पटाखे बैन करने को लेकर NGT ने कहा- ज़िन्दगी का जश्न मनाइए, मौत का नहीं

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सर्दियों की सुगबुगाहट के साथ ही हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है. दिवाली से पहले पटाखों को लेकर एक बार फिर से बहस शुरू हो गयी है कि इन्हें बैन करना चाहिए या नहीं. इसी मामले में गुरुवार, 5 नवंबर को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT ) में पटाखों को 30 नवंबर तक पूरी तरह बैन करने को लेकर सुनवाई हुई. इस दौरान NGT ने कई अहम बातें कहीं.

 

सुनवाई में क्या हुआ

सुनवाई के दौरान बैन न करने के पक्ष में पटाखा बनाने से जुड़े एसोसिएशन ने कोर्ट में कहा कि ये सीधे 10 लाख लोगों के रोजगार से जुड़ा मामला है. खासकर ऐसे वक़्त में, जब कोविड के चलते कई लोग बेरोज़गार हो गए हैं, पटाखे बनाने से जुड़े लोगों के रोजगार को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए. एसोसिएशन ने ग्रीन पटाखों का भी ज़िक्र किया और कहा कि इससे 30 प्रतिशत से भी कम प्रदूषण होता है.

इस पर NGT कोर्ट ने कहा कि हम ग्रीन पटाखों को चलाने के खिलाफ नहीं है. हम सिर्फ़ कुछ वक़्त के लिए इसको बैन करके को लेकर बात कर रहे है, जिससे प्रदूषण को और बढ़ने से रोका जा सके. रोज़गार वाली बात पर NGT ने कहा-

“हमारे आदर्श महात्मा गांधी हैं, जिन्होंने कहा था- ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए जो पीर पराई जाने रे.’ हमें पटाखों को बनाने वालों से सहानभूति है. लेकिन क्या आप लोगों को आम लोगों के स्वास्थ्य या उनकी जान से सहानुभूति है. अगर किसी एक व्यक्ति की भी मौत प्रदूषण के चलते होती है, तो हम इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते.”

 

वकील को लगाई फटकार

पर्यावरण मंत्रालय के वक़ील ने कहा कि अभी तक ऐसी कोई स्टडी नहीं है, जिससे ये साफ़ हो सके कि पटाखे चलाने से कोविड के मामले बढ़ेंगे. NGT कोर्ट ने वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि अगर आपको पर्यावरण कानूनों की जानकारी है, तो आपको इतना तो पता ही होगा कि किसी भी चीज़ को लागू करने के लिए स्टडी करने की जरूरत होती है, किसी भी चीज़ पर बैन लगाने के लिए नहीं.

 

दिल्ली सरकार ने क्या कहा

इसी बीच दिल्ली सरकार ने कहा कि अगर हम पटाखों पर बैन लगाते हैं, तो इसकी रिपोर्ट कल (6 नवंबर) तक कोर्ट में दाखिल कर देंगे.

वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने वीडियो के ज़रिये दिल्लीवासियों से पटाखे न जलाने की अपील की और कहा-

“आप लोगों से मेरी अपील है कि किसी भी हाल में पटाखे न जलाएं. पटाखे फोड़कर आप अपने परिवार की ज़िन्दगी से खेल रहे हैं. 14 नवंबर की शाम को 7 बजकर 49 मिनट से हम सभी दो करोड़ दिल्लीवासी एकसाथ लक्ष्मी पूजा मनाएंगे. मैं टीवी पर लाइव टेलीकास्ट के ज़रिये पूजा की शुरुआत करूंगा.”

इधर असम सरकार ने कहा कि उनके राज्य में पराली जलाने की समस्या नहीं है, हवा साफ है, इस आधार पर पटाखे जलाने की इजाजत दी जाए. इस पर कोर्ट ने कहा कि जिन राज्यों में हवा मोडरेट स्तर पर है, वहां पटाखे जलाए जा सकते हैं.

 




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