जिम या योगा क्या है आपके लिए बेस्ट ?

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जिम या योगा को लेकर अलग अलग हेल्थ एक्सपर्ट कि अलग अलग राय है ! एक और जहाँ जिम में मशीनों कि सहायता से शरीर कि मांसपेशियों को बलिष्ठ स्वरुप दिया जाता है वहीं दूसरी ओर योग में शरीर के भार का उपयोग करके विभिन्न आसनों के द्वारा शरीर को लचीला और सम्पूर्ण स्वस्थ बनाया जाता है ! योग तनाव को कम करता है साथ ही मन और आत्मा को बलिष्ठ बनता है !

योग को सिर्फ एक शारीरिक व्या याम ही नहीं है। दरअसल, योग से सिर्फ शरीर, मांसपेशियों व हड्डियों की कसरत ही नहीं होती, बल्कि इससे आंतरिक अंगों और शरीर की अपने-आप चलने वाली प्रणालियों की भी कसरत होती है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिससे उन चीजों को भी अपने वश में किया जा सकता है, जिस पर अमूमन हमारा कोई जोर या अधिकार नहीं होता। दूसरे शब्दों में यह कुछ ऐसा ही जैसे आप अपनी शारीरिक प्रणाली पर इतनी कुशलता हासिल कर लें कि आपके भीतर जो चीज अनजाने में और जबरदस्ती हो रही है, वह धीरे-धीरे सचेतन होने लगे। यह जीवन में होश और जागरूकता पैदा करता है।

जिम में एक्सरसाइज करते समय और जिम बंद कर देने के बाद भी शारीर को नुकसान हो सकता है ! जिम में शारीर कि क्षमता से अधिक वर्क आउट करते समय हार्ट बिट्स बड जाती है जिससे सिने, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है ! जिम में बंद कमरे में एक्सरसाइज कि जाती है फलस्वरूप वंहा ऑक्सीजन कि कमी हो सकती है, धुप न मिलने से शरीर में विटामिन D कि कमी हो सकती है ! साथ ही एक ही मशीन पर कई लोग एक्सरसाइज करते है इस स्थिति में एक दुसरे के पसीने से इन्फेक्शन फेलने का डर बना रहता है ! इसे भी पढ़े –सूर्य स्नान करके मुफ्त में पाए शरीर के लिए विटामिन D

कई बार जिम के द्वारा जल्दी शरीर बनाने के चक्कर में एक्स्ट्रा हेल्थ सप्लीमेंट ले लिए जाते है इससे आप के शरीर में नुकसान भी हो सकता है ! जिम जाने से हमारी मांसपेशियों को वर्क आउट कि आदत हो जाती है और यदि किसी कारण से जिम बंद करना पड़ा तो कुछ समय के बाद शरीर के जोड़ों में दर्द हो सकता है ! साथ ही आप का वजन तेजी से बड़ने लगता है ! आपका स्टेमना कम होने लगता है ! मसल्स कमजोर तथा ढीले हो जाते है ! शरीर का आलस बड जाता है ! इन वजहों से आप तनाव में आ सकते है ! मानसिक शांति भंग हो सकती है !

वहीँ हम योग कि बात करे तो योग सिर्फ एक शारीरिक व्या याम ही नहीं है। दरअसल, योग से सिर्फ शरीर, मांसपेशियों व हड्डियों की कसरत ही नहीं होती, बल्कि इससे आंतरिक अंगों और शरीर की अपने-आप चलने वाली प्रणालियों की भी कसरत होती है। योग में व्यायाम करने के लिए अपने शरीर के वजन का ही इस्तेमाल किया जाता है। इससे आपको कोई बहाना भी नहीं मिलेगा कि आपके आसपास कोई जिम नहीं है। आप जहां भी हैं, वहीं व्यायाम कर सकते हैं। आपका शरीर तो आपके साथ है ही इसे खुले में छत पर कर सकते है जंहा हमें धुप के द्वारा विटामिन D और ऑक्सीजन दोनों पर्याप्त मात्रा में मिल जाते है !

योग के आसनों को नेचुरल तरीके से आगे पीछे झुक कर या अंगो को मोड़ करे शरीर के ही भार द्वारा करते है ! जो शरीर को लाभ पहुचाते है ! जिम में तेज संगीत बजाते है जिसे आक्रामकता बडती है वही योग से मन में शांति का अनुभव होता है !

उपरोक्त से हम निष्कर्ष निकाल सकते है कि यदि आप सिर्फ हेल्दी दिखना चाहते है या मसल्स बनाना चाहते है तो बेशक जिम जाये किन्तु आप शरीर को फिट रखना चाहते है साथ ही मन को भी स्वस्थ और फिट रखना हे तो सिर्फ योग करे !

 

 




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