तुर्की में ऐसा क्या मिला, जिसकी कीमत कई देशों की GDP से भी ज्यादा है?

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तुर्की का एक तटीय इलाका है, जिसे मर्मरा क्षेत्र के नाम से जाना जाता है. यहां का बिल्सीक प्रदेश इस वक्त सुर्ख़ियों में है. क्यों? क्योंकि यहां सोने का खजाना मिला है. कितना सोना है? करीब 99 टन. इसकी मौजूदा कीमत करीब 600 करोड़ डॉलर आंकी जा रही है. भारतीय रुपये में हिसाब लगाएं तो ये करीब 44,000 करोड़ रुपये बैठती है. यह रकम कई देशों की जीडीपी से भी ज्यादा है. इन देशों में फिजी, मालदीव, लाइबेरिया, भूटान आदि कई देश शामिल हैं.

मर्मरा की जिस खनिज साइट से यह सोना मिला है, वह फ़र्टिलाइज़र प्रोड्यूसर कंपनी गुब्रेतास के अधीन है. गुब्रेतास के चेयरमैन फ़हरेतीन पोयराज ने तुर्की की न्यूज़ एजेंसी अनादोलू से बातचीत के दौरान खजाना मिलने की जानकारी दी. इसके बाद कंपनी के शेयर में करीब 28 फीसद की बढ़ोतरी देखी गई है. पोयराज ने बताया कि उनकी गुब्रेतास उर्वरक कंपनी ने साल 2019 में कोर्ट के फैसले के बाद एक दूसरी कंपनी से इस जगह का नियंत्रण हासिल किया था.

पोयराज ने दावा किया कि ये नई खदान दुनिया की टॉप पांच सोने की खदान में से एक है. अगले दो साल में इस खदान से सोने को निकाला लिया जाएगा. इससे तुर्की की इकॉनमी को बड़ा बूस्ट मिलेगा. तुर्की के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री फेथ डॉनमेज ने बताया कि सितंबर में तुर्की ने 38 टन सोने का उत्पादन करके रिकॉर्ड तोड़ा था. अगले पांच साल में गोल्ड के सालाना उत्पादन को 100 टन पहुंचाने का लक्ष्य है.

पाकिस्तान की न्यूज़ वेबसाइट ने दावा किया है कि जहां सोने की खदान मिली है, वहीं एर्तुगरुल ग़ाज़ी को जहां दफ़नाया गया था. सोशल मीडिया पर भी कई लोगों ने ऐसे दावे किए हैं. यह सच है कि एर्तुगरुल ग़ाज़ी को बिल्सीक प्रदेश के सोगात इलाके में दफ़नाया गया था, और सोने की ये खदान भी बिल्सीक प्रदेश में ही मिली है.

 

जाते-जाते एर्तुगरुल ग़ाज़ी को जानते जाइए

एर्तुगरुल ग़ाज़ी ऑटोमन साम्राज्य के संस्थापक उस्मान के पिता थे. एर्तुगरुल ग़ाज़ी  को एक सेनानी के तौर पर जाना जाता है. एर्तुगरुल नाम से नेटफ्लिक्स पर एक शो भी है, जिसकी कई सीरीज़ आ चुकी हैं. इस शो को दुनियाभर में खूब सराहा गया है.




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