हेल्थ-टिप्स

sunBath3-e1592040004452.jpg

adminJune 13, 20201min2050

मानव शरीर के विकास के लिए आवश्यक तत्वों में विटामिन D का विशेष महत्व है । शरीर के लिए जरुरी विटामिन D का लगभग 80% सूर्य से तथा 20% बादाम, दुध, अंडा , मछली आदि से प्राप्त होता है । शहरों में रहने वाले करीब 70 से 80 प्रतिशत लोग विटमिन D की कमी से होने वाली समस्याओं से जूझ रहे हैं। ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी ही नहीं होती कि विटामिन D को सूर्य स्नान करके धुप से मुफ्त में प्राप्त किया जा सकता है ।कई लोग इस बात को मानने को तैयार नहीं होते कि धूप न सेंकने की वजह से भी वे बीमार पड़ सकते हैं। सूर्य स्नान से प्राप्त विटमिन D शरीर को मजबूती देने वाली हड्डियों के लिए तो महत्पूर्ण है ही इसके आलावा यह कई दूसरी बीमारियों से भी बचाता है।

सूर्य स्नान का महत्व

पृथ्वी पर उपस्थित प्रत्येक जड़  एवं चेतन प्रकृति के लिए सूर्य की ऊर्जा का विशेष महत्व है । जिस प्रकार सूर्य की किरणों से पेड़ पौधे अपना विकास करते है उसी प्रकार मनुष्य के स्वस्थ शारीरिक विकास में सूर्य का बड़ा महत्व है । वैदिक और पौराणिक काल से हिंदू धर्म में सूर्य का आध्यात्मिक महत्व रहा है। प्राचीन ग्रंथ अथर्व-वेद के अनुसार जो व्यक्ति सूर्योदय के समय सूर्य की किरणों का सेवन करता है, उसे कभी कोई रोग  नहीं होता हैं। किन्तु वर्तमान में विज्ञान ने भी यह सिद्ध किया है कि मनुष्य के शरीर को लम्बे समय तक स्वस्थ एवं चलायमान बनाने के लिए कुछ समय धुप स्नान या सूर्य स्नान करना अत्यंत लाभकारी है ।

सूर्य स्नान कब और कैसे करे-

  • सूर्य स्नान केवल सुबह के समय करना चाहिए, क्योंकि उस वक्त की सूर्य की गर्मी सहनीय होती है और शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाती। लेकिन सर्दियों में आप धूप किसी भी समय ले सकते हैं।
  • सूर्य स्नान करते समय ध्यान रखे कि सूर्य की किरणें सीधी सिर पर नहीं पड़े ।
  • सूर्य स्नान 10 से लेकर 30 मिनिट तक कर सकते है ।
  • व्यायाम, योग व टहलते हुए भी सूर्य स्नान कर सकते है ।
  • सुबह जंहा धुप हो एसे स्थान पर कम एवं हलके कपड़ों में सूर्य की तरफ पीठ कर इस तरह बैठे की अधिक से अधिक धूप अपनी रीढ़ की हड्डी तक पहुंचे । छाती के बल लेटकर भी सूर्य स्नान कर सकते है।
  • तेल मालिश करके भी सूर्य स्नान कर सकते है। इससे शरीर में स्फूर्ति के साथ ही त्वचा में चमक भी आती है।
  • सूर्य स्नान के बाद कुछ समय छांव में टहलना या फिर पानी से स्नान करना चाहिए।

सूर्य स्नान के लाभ-

  • सूर्य स्नान शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाता है।
  • सूर्य स्नान करते समय हमारे शरीर में विटामिन D का निर्माण स्वत: शुरू हो जाता है इससे रक्‍त में कैल्शियम, फास्‍फोरस तथा लौह तत्‍व की मात्रा बढ़ती है। इससे हड्डियां मजबूत होती हैं। जो लोग धूप का सेवन बराबर करते हैं, उनकी हड्डियां पूरी उम्र मजबूत रहती हैं और शरीर को कई रोगों से लड़ने की क्षमता मिलती है।
  • सूर्य स्नान से हमारे स्नायुमंडल को शक्ति मिलती है। इससे चर्मरोग एवं गठिया में लाभ मिलता है, उच्च रक्तचाप में कमी आती है और दिल के दौरे तथा स्ट्रोक का खतरा  भी कम हो जाता है ।
  • यह कैंसर को रोकने में मदद करता है।

सूर्य स्नान के समय रखने वाली सावधानी-

  • सूर्य स्नान करते समय आपके सिर एवं आँखों पर छाया हो इसके लिए आप आँखों पर कला चश्मा तथा सिर पर गिला तकिया रख सकते है ।
  • यदि सूर्य की किरणें तेज लगे व सहन न हो तो धुप से हट जावें ।
  • सूर्य स्नान के कुछ समय बाद सादे पानी से नहाये ।
  • सूर्य स्नान का समय धीरे धीरे बढ़ाये ।
  • यदि सूर्य के सामने बैठने पर चक्कर आवें तो डॉक्टर से मिले ।

इसे भी पढ़े –जिम या योगा क्या है आपके लिए बेस्ट ?


1209.jpg

adminMay 16, 20201min4670

जिम या योगा को लेकर अलग अलग हेल्थ एक्सपर्ट कि अलग अलग राय है ! एक और जहाँ जिम में मशीनों कि सहायता से शरीर कि मांसपेशियों को बलिष्ठ स्वरुप दिया जाता है वहीं दूसरी ओर योग में शरीर के भार का उपयोग करके विभिन्न आसनों के द्वारा शरीर को लचीला और सम्पूर्ण स्वस्थ बनाया जाता है ! योग तनाव को कम करता है साथ ही मन और आत्मा को बलिष्ठ बनता है !

योग को सिर्फ एक शारीरिक व्या याम ही नहीं है। दरअसल, योग से सिर्फ शरीर, मांसपेशियों व हड्डियों की कसरत ही नहीं होती, बल्कि इससे आंतरिक अंगों और शरीर की अपने-आप चलने वाली प्रणालियों की भी कसरत होती है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिससे उन चीजों को भी अपने वश में किया जा सकता है, जिस पर अमूमन हमारा कोई जोर या अधिकार नहीं होता। दूसरे शब्दों में यह कुछ ऐसा ही जैसे आप अपनी शारीरिक प्रणाली पर इतनी कुशलता हासिल कर लें कि आपके भीतर जो चीज अनजाने में और जबरदस्ती हो रही है, वह धीरे-धीरे सचेतन होने लगे। यह जीवन में होश और जागरूकता पैदा करता है।

जिम में एक्सरसाइज करते समय और जिम बंद कर देने के बाद भी शारीर को नुकसान हो सकता है ! जिम में शारीर कि क्षमता से अधिक वर्क आउट करते समय हार्ट बिट्स बड जाती है जिससे सिने, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है ! जिम में बंद कमरे में एक्सरसाइज कि जाती है फलस्वरूप वंहा ऑक्सीजन कि कमी हो सकती है, धुप न मिलने से शरीर में विटामिन D कि कमी हो सकती है ! साथ ही एक ही मशीन पर कई लोग एक्सरसाइज करते है इस स्थिति में एक दुसरे के पसीने से इन्फेक्शन फेलने का डर बना रहता है ! इसे भी पढ़े –सूर्य स्नान करके मुफ्त में पाए शरीर के लिए विटामिन D

कई बार जिम के द्वारा जल्दी शरीर बनाने के चक्कर में एक्स्ट्रा हेल्थ सप्लीमेंट ले लिए जाते है इससे आप के शरीर में नुकसान भी हो सकता है ! जिम जाने से हमारी मांसपेशियों को वर्क आउट कि आदत हो जाती है और यदि किसी कारण से जिम बंद करना पड़ा तो कुछ समय के बाद शरीर के जोड़ों में दर्द हो सकता है ! साथ ही आप का वजन तेजी से बड़ने लगता है ! आपका स्टेमना कम होने लगता है ! मसल्स कमजोर तथा ढीले हो जाते है ! शरीर का आलस बड जाता है ! इन वजहों से आप तनाव में आ सकते है ! मानसिक शांति भंग हो सकती है !

वहीँ हम योग कि बात करे तो योग सिर्फ एक शारीरिक व्या याम ही नहीं है। दरअसल, योग से सिर्फ शरीर, मांसपेशियों व हड्डियों की कसरत ही नहीं होती, बल्कि इससे आंतरिक अंगों और शरीर की अपने-आप चलने वाली प्रणालियों की भी कसरत होती है। योग में व्यायाम करने के लिए अपने शरीर के वजन का ही इस्तेमाल किया जाता है। इससे आपको कोई बहाना भी नहीं मिलेगा कि आपके आसपास कोई जिम नहीं है। आप जहां भी हैं, वहीं व्यायाम कर सकते हैं। आपका शरीर तो आपके साथ है ही इसे खुले में छत पर कर सकते है जंहा हमें धुप के द्वारा विटामिन D और ऑक्सीजन दोनों पर्याप्त मात्रा में मिल जाते है !

योग के आसनों को नेचुरल तरीके से आगे पीछे झुक कर या अंगो को मोड़ करे शरीर के ही भार द्वारा करते है ! जो शरीर को लाभ पहुचाते है ! जिम में तेज संगीत बजाते है जिसे आक्रामकता बडती है वही योग से मन में शांति का अनुभव होता है !

उपरोक्त से हम निष्कर्ष निकाल सकते है कि यदि आप सिर्फ हेल्दी दिखना चाहते है या मसल्स बनाना चाहते है तो बेशक जिम जाये किन्तु आप शरीर को फिट रखना चाहते है साथ ही मन को भी स्वस्थ और फिट रखना हे तो सिर्फ योग करे !

 

 



Contact

CONTACT US


Social Contacts



Newsletter


You cannot copy content of this page