‘कागज़’ ट्रेलर : खुद को ज़िंदा साबित करने की लड़ाई लड़ेंगे पंकज त्रिपाठी

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साल 1974 में एक फिल्म आई थी. नाम था ‘कोरा कागज़’. अब साल 2021 में एक फिल्म आने वाली है, जिसका नाम होगा ‘कागज़’. ये सरकारी कागज़ है. इसमें जो शब्द लिखे हैं, उससे एक आदमी की पूरी ज़िंदगी जुड़ जाती है. इसी एक कागज़ पर एक जीते-जागते इंसान को मरा हुआ करार दे दिया जाता है. खुद को ज़िंदा साबित करने की इसी कहानी को पर्दे पर बयान करेगी ये नई फिल्म. जिसका ट्रेलर रिलीज़ हुआ है. क्या है इसकी कहानी, कैसा है ट्रेलर, फिल्म में कौन-कौन है, सब बताएंगे.

 

1. क्या है फिल्म की कहानी

कागज़ फिल्म के ट्रेलर से लिया गया एक सीन.

 

‘कागज़’ की कहानी है भरत लाल की. जिसकी एक प्यारी सी बीवी है और बच्चा है. बारातों में बैंड-बाजा बजाने का काम करता है. फिर एक दिन अचानक ही उसे पता चलता है कि सरकारी कागज़ों में उसे मृत घोषित कर दिया गया है. यहीं से शुरू होती है उसके ज़िंदा होने की कहानी. कितने पापड़ बेलते हुए, कोर्ट रूम और वकीलों के चक्कर काटता है. एक जीता जागता इंसान खुद के जीवित होने का सबूत देता है. संघर्ष करता है. इसी की कहानी है ‘कागज़’.

 

सच्ची घटना से प्रेरित है कहानी

इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी ने आज़मगढ़ के रहने वाले भरत लाल उर्फ लाल बिहारी का रोल अदा किया है, जिन्हें सिस्टम ने मृतक घोषित कर दिया था, जबकि वो ज़िंदा थे. इसके बाद उन्होंने छोटी-मोटी नहीं बल्कि लंबी लड़ाई सालों तक लड़ी. खुद को ज़िंदा साबित किया. फिल्म में उन्हीं के संघर्ष की कहानी को बखूबी दिखाया जाएगा. इसकी झलक ट्रेलर में साफ दिखाई देती है.

 

2. कैसा है ट्रेलर?

पंकज त्रिपाठी की इस फिल्म का पोस्टर कुछ दिनों पहले आया था.

 

ठीक-ठाक है. ना बहुत अच्छा कहा जा सकता है, और ना ही खराब. शुरुआत होती है गांव के एक घर से, जहां लोगों की भीड़ जमा है. किसी के मर जाने का मातम मनाया जा रहा है. जब एक शख्स, भरत लाल से पूछता है कि कौन मर गया तो वो कहते हैं, ‘हम ही मर गए’. इसके बाद शुरू होती है लड़ाई, खुद को ज़िंदा साबित करने की. पहले वो सरपंच के पास जाता है, और कहता है कि उन्हें पेपर पर ज़िंदा कर दीजिए. तो उन्हें वहां से रवानगी दे दी जाती है. फिर कोर्ट पहुंचता है तो वकील यहां-वहां घुमाकर पैसा ऐंठते नज़र आता है. बच्चे और गांव वाले उन्हें मरा हुआ और भूत बोलकर चिढ़ाने लगते हैं. फिर इस मामले में मीडिया आगे आती है. आदमी से ज्यादा कागज़ को दी गई अहमियत को इस फिल्म में दिखाया गया है. 2 मिनट 39 सेकेंड के ट्रेलर के सेंकेड हाफ में पंकज त्रिपाठी कुछ शानदार डायलॉग बोलते दिखाई देते हैं. जैसे एक सीन में कोर्ट रूम के अंदर वो बोलते हैं-

”कुछ लोगों ने हमारे साथ गलत किया है तो उनको बताना है कि वो गलत किए हैं. धर्मयुद्ध है अब, मान, सम्मान, पहचान की लड़ाई है.”

”आप कागज़ की सुनेंगे या इंसान की सुनेंगे, दिल इंसान के धड़कत है या कागज़ में धड़कत है. बाल, बच्चा, मेहरारू कागज के होत हैं कि इंसान के होत हैं.”

जिंदा बने रहने की इसी लड़ाई को लेकर वो संसद तक पहुंच जाते हैं. आखिर में उन्हें उनका नाम वापस मिलता है. लेकिन कागज़ पर वो फिर से ज़िंदा होते हैं या नहीं, ये तो फिल्म की रिलीज़ के बाद ही पता चलेगा.

3. कौन-कौन हैं फिल्म में?

पंकज त्रिपाठी

 

पकंज त्रिपाठी

 

ये फिल्म के लीड किरदार हैं. मगर हाल ही में ‘मिर्ज़ापुर 2’ रिलीज़ हुई थी. उसमें कालीन भईया के दबंग किरदार से पंकज त्रिपाठी का ये भरत लाल का किरदार बिल्कुल अलग है. ना वो इसमें तड़-तड़ गोलियां चलाएंगे, और ना ही उनके एक इशारे पर गुंडे खड़े हो जाएंगे. एक्टिंग की यही वर्सटैलिटी इस फिल्म में नज़र आएगी.

मोनाली गज्जर

पंकज त्रिपाठी के अपोज़िट फिल्म में नज़र आएंगी मोनाली गज्जर. जो गुजराती, तेलगू और तमिल एक्ट्रेस हैं. उन्होंने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत मलयालम फिल्म ड्रैकुला से की थी. इस साल उन्होंने बिग बॉस तेलगु के चौथे सीज़न में भी एंट्री ली थी. इससे पहले मोनाली साल 2013 में आई आशा भोंसले की फिल्म माई में स्पेशल अपीयरेंस दे चुकी हैं.

अमर उपाध्याय

ट्रेलर देखकर पता चलता है कि मूवी में अमर उपाध्याय एक दबंग नेता के किरदार में हैं. अमर कई सारी फिल्मों और टीवी शोज़ में नज़र आ चुके हैं. देख भाई देख, मेंहदी तेरे नाम की, क्योंकि सास भी कभी बहू थी, कलश, साथिया प्यार का, नया एहसास जैसे कई सारे शोज़ भी कर चुके हैं.

सतीश कौशिक

 

सतीश कौशिक ने फिल्म में वकील का किरदार निभाया है.

 

फिल्म में सतीश कौशिक भी दिखाई देंगे, जो वकील के किरदार में होंगे. इसके पहले सतीश कौशिक हंसल मेहता की फिल्म ‘छलांग’ में भी दिखाई दिए हैं.

 

4. किसने बनाई है?

सतीश कौशिक. जो फिल्म के डायरेक्टर भी हैं और लिखी भी उन्होंने ही है. फिल्म को प्रोड्यूस किया है सलमान खान, निशांत कौशिक, विकास मालु और विशाल वत्स ने. सलमान खान ने अपने सोशल मीडिया पर फिल्म का ट्रेलर भी शेयर किया है.

5. कब और कहां देख सकेंगे?

कोरोना के दौर में पंकज त्रिपाठी की ये फिल्म भी डिजिटली रिलीज़ होगी. 7 जनवरी 2021 को इसे जी 5 प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकता है. उत्तर प्रदेश के कुछ चुनिंदा शहरों में इसे थिएटर में भी रिलीज़ किया जाएगा. हालांकि वो शहर कौन से होंगे, अभी इसकी जानकारी नहीं मिली है.




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