4040

दीया मिर्ज़ा और सोनू सूद जल्द ही एकसाथ एक शो में नज़र आने वाले हैं. इस शो के दोनों को-होस्ट होंगे. शो का नाम ‘भारत के महावीर’ है, जो COVID-19 महामारी के दौरान देश के लोगों के लिए निस्वार्थ काम करने वाले हीरोज़ की कहानी पर बेस्ड होगा. ये सीरीज़ संयुक्त राष्ट्र में भारत और NITI Aayog और डिस्कवरी चैनल की साझेदारी में बन रही है. तीन पार्ट की इस सीरीज़ में महामारी की 12 कहानियां दिखाई जाएंगी, जिसने महामारी के बीच ‘ताक़त और एकजुटता’ की मिसाल पेश की है.

NDTV के अनुसार, दीया मिर्ज़ा, जो संयुक्त राष्ट्र महासचिव के SDG की वक़ील हैं इन्होंने कहा,

भारत के लोगों ने दुनिया को दिखाया है कि लोगों की एकजुट शक्ति से किसी भी मुश्क़िल और परेशानी को दूर किया जाता है. अपने हित के बजाय, हमने महामारी के दौरान एकजुटता को देखा है. लोग अपने कामों के माध्यम से प्यार, करुणा और सकारात्मकता फैलाने के लिए एकजुट हो रहे हैं. मुझे इस पहल का हिस्सा बनने पर बहुत गर्व है. 

COVID-19 में ज़रूरतमंदों का मसीहा बनकर उभरे सोनू सूद ने कहा,

महामारी  का वक़्त सभी के लिए बहुत दर्दनाक रहा है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हम एक-दूसरे के लिए खड़े न हों. भगवान की ही  कृपा थी, जो मैं लोगों की मदद कर पाया और मैंने अपने छोटे-छोटे प्रयासों से मदद की. मगर जिन हीरोज़ की कहानी इस शो में कही गई है उनके पास बहुत ही सीमित साधन थे फिर भी इन्होंने लोगों की मदद की. भारत के महावीर के माध्यम से दुनिया इन नायकों के बारे में अधिक जान पाएगी.

NITI Aayog के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा,

सीरीज़ का उद्देश्य उन लोगों पर प्रकाश डालना है, जिन्होंने भारी चुनौतियों के बावजूद दूसरों की मदद के लिए कदम बढ़ाया. इस वैश्विक संकट के दौरान, हमने देश भर में व्यक्तियों की अनगिनत कहानियां देखी हैं, जिन्होंने अपनी सीमाओं से आगे निकलकर लोगों की मदद और कर्तव्य को निभाया. 
‘भारत के महावीर’ सीरीज़ डिस्कवरी चैनल और डिस्कवरी प्लस पर नवंबर में टेलीकास्ट होगी.

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adminOctober 16, 20201min5590

कैंसर से अपनी जंग के बारे में अभिनेता संजय दत्त ने पहली बार खुलकर अपने मन की बात रखी और कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस बीमारी को वह जल्द ही मात दे देंगे।

मुंबई : कैंसर से अपनी जंग के बारे में अभिनेता संजय दत्त ने पहली बार खुलकर अपने मन की बात रखी और कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस बीमारी को वह जल्द ही मात दे देंगे।अगस्त में खबरें आई थीं कि दत्त फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित हैं। तब 61 वर्षीय अभिनेता ने घोषणा की थी कि उपचार लेने के लिए वह अपनी पेशेवर प्रतिबद्धताओं से कुछ समय के लिए दूरी बनाऐंगे।

इंस्टाग्राम पर डाले गए एक वीडियो में संजय दत्त जाने-माने हेयर स्टाइलिस्ट आलिम हकीम के सैलून पर बाल कटवाते नजर आ रहे हैं। अभिनेता ने बालों में हकीम द्वारा बनाए गए चोट के निशान जैसे डिजाइन की ओर इशारा करते हुए कहा,

‘‘मेरे जीवन में यह निशान हाल में आया है लेकिन मैं इसे हरा दूंगा, मैं कैंसर को जल्द मात दूंगा।’’ 

अभिनेता की आगामी फिल्म ‘‘केजीएफ: चैप्टर 2’’ और रणबीर कपूर के साथ ‘‘शमशेरा’’ है। दत्त ने कहा कि 2018 में आई फिल्म ‘‘केजीएफ’’ के सिक्वल के लिए वह दाढ़ी बढ़ा रहे हैं, फिल्म के लिए उन्हें अगले महीने से शूटिंग शुरू करनी है। उन्होंने यह भी कहा कि सेट पर लौटकर उन्हें खुशी हो रही है। वीडियो के अंत में जब हकीम कहते हैं कि उन्हें अभिनेता को उत्साहित देखकर खुशी हुई तो इस पर दत्त कहते हैं कि उपचार के दौरान उनका वजन कम हो गया था लेकिन अब उन्होंने फिर से व्यायाम शुरू कर दिया है।

 

वीडियो में उन्होंने आगे कहा,

‘‘मेरी सेहत धीरे-धीरे फिर बनने लगी हैं। मैं इससे बाहर निकल आऊंगा।’’

आपको बता दें, कि हाल ही में संजय दत्त की फिल्म सड़क 2 भी रिलीज हुई थी। इस फिल्म में संजय दत्त के अलावा आलिया भट्ट, आदित्य रॉय कपूर और पूजा भट्ट जैसे सितारे नजर आए थे। महेश भट्ट द्वारा निर्देशित इस फिल्म के ट्रेलर को यूट्यूब पर 12 मिलियन से अधिक डिस्लाइक्स मिले थे जो अपने आप में रिकॉर्ड है।

 


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adminOctober 1, 20201min3920

बिग बॉस 14 महज 2 दिनों बाद शुरू होने जा रहा है. हर बार की तरह फिर सलमान खान शो को होस्ट करेंगे और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करते दिखेंगे. अब वैसे तो हर बार की तरह इस बार भी सलमान खान की फीस एक चर्चा का विषय थी, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सलमान खान इतने लंबे समय तक बिग बॉस से क्यों जुड़े हुए हैं. ऐसा क्या है कि वे ये शो छोड़ना नहीं चाहते हैं.

अब इस सवाल का जवाब तो आपको देंगे ही, लेकिन पहले आपको वो बात बताते जिस वजह से सलमान खान बिग बॉस छोड़ना चाहते थे. जी हां, एक वक्त ऐसा भी आ गया था जब सलमान खान की काफी आलोचना की जा रही थी. ऐसा कहा जा रहा था कि सलमान खान गेम और कंटेस्टेंट्स की लाइफ में काफी हस्तक्षेप करते हैं. वे जरूरत से ज्यादा राय दे जाते हैं. अब यही कारण है कि वो लोगों के निशाने पर आते हैं. ऐसा कहा जाता है कि सलमान खान ही कंटेस्टेंट्स को गाइड कर रहे हैं.

 

जब सलमान छोड़ना चाहते थे बिग बॉस

एक इंटरव्यू में सलमान ने बताया था कि इस वजह से वे बिग बॉस छोड़ना चाहते थे. उनके मुताबिक वे जिस आदत के हैं उस वजह से वे सभी की मदद करने में विश्वास रखते हैं. वे सभी को राह दिखाना चाहते हैं. जहां पर कोई गलत हो, तो उसे उस गलती के बारे में बताना चाहते हैं. इस बारे में खुद सलमान ने कहा था- जब अमिताभ बच्चन होस्ट करते थे, तब वे ज्यादा रिएक्ट नहीं करते थे. कंटेस्टेंट जैसा करते थे, वो करते रहते थे. लेकिन मैं गेम में घुल-मिल जाता हूं. कंटेस्टेंट भी मेरे टच में रहते हैं.

 

किस वजह से शो से जुड़े?

वहीं सलमान कहते हैं इन आलोचनाओं के बावजूद भी वे इस शो से काफी प्यार करते हैं. वे मानते हैं कि तीन महीने की शूटिंग थका देती है, लेकिन शो से जो प्यार मिलता है, वो उन्हें हमेशा वापस ले आता है. एक्टर के मुताबिक कंटेस्टेंट को कई मौकों पर गाइड करना जरूरी होता है. वे कई सीजन से ऐसा करते आ रहे हैं. पिछले सीजन में तो सलमान खान ने सिद्धार्थ-आसिम के साथ ऐसा कई बार किया था. दोनों को गुस्सा कंट्रोल करना सिखाया था. वहीं उन्होंने रश्मि को भी अरहान के बारे में सच्चाई  बताई थी. अब यही सलमान खान की वो खासियत है जिस वजह से उन्हें प्यार भी मिलता है और वे निशाने पर भी आ जाते हैं. लेकिन ये सलमान खान का वो अंदाज है जो शायद कभी नहीं बदलेगा. वे इस सीजन भी कंटेस्टेंट की क्लास भी लगाएंगे, उन्हें समझाएंगे भी और मस्ती भी करते दिखेंगे.


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adminSeptember 26, 20202min4040

‘आप से तुम तक आया हूं, धीरे-धीरे तुम तक पहुंच ही जाऊंगा’. जी हां, मालूम पड़ रहा है कि बहुत ही पहुंची हुई फ़िल्म आने वाली है. काहे कि बेहतरीन गाने और डांस नंबर्स के साथ मस्त चीज़ी लाइंस लिए दो यंग कंफ़्यूज़ लड़के और लड़की ज़बरदस्त सिचुएशनल कॉमेडी का तड़का लगाने के लिए तैयार हैं. Netflix ने वेडिंग-थीम कॉमेडी वाली फ़िल्म ‘गिन्नी वेड्स सन्नी’ का ट्रेलर रिलीज़ किया है.

 

 

स्ट्रीमंग प्लेटफ़ॉर्म पर 9 अक्टूबर को रिलीज़ होने वाली इस फ़िल्म में विक्रांत मेसी (सन्नी) का और यामी गौतम (गिन्नी) का क़िरदार निभा रहे हैं.

 

 

सन्नी एक बेहतरीन कुक है लेकिन इसके बावजूद उसकी ज़िंदगी बेस्वाद हो रखी है. काहे कि उसकी शादी नहीं हो पा रही. लिहाज़ा वो अपने अरमान सिर पे लादे टहल रहा है. वहीं, दूसरी तरफ़ गिन्नी की ज़िंदगी का एक हई मकसद है और वो है लव मैरिज करना. किससे? यही तो फ़िल्म का सबसे बड़ा सवाल है.

बता दें, इस फ़िल्म को नवनीत गुलाटी और सुमित अरोड़ा ने लिखा है और इसका निर्देशन पुनीत खन्ना द्वारा किया गया है. वहीं, Netflix के साथ विक्रांत मेसी का ये तीसरा प्रोजेक्ट है. इसके पहले वो Sci-Fi ड्रामा ‘कार्गो’ और ‘डॉली किट्टी और वो चमकते सितारे’ भी कर चुके हैं.


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adminSeptember 22, 20206min4060

एक्टर आर. माधवन की नई फिल्म आ रही है. नाम है ‘निशब्दम्’. फिल्म में उनके साथ ‘बाहुबली’ की ‘देवसेना’ यानी एक्ट्रेस अनुष्का शेट्टी दिखाई देंगी. फिल्म का ट्रेलर 21 सितंबर को रिलीज़ किया गया है. ट्रेलर में इतना सस्पेंस है कि आप शायद इस फिल्म को जल्द से जल्द देख लेना चाहें.

 

क्या है कहानी

ट्रेलर देखकर समझ आता है कि फिल्म की कहानी सोनाली नाम की एक लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अमेरिका के सिएटल शहर में रहती है. अनुष्का शेट्टी ने फिल्म में साक्षी का किरदार निभाया है, जो कमाल की पेंटर हैं, और सोनाली उनकी दोस्त है. साक्षी को बोलने-सुनने में तकलीफ होती है, मगर उसकी आवाज़ बनती है सोनाली.

साक्षी एक नए घर में शिफ्ट होती है, जो हॉन्टेड है. इसी के बाद एक दिन रहस्यमय तरीके से सोनाली गायब हो जाती है. साक्षी कानूनी दांव-पेच में फंस जाती है. अब इस भूतिया बंगले में सच में कोई भूत है या सोनाली का गायब होना किसी तरह के जघन्य अपराध से जुड़ा है, बस इसी की कहानी है ‘निशब्दम्’.

 

‘निशब्दम्’ का ट्रेलर

 

 

माइकल मैडसेन की इंडियन डेब्यू फिल्म

इस फिल्म से पहली बार एक्टर माइकल मैडसेन इंडियन फिल्मों में डेब्यू करने जा रहे हैं. ये वही माइकल मैडसेन हैं जिन्हें हमने ‘किल-बिल’, ‘साइन सिटी’, ‘द हेटफुल अलाइट’ और ‘फ्री विली’ जैसी फिल्मों में देखा है. ‘निशब्दम्’ में माइकल पुलिस के किरदार में दिखाई देंगे.

 


कब रिलीज़ हो रही है फिल्म

आर. माधवन और अनुष्का शेट्टी की फिल्म ‘निशब्दम्’ गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर को रिलीज़ होने वाली है. फिल्म को हेमंत मधुकर ने डायरेक्ट किया है. हेमंत मधुकर वही हैं, जिन्होंने इससे पहले ‘अ फ्लैट’ और 2014 में ‘मुंबई 125 किलोमीटर’ फिल्म बनाई थी. ‘निशब्दम्’ अमेज़न की ओरिजनल फिल्म है. मतलब ये फिल्म सिर्फ अमेज़न प्राइम के लिए ही बनाई गई है. इसे थिएटर में रिलीज़ नहीं किया जाना है.

 

 

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#Nishabdham #Silence ‬ First Look in 5 Languages 🤗

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तीन भाषाओं में आया है ट्रेलर

‘निशब्दम्’ का ट्रेलर अभी हिंदी और इंग्लिश में नहीं आया है. हालांकि फिल्म अनाउंसमेंट के समय बताया गया था कि ये फिल्म पांच अलग-अलग भाषाओं में रिलीज़ होगी. इनमें तेलुगू, तमिल, मलयालय के साथ इंग्लिश और हिंदी भी शामिल थे. मगर फिल्म का ट्रेलर सिर्फ तीन भाषाओं में ही रिलीज़ किया गया है. पहले ये फिल्म इस साल अप्रैल में रिलीज़ होने वाली थी, मगर बाद में इसकी डेट आगे बढ़ा दी गई.


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adminSeptember 16, 20201min4430

ओटीटी प्लैटफॉर्म का दौर पूरी तरफ शबाब पर है और लगभग हर दिन किसी ने किसी भाषा में नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो, जी5, डिज्नी हॉटस्टार, एरोस नाउ, सोनी लिव, वूट, एमएक्स प्लेयर समेत अन्य डिजिटल प्लैटफॉर्म्स पर फ़िल्में और वेब सीरीज रिलीज हो रही हैं. हम हर हफ्ते आपको बताते हैं कि इस हफ्ते नेटफ्लिक्स समेत अन्य प्लैटफॉर्म पर किस तारीख को कौन सी फ़िल्में या वेब सीरीज रिलीज हो रही हैं. तो इस हफ्ते में हम बताने जा रहे हैं कि डिजिटल प्लैटफॉर्म्स के पिटारे से इस बार आपके लिए मनोरंजन का कौन सा खजाना खुलने वाला है और उससे कौन-कौन सी फ़िल्में और वेब सीरीज रिलीज हो रही हैं. हालांकि, इस बार आपके लिए हिंदी समेत अन्य भारतीय भाषाओं में मनोरंजन के बहुत ज्यादा साधन उपलब्ध नहीं होंगे, लेकिन जो कुछ भी है, वो बेहद जबरदस्त है और आप इस हफ्ते रिलीज होने वाली फ़िल्मों और वेब सीरीज का काफी समय से इंतजार कर रहे हैं. तो देर किस बात की, चलिए आपके लिए मनोरंजन का पिटारा खोलते हैं और देखते हैं कि इस बार क्या खास है.

इस हफ्ते नेटफ्लिक्स पर एक बेहद जबरदस्त फ़िल्म रिलीज हो रही है, जो न सिर्फ महिला प्रधान है, बल्कि काफी क्रांतिकारी भी है. जी हां, इस हफ्ते शुक्रवार यानी 18 सितंबर को नेटफ्लिक्स पर डायरेक्टर अलंकृता श्रीवास्तव की फ़िल्म डॉली किट्टी और वो चमकते सितारे रिलीज हो रही है, जिसमें भूमि पेडनेकर, कोंकणा सेन शर्मा, विक्रांत मेसी, अमोल पराशर और आमिर बशीर प्रमुख भूमिका में हैं. वहीं इस हफ्ते 18 तारीख को जी5 पर एक सस्पेंस थ्रिलर फिल्म रिलीज हो रही है, जिसका नाम है लंदन कॉन्फिडेंशियल. डायरेक्टर कंवल सेठी की फ़िल्म लंदन कॉन्फिडेंशियल में मौनी रॉय, पूरब कोहली, परवेश राणा और कुलराज रंधावा प्रमुख भूमिका में हैं. इस हफ्ते मंगलवार यानी 15 सितंबर को जी5 पर बेहद प्रतीक्षित वेब सीरीज रिलीज हो रही है, जिसका नाम है नेताजी. स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की जिंदगी पर आधारित इस वेब सीरीज में अभिषेक दास प्रमुख भूमिका में हैं और इसे निर्देशित किया है सुमन दास ने. आइए, आपको विस्तार से इन फ़िल्मों और वेब सीरीज के बारे में बताते हैं.

 

 

18 को Netflix पर Dolly Kitty aur wo chamakte sitaare

डॉली किट्टी और वो चमकते सितारे इस हफ्ते की सबसे खास रिलीज है. कोंकणा सेन शर्मा, भूमि पेडनेकर, विक्रांत मेसी, अमोल पराशर और आमिर बशीर की प्रमुख भूमिका वाली यह फ़िल्म 18 सितंबर यानी शुक्रवार को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी. लिपस्टिक अंडर माई बुर्का के बाद अलंकृता श्रीवास्तव एक बार फिर से बोल्ड स्टोरी लेकर आई हैं, जिनमें दो बहनों के प्यार, शारीरिक जरूरत और उन जरूरतों के लिए विवाहेत्तर संबंध बनाने की कहानी को अलंकृता ने बेहद जबरदस्त तरीके से पर्दे पर पेश किया है, जिसमें इमोशन के साथ ही कॉमेडी भी है. एकता कपूर द्वारा प्रोड्यूस डॉली किट्टी और वो चमकते सितारे सही मायनों में महिला प्रधान फ़िल्म है, जिसमें महिला ख्वाहिशों की उड़ान देखने को मिलती है, जो सामाजिक मान्यताओं और परंपराओं की डोर काटती दिखती है. नेटफ्लिक्स ने बीते महीने अपने प्लैटफॉर्म पर जिन फ़िल्मों को रिलीज करने की घोषणा की थी, उनमें डॉली किट्टी और वो चमकते सितारे बेहद प्रतीक्षित फ़िल्म है.

 

 

ZEE5 पर 18 को आ रही है मौनी रॉय की London Confidential

इस हफ्ते जी5 पर एक सस्पेंस थ्रिलर फ़िल्म रिलीज हो रही है, जिसका नाम है लंदन कॉन्फिडेंशियल. मौनी रॉय, पूरब कोहली, परवेश राणा, कुलराज रंधावा, सागर आर्या, किरण जोगी समेत अन्य कलाकारों की फ़िल्म को पत्रकार से उपन्यासकार बने एस. हुसैन जैदी ने क्रिएट किया है और निर्देशन की बागडोर संभाली है कंवल सेठी ने. एक महामारी फैलाने में चीन की संलिप्तता से जुड़े सबूत इकट्ठा करने में लगे भारतीय खुफिया अधिकारी को चीन के एजेंट किस तरह परेशान करते हैं और फिर क्या होता है, इसी काल्पनिक कहानी पर आधारित स्पाई-थ्रिलर फ़िल्म की पूरी शूटिंग लंदन में हुई है और इस फ़िल्म के जरिये टीवी और फिल्म एक्ट्रेस मौनी रॉय डिजिटल प्लैटफॉर्म पर डेब्यू भी कर रही हैं. जी5 पर रिलीज हो रही फ़िल्म का जबसे ट्रेलर रिलीज हुआ है, तब से लोगों को लंदन कॉन्फिडेंशियल का बेसब्री से इंतजार है. इस हफ्ते रिलीज होने वाली फ़िल्मों में डॉली किट्टी के साथ ही लंदन कॉन्फिडेंशियल भी बेहद खास है.

 

 

15 सितंबर को ZEE5 पर आएंगे Netaji

इस हफ्ते मंगलवार यानी 15 सितंबर को जी5 पर एक बेहद लोकप्रिय बांग्ला टीवी सीरीज हिंदी भाषा में रिलीज हो रही है, जिसका नाम है नेताजी. पश्चिम बंगाल के सबसे प्रचलित स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जिंदगी पर आधारित यह वेब सीरीज बांग्ला टीवी सीरीज का हिंदी रुपांतरण है, जिसको लेकर हिंदी भाषी दर्शकों में काफी उत्सुकता देखने को मिल रही है. अभिषेक बोस, देवोप्रियो मुखर्जी, देवदत्त घोष, बसावदत्ता चटर्जी, ध्रुवज्योति सरकार, श्रीपर्णा रॉय, आशमी घोष, सोहन बंदोपाध्याय समेत अन्य कलाकारों से सजी और देशभक्ति से लबरेज इस वेब सीरीज को सुमन दास, शिवांग्शु दासगुप्ता, पावेल घोष, अमित दास और गोपाल चक्रवर्ती ने निर्देशित किया है. जी बांग्ला पर इस टीवी सीरीज के 416 एपिसोड प्रसारित हुए थे और बीते अगस्त में इस शो को बंद कर दिया गया था. अब जी5 पर इसके एक खास हिस्से को वेब सीरीज के रूप में रिलीज किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए दर्शकों में खासा उत्साह है.


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adminSeptember 10, 20201min4440

जब अप्रैल में भारत में काम और ज़िंदगी लॉकडाउन की वजह से ठहर गए थे, तब एक युवा निर्देशक ने अपनी अगली फिल्म बनाने की ठानी.

लॉकडाउन की वजह से सिनेमा हॉल बंद थे. केरल में 60 फिल्में लटक गईं थी लेकिन निर्देशक महेश नारायणन के इरादे को इस बात से फ़र्क नहीं पड़ा.

मलयालम में फिल्में बनाने वाले महेश ने स्क्रिप्ट लिखी और एक लोकप्रिय एक्टर को प्रोड्यूस करने के लिए तैयार किया. इसके लिए उन्होंने 50 लोगों की टीम तैयार की.

ये फ़िल्म महज़ तीन हफ़्ते में शूट कर ली गई और इसके लिए कोच्चि शहर के छह अपार्टमेंट इस्तेमाल किए गए. ये अपार्टमेंट फ़िल्म का सेट भी थे, दफ्तर भी, प्रोडक्शन हब भी और फ़िल्म की कास्ट और क्रू के लिए घर भी.

सोशल डिस्टेंसिंग ध्यान में रखते हुए ये फ़िल्म ज़्यादातर आई-फ़ोन से शूट की गई है और 22 दिनों में पूरी कर ली गई.

फ़िल्म का नाम है- ‘सी यू सून’ जो एक सस्पेंस ड्रामा है. जैसा की महेश कहते हैं- शायद भारत की पहली घर में बनी लॉकडाउन फ़िल्म.

पिछले हफ़्ते ही ये फ़िल्म अमेज़न प्राइम पर रिलीज़ की गई है. 90 मिनट की बिना गानों की छोटी सी लेकिन अपनेआप में एक असाधारण फ़िल्म है.

एक सिनेमा समीक्षक ने फ़िल्म के बारे में कहा है कि ये डूब जाने जैसा लाजवाब अनुभव है. दूसरे समीक्षक ने कहा है कि ये एक मौलिक फ़िल्म है जो दर्शक को अनोखा अनुभव देती है. साथ ही फ़िल्म की विज़ुअल सेटिंग को लेकर भी तारीफ़ हुई है.

 

सी यू सून

 

अमेज़न प्राइम के भारत में कंटेट हेड विजय सुब्रमणियम ने बीबीसी को बताया कि इस फ़िल्म को समीक्षकों और दर्शकों से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है, साथ ही सोशल मीडिया पर भी लोग तारीफ़ कर रहे हैं.

फ़िल्म को ऐसे वक़्त में बनाने का एक कारण महेश ये बताते हैं कि वे स्थानीय फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों की मदद करना चाहते थे. हालात इतने ख़राब हो गए थे कि असिस्टेंट डायरेक्टर और महत्वपूर्ण क्रू मेंबर्स तक घर का बना खाना बेचने लगे थे और कुछ लोग जो बीमार थे वे अपनी दवाइयां भी नहीं खरीद पा रहे थे.

महेश ने बताया, “मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में बॉलीवुड की तरह बहुत पैसा नहीं है. ज़्यादाकर क्रू मेंबर्स को या तो रोज़ के हिसाब से पैसा मिलता है या फ़िल्म पूरी होने के बाद पैसा मिलता है. लेकिन सारी कमाई लॉकडाउन की वजह से ख़त्म हो गई थी.”

फ़िल्म की शुरूआत में दर्शकों के लिए एक कार्ड है: ‘इस फिल्म ने उन कामगारों को आर्थिक मदद दी है जिनकी कमाई का साधन सिर्फ़ सिनेमा है.’

इस प्रोडक्शन ने फ़िल्म मेकिंग की कई परंपराओं को तोड़ा है. इस फ़िल्म के एक्टर और प्रोड्यूसर फ़ाहद फ़ाज़िल ने कोच्चि में अपने दो अपार्टमेंट को सेट और दफ्तर में तब्दील कर दिया और उसी बिल्डिंग में चार अपार्टमेंट किराए पर लिए गए ताकि कास्ट और क्रू के लोगों को बाहर ना जाना पड़े.

उनके घर में खाना बनाने वाले को फ़िल्म यूनिट का शेफ़ बना दिया गया. एक्टर्स के लिए पानी वगैरह या मेकअप के लिए कोई असिस्टेंट नहीं था.

महेश ने बताया, “आप ये भी कह सकते हैं कि हमारी फिल्म प्रोडक्शन ने किसी आम फिल्म से काफ़ी कम कार्बन फुटप्रिंट छोड़ा है.”

 

सी यू सून

 

फ़िल्म में वही मोहब्बत, इमोशन और फैमिली ड्रामा जैसी बुनियादी चीज़ें है लेकिन ये बताती है कि लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध के बीच स्मार्ट आइडिया और तकनीक से कैसे फ़िल्म बनाई जा सकती है.

इस फ़िल्म में आप देखेंगे कि मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिक्योरिटी कैमरा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, सर्च इंजन, वीडियो कॉल और किरदारों के बीच चैट्स के साथ कैसे फिल्म आगे बढ़ती है.

इस फ़िल्म के किरदार दुनिया में अलग-अलग जगह हैं और इन सभी तकनीकों के ज़रिए एक-दूसरे से बात कर रहे हैं.

टिंडर के ज़रिए प्यार शुरू होता है, एक्टर्स फ़ेसबुक मैसेज और जीमेल से कनेक्ट होते हैं और गूगल सर्च से राज़ खुलता है.

 

कोरोना काल में सर्कस वालों की चुनौतियां

 

जब फ़िल्म में एयरपोर्ट या दफ्तरों की तस्वीरें दिखाने की ज़रूरत थी, तो महेश ने अपनी पुरानी फ़िल्मों का फुटेज ले लिया जो पहले इस्तेमाल नहीं हुआ था. कुछ दोस्तों से भी उधार लिया.

महेश कहते हैं, “हमने वही किया जिसे भारत में जुगाड़ कहा जाता है ताकि घर से काम हो सके.”

ऐसा दिख रहा है कि जुगाड़ काम कर गया.



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